यूपी: बाराबंकी में आधी रात हाईवे पर खून से लथपथ मिले पिता-पुत्र के शव, मुंडन संस्कार में गए थे, वाहन मिला गायब
बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर डुबकी गांव के पास पिता और चार वर्षीय बेटे के शव खून से लथपथ मिले। दोनों रामनगर में मुंडन संस्कार में शामिल होकर साइकिल से घर लौट रहे थे। पुलिस अज्ञात वाहन की टक्कर से हादसे की आशंका जता रही है। साइकिल गायब है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर डुबकी गांव के पास रविवार रात करीब 12 बजे फतेहपुर के करीमाबाद निवासी ननकू (35) और उनके चार वर्षीय बेटे अंकुश के खून से लथपथ शव मिले। दोनों के शव करीब 100 मीटर की दूरी पर पड़े थे।
सोमवार सुबह उनकी पहचान हुई। पुलिस अज्ञात वाहन की चपेट में आने से हादसे की आशंका जता रही है। हालांकि, ननकू की साइकिल का पता नहीं चल सका है। पुलिस की दो टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही हैं।
ननकू की पत्नी अनीता देवी ने बताया कि रविवार को रामनगर के सिरौलीकला गांव में उनकी चचेरी बहन के यहां मुंडन संस्कार था। ननकू दोपहर में बेटे अंकुश को साइकिल से लेकर वहां गए थे। रात करीब 11 बजे फोन पर बात हुई तो उन्होंने घर लौटने की बात कही थी। देर रात तक नहीं आने पर परिजनों ने समझा कि वह वहीं रुक गए होंगे।
भोर में पता चला कि ननकू बेटे को लेकर रात में ही साइकिल से निकल गए थे। इसी बीच डुबकी गांव के पास हाईवे पर पिता-पुत्र के शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची अनीता पति और बेटे के शव देखकर बिलख पड़ीं।
जांच में पता चला कि डुबकी गांव में ही ननकू की बुआ की ससुराल है। वह वहां भी अक्सर जाते थे। पुलिस आशंका जता रही है कि बुआ के घर जाते समय वह हादसे का शिकार हुए होंगे। एएसपी विवेक तिवारी ने बताया कि हर पहलू पर जांच की जा रही है।
100 मीटर तक घिसटता गया ननकू
प्रारंभिक जांच में पुलिस का अनुमान है कि साइकिल अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई। इस दौरान ननकू वाहन में फंसकर करीब 100 मीटर तक घिसटते चले गए। आशंका है कि साइकिल भी वाहन में फंसकर दूर तक चली गई हो।
यह भी संभावना है कि रास्ते में साइकिल लावारिस मिलने पर कोई उसे उठा ले गया हो। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सीओ गरिमा पंत ने बताया कि घटनास्थल और आसपास साइकिल नहीं मिली है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इकलौता बेटा था अंकुश
ननकू अपने पीछे छह वर्षीय बेटी शिल्पी, एक वर्षीय रागिनी और पत्नी अनीता को छोड़ गए हैं। अंकुश उनका इकलौता बेटा था। पति और बेटे को खोने के बाद अनीता के आंसू थम नहीं रहे हैं। एक साल की रागिनी को पिता और भाई के हमेशा के लिए बिछड़ने का अहसास भी नहीं है। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजन हादसे को लेकर चर्चा करते रहे।