{"_id":"603942d38ebc3ee91d29c919","slug":"two-died-barabanki-news-lko566943811","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोलाछाप की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोलाछाप की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। झोलाछाप महिला द्वारा इलाज में बरती गई लापरवाही के वजह से जच्चा बच्चा की जान चली गई। प्रसूता की मौत के कुछ ही देर बाद फर्जी तरीके से अस्पताल चलाने वाली संचालिका भी अस्पताल बंद कर फरार हो गई। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत पुलिस और सीएचसी अधीक्षक से की है।
क्षेत्र के बीहड मजरे सिरौलीगुंग निवासी साजन प्रसव पीड़ा पर पत्नी सुमन (28) को बदोसरायं में रसूलपुर के पास संचालित एक निजी जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती कराया। साजन का आरोप है कि उपचार में लापरवाही बरती गई जिसकी वजह से उसकी पत्नी और बच्चे की मौत हुई है।
जिस दौरान पत्नी की हालत बिगड़ी इसी समय अस्पताल संचालिका से रेफर करने के लिए कहा गया लेकिन उसने एक नहीं सुनी, इसी बीच बच्चा पैदा हुआ जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई। उधर थोड़ी ही देर बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद भी उसे रेफर नहीं किया गया। हम लोग किसी तरह से दोनों को लेकर सीएचसी सिरौलीगौसपुर पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस और सीएचसी अधीक्षक से की है।
विज्ञापन
अरसे से चल रहा बिना पंजीकरण अस्पताल
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर अरसे से बिना पंजीकरण के जच्चा बच्चा केंद्र का संचालक एक महिला द्वारा किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बात को अच्छी तरह से जानते थे लेकिन आज तक इसके खिलाफ कार्रवाई तो दूर की बात कोई जांच करने तक नहीं आया। इससे साफ होता है कि अस्पताल संचालिका को स्वास्थ्य विभाग का खुला संरक्षण प्राप्त था। जिसकी वजह से आज तक इस अस्पताल की जांच तक नहीं की जा सकी।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज से जच्चा बच्चा के मौत का मामला संज्ञान में आया है। शनिवार को मामले की जांच के लिए मुख्यालय से टीम भेजी जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
विज्ञापन
क्षेत्र के बीहड मजरे सिरौलीगुंग निवासी साजन प्रसव पीड़ा पर पत्नी सुमन (28) को बदोसरायं में रसूलपुर के पास संचालित एक निजी जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती कराया। साजन का आरोप है कि उपचार में लापरवाही बरती गई जिसकी वजह से उसकी पत्नी और बच्चे की मौत हुई है।
विज्ञापन
जिस दौरान पत्नी की हालत बिगड़ी इसी समय अस्पताल संचालिका से रेफर करने के लिए कहा गया लेकिन उसने एक नहीं सुनी, इसी बीच बच्चा पैदा हुआ जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई। उधर थोड़ी ही देर बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद भी उसे रेफर नहीं किया गया। हम लोग किसी तरह से दोनों को लेकर सीएचसी सिरौलीगौसपुर पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस और सीएचसी अधीक्षक से की है।
विज्ञापन
अरसे से चल रहा बिना पंजीकरण अस्पताल
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर अरसे से बिना पंजीकरण के जच्चा बच्चा केंद्र का संचालक एक महिला द्वारा किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बात को अच्छी तरह से जानते थे लेकिन आज तक इसके खिलाफ कार्रवाई तो दूर की बात कोई जांच करने तक नहीं आया। इससे साफ होता है कि अस्पताल संचालिका को स्वास्थ्य विभाग का खुला संरक्षण प्राप्त था। जिसकी वजह से आज तक इस अस्पताल की जांच तक नहीं की जा सकी।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज से जच्चा बच्चा के मौत का मामला संज्ञान में आया है। शनिवार को मामले की जांच के लिए मुख्यालय से टीम भेजी जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