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Barabanki News: मौसमी बदलाव से मरीजों की भीड़ बढ़ी, इमरजेंसी वार्ड फुल
Sat, 12 Apr 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 12 Apr 2025 12:21 AM IST
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बाराबंकी। आंधी-पानी के कारण एक दम से गिरे पारे के कारण शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों की भीड़ रही। इनमें अधिकांश जुकाम, बुखार व संक्रमण के साथ पेट संबंधी तकलीफ से परेशान थे। इस दौरान ओपीडी में इलाज कराने के लिए 1530 मरीजों ने पंजीयन कराया। भीड़ के कारण मरीजों को ओपीडी में दिखाने के लिए पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने व एक्सरे सहित अन्य जांच कराने के लिए घंटों कतार में लगने की परेशानी उठाना पड़ी।
मौसम में आए बदलाव के कारण डायरिया, तेज बुखार और निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या भी बढ़ने से शुक्रवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बेड भी फुल नजर आए। ढकवा कमोली गांव की अपेक्षा और वाल्मीकि नगर वार्ड की नायरा को निमोनिया और तेज बुखार के बावजूद बेड न होने के कारण भर्ती होने के लिए घंटे भर तक इंतजार करना पड़ा। मरीज रामदुलारे ने बताया कि दो घंटे बाद एक्स-रे जांच का नंबर नहीं आया। वहीं सीटी स्कैन लैब के बाहर बैठने की व्यवस्था न होने के कारण मरीज व उनकी तीमारदार धूप से बचने के लिए दीवार किनारे बैठे दिखे। जांच के लिए ब्लड बैंक में जुटी मरीजों की भीड़ के कारण सूरतगंज निवासी मरीज विजय को स्ट्रेचर पर लेटकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि बदलते मौसम के कारण वायरल और गैस्ट्रो पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण व जांच कर दवा मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव के दौरान संक्रमण से बचने के लिए बच्चों व बुजुर्गों का खास तौर पर ध्यान रखते हुए उन्हें पानी उबाल कर ही पीने के लिए देने के साथ बासी खान पान सामग्री का सेवन नहीं करने देना चाहिए।
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मौसम में आए बदलाव के कारण डायरिया, तेज बुखार और निमोनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या भी बढ़ने से शुक्रवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बेड भी फुल नजर आए। ढकवा कमोली गांव की अपेक्षा और वाल्मीकि नगर वार्ड की नायरा को निमोनिया और तेज बुखार के बावजूद बेड न होने के कारण भर्ती होने के लिए घंटे भर तक इंतजार करना पड़ा। मरीज रामदुलारे ने बताया कि दो घंटे बाद एक्स-रे जांच का नंबर नहीं आया। वहीं सीटी स्कैन लैब के बाहर बैठने की व्यवस्था न होने के कारण मरीज व उनकी तीमारदार धूप से बचने के लिए दीवार किनारे बैठे दिखे। जांच के लिए ब्लड बैंक में जुटी मरीजों की भीड़ के कारण सूरतगंज निवासी मरीज विजय को स्ट्रेचर पर लेटकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि बदलते मौसम के कारण वायरल और गैस्ट्रो पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण व जांच कर दवा मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि मौसम में अचानक हुए बदलाव के दौरान संक्रमण से बचने के लिए बच्चों व बुजुर्गों का खास तौर पर ध्यान रखते हुए उन्हें पानी उबाल कर ही पीने के लिए देने के साथ बासी खान पान सामग्री का सेवन नहीं करने देना चाहिए।
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