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फेरी वाले के हाथ कबाड़ में बेंच दी नौनिहालों को दी जाने वाली किताबें
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सिद्धौर (बाराबंकी)। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क दी जाने वाली जो किताबें उनके बैग में होनी चाहिए, वे पाठ्य-पुस्तकें बुधवार को एक फेरी वाले कबाड़ी के रिक्शे पर दिखीं। स्कूल के टूटे फर्नीचर के साथ कबाड़ी ने कक्षा एक से पांच तक की करीब तीन सौ किताबें भी खरीदीं। इसे लेकर लौट रहे कबाड़ी ने बताया कि उसने ये किताबें एक विद्यालय से खरीदी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में वैसे भी समय पर नौनिहालों को किताबें नहीं मिलतीं। इस बार सरकार के प्रयासों से किताबें गत वर्षों की अपेक्षा जल्दी मिल गईं। मगर, क्या ये किताबें नौनिहालों के हाथ में नहीं पहुंचीं, यह प्रश्न बुधवार को शैक्षिक सत्र के बीच में कबाड़ी के रिक्शे पर पहुंची किताबों के मिलने के बाद सामने आया।
बुधवार को कोठी से अचकामऊ जाने वाले मार्ग पर जैैदपुर निवासी एक कबाड़ी अपने ई-रिक्शे पर परिषदीय विद्यालयों की किताबें लादकर ले जा रहा था। कबाड़ी को रोककर बात की गई तो उसने बताया कि वह फेरी लगाकर कबाड़ खरीदने का काम करता है।
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बुधवार को भी वह एक गांव में फेरी लगा रहा था। इसी दौरान कुछ बच्चे उसे बुलाकर प्राथमिक विद्यालय ले गए जहां से उसने विद्यालय की टूटी कुर्सियां, दरवाजों के साथ करीब 65 से 70 किलों वजन की किताबें खरीदी हैं। उसने कक्षा एक से पांच तक की करीब तीन सौ किताबें खरीदी है जिसे लेकर जैदपुर जा रहा है।
बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि विद्यालय से किताबें बेचने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही पाया गया तो पाठ्य-पुस्तक बेचने वाले शिक्षक का निलंबन ही नहीं सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी।
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बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में वैसे भी समय पर नौनिहालों को किताबें नहीं मिलतीं। इस बार सरकार के प्रयासों से किताबें गत वर्षों की अपेक्षा जल्दी मिल गईं। मगर, क्या ये किताबें नौनिहालों के हाथ में नहीं पहुंचीं, यह प्रश्न बुधवार को शैक्षिक सत्र के बीच में कबाड़ी के रिक्शे पर पहुंची किताबों के मिलने के बाद सामने आया।
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बुधवार को कोठी से अचकामऊ जाने वाले मार्ग पर जैैदपुर निवासी एक कबाड़ी अपने ई-रिक्शे पर परिषदीय विद्यालयों की किताबें लादकर ले जा रहा था। कबाड़ी को रोककर बात की गई तो उसने बताया कि वह फेरी लगाकर कबाड़ खरीदने का काम करता है।
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बुधवार को भी वह एक गांव में फेरी लगा रहा था। इसी दौरान कुछ बच्चे उसे बुलाकर प्राथमिक विद्यालय ले गए जहां से उसने विद्यालय की टूटी कुर्सियां, दरवाजों के साथ करीब 65 से 70 किलों वजन की किताबें खरीदी हैं। उसने कक्षा एक से पांच तक की करीब तीन सौ किताबें खरीदी है जिसे लेकर जैदपुर जा रहा है।
बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि विद्यालय से किताबें बेचने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही पाया गया तो पाठ्य-पुस्तक बेचने वाले शिक्षक का निलंबन ही नहीं सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी।