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Barabanki News: इमरजेंसी में स्ट्रेचर व बेंच पर मरीजों का इलाज
Tue, 14 Mar 2023 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 14 Mar 2023 01:15 AM IST
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बाराबंकी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का स्ट्रेचर और बेंच पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक मनमानी करते हैं और यदि कोई इसका विरोध करता है तो इलाज करने के बजाय रेफर का पर्चा थमा देते हैं। लेकिन जिम्मेदार इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार को दादरा निवासी राजेंद्र अपने सात वर्षीय बेटे को इलाज के लिए लेकर आए थे। बताया कि एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित होने पर निजी चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। लेकिन हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी लेकर आया। आरोप है कि चिकित्सकों ने उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज शुरू कर दिया। वहीं रोमेश (5) को बुखार से पीड़ित होने पर गोपाल इमरजेंसी लेकर पहुंचा था।
बताया कि उसके बेटे को स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया। जब इसका विरोध किया तो डॉक्टरों ने कहा इलाज कराना है तो कराओ वरना कहीं और लेकर चले जाओ। इसी प्रकार विमला और मोहन को बेंच पर लिटाकर इलाज किया जा रहा था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा का कहना है कि इमरजेंसी में पर्याप्त बेड हैं। इसके बाद भी यदि स्ट्रेचर पर इलाज किया जाता है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार को दादरा निवासी राजेंद्र अपने सात वर्षीय बेटे को इलाज के लिए लेकर आए थे। बताया कि एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित होने पर निजी चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। लेकिन हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी लेकर आया। आरोप है कि चिकित्सकों ने उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज शुरू कर दिया। वहीं रोमेश (5) को बुखार से पीड़ित होने पर गोपाल इमरजेंसी लेकर पहुंचा था।
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बताया कि उसके बेटे को स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया। जब इसका विरोध किया तो डॉक्टरों ने कहा इलाज कराना है तो कराओ वरना कहीं और लेकर चले जाओ। इसी प्रकार विमला और मोहन को बेंच पर लिटाकर इलाज किया जा रहा था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा का कहना है कि इमरजेंसी में पर्याप्त बेड हैं। इसके बाद भी यदि स्ट्रेचर पर इलाज किया जाता है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
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