{"_id":"5a297fa14f1c1b72548c1d8a","slug":"two-sisters-kidnaped","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बहनों का अपहरण, लखनऊ में वैन से कूद भागीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बहनों का अपहरण, लखनऊ में वैन से कूद भागीं
बाराबंकी
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन
kidnapping
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में बृहस्पतिवार सुबह दो सगी बहनों का अपहरण कर लिया गया। दोनों लखनऊ के डालीगंज इलाके में वैन से कूदकर भाग निकलीं। दोनों डरी-सहमी सिटी स्टेशन पहुंची जहां आरपीएफ के सिपाहियों ने उन्हें संभालकर परिवारीजनों को सूचना दी।
बच्चियों के पिता लखनऊ पहुंचे और उन्हें बाराबंकी लाकर वहां सिटी कोतवाली में बदमाशों के खिलाफ लिखित शिकायत की। देर रात तक बाराबंकी पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी।
बाराबंकी शहर कोतवाल ने बताया कि इलाके में रहने वाले एक हिंदू संगठन के पदाधिकारी व पूजा-पाठ का काम करने वाले युवक की 12 और छह वर्षीय बेटियां कान्वेंट स्कूल में कक्षा छह व एक में पढ़ती हैं। बृहस्पतिवार सुबह दोनों पैदल स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं।
विज्ञापन
जैसे ही दोनों सत्यप्रेमीनगर स्थित रामसेवक यादव पार्क के पास पहुंची, सफेद रंग की वैन से आए चार बदमाशों ने उन्हें दबोच लिया। बदमाशों ने दोनों का मुंह दबाकर वैन में लाद लिया और भाग निकले। इलाकाई लोगों से परिवारीजनों को अपहरण की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया।
उधर, बदमाश बच्चियों को लेकर लखनऊ आए और डालीगंज सब्जी मंडी के पास वैन सड़क किनारे खड़ी करके किसी काम से चले गए। बच्चियों ने बदमाशों को जाते देखा तो वैन के पीछे के दरवाजे से कूदकर भाग निकलीं। दोनों बहनें पैदल भागते हुए सिटी स्टेशन पहुंच गईं। यहां आरपीएफ के सिपाहियों ने दहशत से सहमी बच्चियों को देखा तो उन्हें पुचकारकर बातचीत की। अपहरण का पता चलते ही सिपाहियों के होश उड़ गए।
उन्होंने बच्चियों से पिता का मोबाइल नंबर लेकर उनसे संपर्क किया। बच्चियों के लखनऊ में मिलने की खबर से परिवारीजनों की जान में जान आई। परिवारीजन लखनऊ पहुंचे तो बच्चियों ने आपबीती सुनाई। देर शाम बच्चियों को सकुशल बाराबंकी ले आया गया।
बच्चियों के पिता ने किसी से भी रंजिश अथवा विवाद की बात से इनकार किया है। उधर, लखनऊ की हसनगंज कोतवाली के एसएसआई संदीप मिश्रा ने बच्चियों के अपहरण और कार से कूदकर भागने की घटना के बारे में जानकारी से इनकार किया है।
पूछ रहे थे पापा का नाम और नंबर : बच्चियों ने बताया कि कार में बैठे अंकल ने उनका मुंह कपड़े से बांध दिया। रास्तेभर वह सिर्फ पापा का नाम और मोबाइल नंबर पूछते रहे। उन्होंने मारपीट नहीं की। न ही कोई धमकी दी। एक जगह (डालीगंज) पर अंकल लोग चॉकलेट लाने की बात कहकर कार से उतरकर चले गए। उन्होंने कार के दरवाजे लॉक कर दिए थे लेकिन पीछे डिग्गी वाला दरवाजा खुला रहा गया था जिससे वह कूदकर भाग निकलीं। छात्राओं ने कहा यदि पापा का नंबर दे देते तो वह लोग परेशान करते इसलिए उनका नाम व नंबर नहीं बताया।
बहादुरी से बच गई जान : भले ही उम्र में छोटी हो लेकिन दोनों बच्चियों की बहादुरी ने ही उन्हें इन अपराधियों के चंगुल से बचा लिया। दोनों ने बताया कि वह जब लखनऊ पहुंची तो आंखो की पट्टी खोलने के बाद बदमाश कार खड़ी कर कुछ सामान लेने चले गए इसी का फायदा उठाकर कार का लाक खोलकर वह भाग निकली। हालांकि यह कार सवार कौन है इसका पुलिस पता लगाएगी।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालेगी पुलिस : घटना के बाद अब हरकत में आई पुलिस घटनास्थल के आसपास घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुुटेज खंगालकर बदमाशों का पता लगाएगी। पीड़ित पिता ने किसी का नाम नहीं बताया लेकिन कुछ लोगों पर इस घटना को करने का शक जाहिर किया है। कोतवाल दिनेश सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
