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Barabanki News: चाचा के हत्यारे पांच भाइयों को उम्रकैद
Sat, 12 Aug 2023 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 12 Aug 2023 01:22 AM IST
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बाराबंकी। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट राजीव कुमार ने सरेशाम हुई चाचा की हत्या के मामले में पांच सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक पर 36500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
घटना वर्ष 2016 में दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सैदखानपुर में हुई थी, जहां अभियुक्तों ने एक व्यक्ति की बम और असलहों से हत्या कर दी थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि 12 जनवरी 2016 को सैदखानपुर थाना दरियाबाद निवासी रामसमुझ अपने पोते धीरेंद्र के साथ साइकिल से बाजार से लौट रहे थे। उसके पीछे थोड़ी दूर पर उसका बेटा दुखहरन भी घर लौट रहा था। संपत्ति विवाद में भाई रामपाल के पुत्र दिनेश, मुकेश, राकेश, राजू उर्फ राजकुमार तथा रमेश पहले से ही देसी बम व तमंचों से लैस होकर घात लगाए बैठे थे। रामसमुझ को देखते ही ललकारा और कहा कि गोली मार दो।
पांचों अभियुक्तों ने देसी बम व तमंचे से रामसमुझ पर हमला कर दिया। धीरेंद्र डर के मारे साइकिल से कूदकर भाग गया। मौके पर ही रामसमुझ की मौत हो गई। पीछे से जब उसका बेटा दुखहरन पहुंचा तो आरोपी भाग गए थे। मामले की रिपोर्ट बेटे दुखहरन ने थाना दरियाबाद में दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने रमेश व राकेश के पास से 12 बोर का तमंचा व अन्य के कब्जे से देसी बम बरामद किए थे। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने अभियुक्तों को सजा सुनाई। जुर्माने की रकम से 25000 रुपये वादी को दिए जाएंगे।
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घटना वर्ष 2016 में दरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम सैदखानपुर में हुई थी, जहां अभियुक्तों ने एक व्यक्ति की बम और असलहों से हत्या कर दी थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि 12 जनवरी 2016 को सैदखानपुर थाना दरियाबाद निवासी रामसमुझ अपने पोते धीरेंद्र के साथ साइकिल से बाजार से लौट रहे थे। उसके पीछे थोड़ी दूर पर उसका बेटा दुखहरन भी घर लौट रहा था। संपत्ति विवाद में भाई रामपाल के पुत्र दिनेश, मुकेश, राकेश, राजू उर्फ राजकुमार तथा रमेश पहले से ही देसी बम व तमंचों से लैस होकर घात लगाए बैठे थे। रामसमुझ को देखते ही ललकारा और कहा कि गोली मार दो।
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पांचों अभियुक्तों ने देसी बम व तमंचे से रामसमुझ पर हमला कर दिया। धीरेंद्र डर के मारे साइकिल से कूदकर भाग गया। मौके पर ही रामसमुझ की मौत हो गई। पीछे से जब उसका बेटा दुखहरन पहुंचा तो आरोपी भाग गए थे। मामले की रिपोर्ट बेटे दुखहरन ने थाना दरियाबाद में दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने रमेश व राकेश के पास से 12 बोर का तमंचा व अन्य के कब्जे से देसी बम बरामद किए थे। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने अभियुक्तों को सजा सुनाई। जुर्माने की रकम से 25000 रुपये वादी को दिए जाएंगे।
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