{"_id":"69f65ce20098d886a90911f2","slug":"trains-will-get-faster-from-october-barabanki-to-lucknow-in-20-minutes-barabanki-news-c-315-1-lu11010-166148-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: अक्तूबर से ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार बाराबंकी से लखनऊ 20 मिनट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: अक्तूबर से ट्रेनों को मिलेगी रफ्तार बाराबंकी से लखनऊ 20 मिनट में
Sun, 03 May 2026 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 03 May 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। बाराबंकी से लखनऊ तक का रेल सफर अब और सुगम व सुरक्षित होने जा रहा है। आजादी के बाद से दो रेल लाइनों के कारण ट्रेनों के दबाव से जूझ रहे इस व्यस्त रेलखंड पर अब 407 करोड़ रुपये से तीसरी व चौथी पटरी बिछ रही है।
बाराबंकी से मल्हौर सेक्शन पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण तेजी से जारी है। रेलवे ने काम सितंबर तक पूरा करने की समय सीमा तय कर दी है। अक्तूबर से बाराबंकी व लखनऊ के बीच दो नहीं बल्कि चार पटरियों पर अप व डाउन ट्रेनें निर्बाध दौड़ेंगी और लखनऊ 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
लखनऊ-बाराबंकी रेलखंड प्रदेश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में गिना जाता है। मौजूदा समय में लखनऊ से बाराबंकी के बीच रोजाना 114 से से 120 ट्रेनें चलती हैं। इन्हीं पटरियों से होकर ट्रेनें अयोध्या होते हुए वाराणसी और गोंडा के रास्ते गोरखपुर तक जाती हैं।
विज्ञापन
यह रेलखंड सिर्फ एक रूट नहीं, बल्कि पूर्वांचल और अवध की जीवनरेखा है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक अरूण रायजादा ने बताया कि कि रेलवे के विकास में यह मील का पत्थर है।
विज्ञापन
बाराबंकी से मल्हौर सेक्शन पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण तेजी से जारी है। रेलवे ने काम सितंबर तक पूरा करने की समय सीमा तय कर दी है। अक्तूबर से बाराबंकी व लखनऊ के बीच दो नहीं बल्कि चार पटरियों पर अप व डाउन ट्रेनें निर्बाध दौड़ेंगी और लखनऊ 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
विज्ञापन
लखनऊ-बाराबंकी रेलखंड प्रदेश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में गिना जाता है। मौजूदा समय में लखनऊ से बाराबंकी के बीच रोजाना 114 से से 120 ट्रेनें चलती हैं। इन्हीं पटरियों से होकर ट्रेनें अयोध्या होते हुए वाराणसी और गोंडा के रास्ते गोरखपुर तक जाती हैं।
विज्ञापन
यह रेलखंड सिर्फ एक रूट नहीं, बल्कि पूर्वांचल और अवध की जीवनरेखा है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक अरूण रायजादा ने बताया कि कि रेलवे के विकास में यह मील का पत्थर है।