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Barabanki News: टूटी पटरी पर दौड़ती रहीं ट्रेनें
Sun, 12 Jan 2025 07:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 12 Jan 2025 07:46 AM IST
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बाराबंकी रेलवे यार्ड के निकट टूटी पड़ी पटरी। संवाद
सफेदाबाद (बाराबंकी)। बाराबंकी रेलवे स्टेशन के निकट यार्ड के पास टूटी पटरी से दर्जनों ट्रेनें गुजर गईं। हजारों यात्रियों की जान खतरे में रही। शनिवार सुबह पेट्रोलिंग के दौरान कीमैन को जानकारी हुई तो संचालन बंद कराया गया। लकड़ी का टुकड़ा लगाकर पटरियों को क्लैंप से बांधा। छह घंटे बाद मरम्मत पूरी हुई। इस दौरान ट्रेनें कॉशन से गुजरीं।
शनिवार सुबह करीब पांच बजे कीमैन रामधीरज ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहे थे। उस दौरान किमी संख्या 745/2-745/4 के बीच यार्ड के पास रेल पटरी टूटी मिली। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर सहित रेल पथ निरीक्षक बद्री विशाल को दी और ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही को बंद कराया।
अचानक कोई ट्रेन आ न जाए इसे ध्यान में रखते हुए अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए लकड़ी का टुकड़ा लगाकर पटरियों को क्लैंप से बांधा। इस घटना के बाद बीच रास्ते में ही ट्रेन संख्या 15068, 19270 और एक मालगाड़ी को रोकना पड़ा।
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बताते हैं कि वरिष्ठ खंड अभियंता रेलपथ रामकृष्ण तिवारी और सहायक मंडल अभियंता राहुल झबरेवाल को घटना की जानकारी दी गई मगर मौके पर नहीं पहुंचे। रात में पटरी कब टूटी और उसपर से कितनी ट्रेनें गुजर गईं, यह किसी को नहीं पता है। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
घटना के बाद कॉशन पर कई गाड़ियां गुजारी गईं फिर दोपहर में पटरी की मरम्मत कराकर ट्रेनों का संचालन सुचारू कराया गया। रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि ठंड में पटरी सिकुड़ने के कारण जॉइंट खुला था।
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शनिवार सुबह करीब पांच बजे कीमैन रामधीरज ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रहे थे। उस दौरान किमी संख्या 745/2-745/4 के बीच यार्ड के पास रेल पटरी टूटी मिली। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर सहित रेल पथ निरीक्षक बद्री विशाल को दी और ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही को बंद कराया।
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अचानक कोई ट्रेन आ न जाए इसे ध्यान में रखते हुए अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए लकड़ी का टुकड़ा लगाकर पटरियों को क्लैंप से बांधा। इस घटना के बाद बीच रास्ते में ही ट्रेन संख्या 15068, 19270 और एक मालगाड़ी को रोकना पड़ा।
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बताते हैं कि वरिष्ठ खंड अभियंता रेलपथ रामकृष्ण तिवारी और सहायक मंडल अभियंता राहुल झबरेवाल को घटना की जानकारी दी गई मगर मौके पर नहीं पहुंचे। रात में पटरी कब टूटी और उसपर से कितनी ट्रेनें गुजर गईं, यह किसी को नहीं पता है। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
घटना के बाद कॉशन पर कई गाड़ियां गुजारी गईं फिर दोपहर में पटरी की मरम्मत कराकर ट्रेनों का संचालन सुचारू कराया गया। रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि ठंड में पटरी सिकुड़ने के कारण जॉइंट खुला था।

पर्चा दिखाता विनोद।

पर्चा दिखाता विनोद।

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