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Barabanki News: घटिया निर्माण से दो ले-बाई सन्नाटे में, एक बनी दलदल
Mon, 24 Nov 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 24 Nov 2025 12:14 AM IST
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बाराबंकी। हैदरगढ़-बाराबंकी राजमार्ग पर ट्रकों के पड़ाव और जाम से राहत दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने करीब दो करोड़ रुपये से चार ट्रक ले-बाई बनाई थीं। इसका उद्देश्य ट्रकों को सड़क किनारे खड़े होने से रोकना था ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। लेकिन दो साल बाद भी तीन ट्रक ले-बाई का प्रयोग शुरू नहीं हो सका। घटिया निर्माण के कारण एक ले-बाई दलदल में तब्दील हो गई हैं।
शहर के निकट बडेल के पास स्थित मौरंग मंडी में ट्रकों की लंबी कतारें लगने से अक्सर लोगों को जाम की परेशानी से जूझना पड़ता था। इसी रास्ते से होकर ट्रक गन्ना लेकर हैदरगढ़ चीनी मिल भी जाते हैं। जाम की परेशानी से राहत दिलवाने के लिए प्रांतीय खंड ने बडेल के पास, आगे कोठी इलाके में असदामऊ गांव के निकट, मदारपुर और हैदरगढ़ के पास चार ट्रक ले-बाई बनवाई थीं। लेकिन घटिया निर्माण कार्य होने के कारण शहर के पास बनी ट्रक ले-बाई दो साल में ही पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गई है। यहां जगह-जगह पानी भरा होने से सड़क का पता ही नहीं चलता है।
असदामऊ के पास बनी ट्रक ले-बाई पर कभी ट्रक खड़े नहीं दिखे। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क धान पीटने के काम आती है। वहीं मदारपुर के पास बनी ले-बाई में भी ट्रक खड़े नहीं होते हैं। ट्रक ले-बाई राजमार्गों या मुख्य सड़कों के किनारे एक समर्पित छोटी पट्टी या सड़क होती है, जहां ट्रक और अन्य भारी वाहन चालक आराम करने, थोड़ी देर रुकने, आपातकालीन मरम्मत के लिए सुरक्षित रूप से अपना वाहन खड़ा कर सकते हैं। ताकि सड़क किनारे वाहन खड़ा होने से आशंकित हादसों को रोका जा सके।
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इस संबंध में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर ने बताया कि यह निर्माण काफी पहले का है। इस लिए ट्रक ले-बाई कहां बनी और किस हालात में है, यह पता कर मामले की जांच कराई जाएगी।
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शहर के निकट बडेल के पास स्थित मौरंग मंडी में ट्रकों की लंबी कतारें लगने से अक्सर लोगों को जाम की परेशानी से जूझना पड़ता था। इसी रास्ते से होकर ट्रक गन्ना लेकर हैदरगढ़ चीनी मिल भी जाते हैं। जाम की परेशानी से राहत दिलवाने के लिए प्रांतीय खंड ने बडेल के पास, आगे कोठी इलाके में असदामऊ गांव के निकट, मदारपुर और हैदरगढ़ के पास चार ट्रक ले-बाई बनवाई थीं। लेकिन घटिया निर्माण कार्य होने के कारण शहर के पास बनी ट्रक ले-बाई दो साल में ही पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गई है। यहां जगह-जगह पानी भरा होने से सड़क का पता ही नहीं चलता है।
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असदामऊ के पास बनी ट्रक ले-बाई पर कभी ट्रक खड़े नहीं दिखे। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क धान पीटने के काम आती है। वहीं मदारपुर के पास बनी ले-बाई में भी ट्रक खड़े नहीं होते हैं। ट्रक ले-बाई राजमार्गों या मुख्य सड़कों के किनारे एक समर्पित छोटी पट्टी या सड़क होती है, जहां ट्रक और अन्य भारी वाहन चालक आराम करने, थोड़ी देर रुकने, आपातकालीन मरम्मत के लिए सुरक्षित रूप से अपना वाहन खड़ा कर सकते हैं। ताकि सड़क किनारे वाहन खड़ा होने से आशंकित हादसों को रोका जा सके।
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इस संबंध में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर ने बताया कि यह निर्माण काफी पहले का है। इस लिए ट्रक ले-बाई कहां बनी और किस हालात में है, यह पता कर मामले की जांच कराई जाएगी।