बच्चियों के पिता लखनऊ पहुंचे और उन्हें बाराबंकी लाकर वहां सिटी कोतवाली में बदमाशों के खिलाफ लिखित शिकायत की। देर रात तक बाराबंकी पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी।
विज्ञापन
बाराबंकी शहर कोतवाल ने बताया कि इलाके में रहने वाले एक हिंदू संगठन के पदाधिकारी व पूजा-पाठ का काम करने वाले युवक की 12 और छह वर्षीय बेटियां कान्वेंट स्कूल में कक्षा छह व एक में पढ़ती हैं। बृहस्पतिवार सुबह दोनों पैदल स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं।
विज्ञापन
जैसे ही दोनों सत्यप्रेमीनगर स्थित रामसेवक यादव पार्क के पास पहुंची, सफेद रंग की वैन से आए चार बदमाशों ने उन्हें दबोच लिया। बदमाशों ने दोनों का मुंह दबाकर वैन में लाद लिया और भाग निकले। इलाकाई लोगों से परिवारीजनों को अपहरण की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया।
उधर, बदमाश बच्चियों को लेकर लखनऊ आए और डालीगंज सब्जी मंडी के पास वैन सड़क किनारे खड़ी करके किसी काम से चले गए। बच्चियों ने बदमाशों को जाते देखा तो वैन के पीछे के दरवाजे से कूदकर भाग निकलीं। दोनों बहनें पैदल भागते हुए सिटी स्टेशन पहुंच गईं। यहां आरपीएफ के सिपाहियों ने दहशत से सहमी बच्चियों को देखा तो उन्हें पुचकारकर बातचीत की। अपहरण का पता चलते ही सिपाहियों के होश उड़ गए।
उन्होंने बच्चियों से पिता का मोबाइल नंबर लेकर उनसे संपर्क किया। बच्चियों के लखनऊ में मिलने की खबर से परिवारीजनों की जान में जान आई। परिवारीजन लखनऊ पहुंचे तो बच्चियों ने आपबीती सुनाई। देर शाम बच्चियों को सकुशल बाराबंकी ले आया गया।
बच्चियों के पिता ने किसी से भी रंजिश अथवा विवाद की बात से इनकार किया है। उधर, लखनऊ की हसनगंज कोतवाली के एसएसआई संदीप मिश्रा ने बच्चियों के अपहरण और कार से कूदकर भागने की घटना के बारे में जानकारी से इनकार किया है।
पूछ रहे थे पापा का नाम और नंबर : बच्चियों ने बताया कि कार में बैठे अंकल ने उनका मुंह कपड़े से बांध दिया। रास्तेभर वह सिर्फ पापा का नाम और मोबाइल नंबर पूछते रहे। उन्होंने मारपीट नहीं की। न ही कोई धमकी दी। एक जगह (डालीगंज) पर अंकल लोग चॉकलेट लाने की बात कहकर कार से उतरकर चले गए। उन्होंने कार के दरवाजे लॉक कर दिए थे लेकिन पीछे डिग्गी वाला दरवाजा खुला रहा गया था जिससे वह कूदकर भाग निकलीं। छात्राओं ने कहा यदि पापा का नंबर दे देते तो वह लोग परेशान करते इसलिए उनका नाम व नंबर नहीं बताया।
बहादुरी से बच गई जान : भले ही उम्र में छोटी हो लेकिन दोनों बच्चियों की बहादुरी ने ही उन्हें इन अपराधियों के चंगुल से बचा लिया। दोनों ने बताया कि वह जब लखनऊ पहुंची तो आंखो की पट्टी खोलने के बाद बदमाश कार खड़ी कर कुछ सामान लेने चले गए इसी का फायदा उठाकर कार का लाक खोलकर वह भाग निकली। हालांकि यह कार सवार कौन है इसका पुलिस पता लगाएगी।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालेगी पुलिस : घटना के बाद अब हरकत में आई पुलिस घटनास्थल के आसपास घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुुटेज खंगालकर बदमाशों का पता लगाएगी। पीड़ित पिता ने किसी का नाम नहीं बताया लेकिन कुछ लोगों पर इस घटना को करने का शक जाहिर किया है। कोतवाल दिनेश सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।