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Barabanki News: दूसरे दिन भी नहीं चली सीटी स्कैन मशीन
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जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के लिए लगी मरीजों की भीड़
बाराबंकी। जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन दूसरे दिन भी चालू नहीं हो सकी। इससे जांच के लिए आए मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं कई मरीजों ने निजी अस्पतालों में पहुंच जांच कराई। हालांकि मशीन सही करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया था लेकिन वह भी शुक्रवार को नहीं पहुंचा।
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन पुरानी होने की वजह से आए दिन खराब हो जाती है लेकिन कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक बार फिर से सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई जो शुक्रवार को पूरे दिन सही नहीं हो सकी। जिस इंजीनियर को सही कराने के लिए बुलाया गया था। उनके न पहुंचने से दूसरे दिन भी मशीन सही नहीं हो सकी। जांच के लिए आए रामप्रकाश, प्रिंशू्, रेनूरानी को मशीन खराब होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि मशीन सही करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। उम्मीद है कि एक दो दिन में मशीन सही हो जाएगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, संसाधन के अभाव में रेफर हो रहे मरीज
सिरौलीगौसपुर। जिले के बड़े अस्पतालों में शुमार संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के होने के बाद भी संसाधनों के अभाव में मरीजों को रेफर किया जा रहा है। करीब एक दशक पहले ग्रामीण क्षेत्र में सौ शैय्या वाले इस अस्पताल की स्थापना हुई। इसका उद्देश्य ग्रामीण और प्रसूताओं को इलाज के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
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अस्पताल की प्रतिदिन की ओपीडी करीब 450 से 500 के आसपास होती है। करीब 35 से 40 प्रसूताएं प्रतिदिन प्रसव सिजेरियन के अतिरिक्त अन्य बीमारियों से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। पांच महिला रोग विशेषज्ञ के अतिरिक्त 13 अन्य चिकित्सकों की तैनाती है। कहने को तो इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस संयुक्त चिकित्सालय कहा जाता है। परंतु यहां पर अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक, सोनोलॉजिस्ट आदि संसाधनों के अभाव में मजबूरन मरीज को रेफर किया जा रहा है। सीएमएस डॉ. एके प्रियदर्शी का कहना है संसाधनों की मांग के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
केस एक
अस्पताल पहुंची सनावा गांव की मालती देवी ने बताया कि उनका तीसरा बच्चा है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा है। अस्पताल में सुविधा न होने से जिला अस्पताल जाना मजबूरी है।
बाक्स
केस दो
अमरा कटेहरा गांव की रहने वाली किरन देवी ने बताया कि पहला बच्चा है। डॉक्टर ने खून की कमी होने की बात कह कर प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल रेफर किया है।
केस तीन
अगेहरा गांव की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने बताया कि पहला बच्चा है। डॉक्टर को दिखाने अस्पताल आई समय पूछने पर बताया इसके लिए अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता है।
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जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन पुरानी होने की वजह से आए दिन खराब हो जाती है लेकिन कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक बार फिर से सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई जो शुक्रवार को पूरे दिन सही नहीं हो सकी। जिस इंजीनियर को सही कराने के लिए बुलाया गया था। उनके न पहुंचने से दूसरे दिन भी मशीन सही नहीं हो सकी। जांच के लिए आए रामप्रकाश, प्रिंशू्, रेनूरानी को मशीन खराब होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि मशीन सही करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। उम्मीद है कि एक दो दिन में मशीन सही हो जाएगी।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, संसाधन के अभाव में रेफर हो रहे मरीज
सिरौलीगौसपुर। जिले के बड़े अस्पतालों में शुमार संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के होने के बाद भी संसाधनों के अभाव में मरीजों को रेफर किया जा रहा है। करीब एक दशक पहले ग्रामीण क्षेत्र में सौ शैय्या वाले इस अस्पताल की स्थापना हुई। इसका उद्देश्य ग्रामीण और प्रसूताओं को इलाज के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़े।
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अस्पताल की प्रतिदिन की ओपीडी करीब 450 से 500 के आसपास होती है। करीब 35 से 40 प्रसूताएं प्रतिदिन प्रसव सिजेरियन के अतिरिक्त अन्य बीमारियों से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। पांच महिला रोग विशेषज्ञ के अतिरिक्त 13 अन्य चिकित्सकों की तैनाती है। कहने को तो इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस संयुक्त चिकित्सालय कहा जाता है। परंतु यहां पर अल्ट्रासाउंड, ब्लड बैंक, सोनोलॉजिस्ट आदि संसाधनों के अभाव में मजबूरन मरीज को रेफर किया जा रहा है। सीएमएस डॉ. एके प्रियदर्शी का कहना है संसाधनों की मांग के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
केस एक
अस्पताल पहुंची सनावा गांव की मालती देवी ने बताया कि उनका तीसरा बच्चा है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा है। अस्पताल में सुविधा न होने से जिला अस्पताल जाना मजबूरी है।
बाक्स
केस दो
अमरा कटेहरा गांव की रहने वाली किरन देवी ने बताया कि पहला बच्चा है। डॉक्टर ने खून की कमी होने की बात कह कर प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल रेफर किया है।
केस तीन
अगेहरा गांव की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने बताया कि पहला बच्चा है। डॉक्टर को दिखाने अस्पताल आई समय पूछने पर बताया इसके लिए अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता है।