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रिश्तों के कत्ल में दस आरोपी गिरफ्तार
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बाराबंकी। युवक, किशोरी समेत तीन हत्याकांड के लंबे समय से खुलासे का दबाव झेल रही पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाले खुलासे किए। एसपी अनुराग वत्स ने पुलिस लाइन के सभागार में विस्तार से संगीन हत्याकांड से जुड़े पहलुओं के बारे में साक्ष्यों समेत जानकारी दी तो इन हत्याकांड में कत्ल कोई और नहीं बल्कि अपनों के ही करने की बात सामने आई।
दरियाबाद में विरोधियों को फंसाने के लिए भाई ने भाई की बेरहमी से हत्या कर खुद थाने में केस दर्ज कराया था। देवा में पिता ने ही बेटे के हत्या की थी। मोहम्मदपुर खाला में भाई ने बहन की हत्या कर शव को नदी के किनारे फेंका था। इन मामलों में पुलिस ने 10 आरोपियों में सात पर हत्या तो तीन पर साक्ष्य छुपाने का केस दर्ज कर जेल भेजा। वहीं पुलिस की कार्यशैली से कई निर्दोष जेल जाने से बच गए। पुलिस टीम की हौसलाफजाई के लिए एसपी ने नकद पुरस्कार भी दिया।
विरोधियों को फंसाने की साजिश में भाई का कर दिया कत्ल
दरियाबाद थाना क्षेत्र में हुए जमुना हत्याकांड का एसपी ने खुलासा करते हुए बताया कि मुकदमे का वादी भाई रघुराज ही हत्याकांड का मास्टर माइंड निकला। पहले साइकिल व चप्पल मिलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में 18 फरवरी को तहरीर देकर गांव के ही सात लोगों पर भाई के अपहरण का केस दर्ज कराया।
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एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शनिवार को भाई रघुराज उसके बेटे हरिबक्श उर्फ उपदेश, राजेश, ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार व बीडीसी सदस्य पूर्णमासी, मामा के बेटे मुन्ना उर्फ शुभम तथा दामाद मनीष कुमार उर्फ मल्ले व भतीजी कोयला उर्फ संजू को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर आलाकत्ल, ईंट का अद्धा, तेजाब की बोतल, कपड़े, मृतक का आधार कार्ड बरामद किया गया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में रघुराज ने बताया कि उसने अपने विरोधी दुर्गेश कुमार आदि को फंसाने के लिए यह कहानी बनाई थी। भाई जमुना प्रसाद को मामा के बेटे की एसयूवी से ले जाकर मदारपुर गांव में रहने वाली भतीजी की ससुराल में छुपाया था। उसके बाद थाने में तहरीर देकर विरोधियों पर अपहरण का केस दर्ज कराया था। एक सप्ताह बाद भाई जमुना घर जाने और पुलिस को सारी बातें बताने की धमकी देने लगा।
इस पर उसने अपने दो बेटे, प्रधान व बीडीसी सदस्य के साथ भाई की 18 फरवरी को हत्या कर दी। शव पहचान में न आए इसलिए तेजाब से चेहरे को जला दिया। पहले शव जंगल में छिपाया। उस पर किसी की नजर नहीं पड़ी तो दूसरे दिन खेत में लाकर शव को डाल दिया।
एसपी ने बताया कि इस मामले में रघुराज, उसके दो बेटे, ग्राम प्रधान व बीडीसी पर हत्या तथा भतीजी, उसके पति व मामा के बेटे पर साक्ष्य छुपाने की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा है। इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाली स्वाट टीम के प्रभारी अनिल कुमार पाण्डेय व एसओ दुर्गा प्रसाद शुक्ल को एसपी ने 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। वहीं 50 हजार के पुरस्कार को लेकर आईजी व डीजीपी को पत्र भेजा।
बेटियों की इज्जत बचाने को पिता ने बेटे की ली जान
देवा कोतवाली क्षेत्र में पांच दिन पहले नाले में मिले युवक शुभम के हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि सात मार्च को देवा के रामपुर कैथी निवासी युवक के चचेरे भाई कपिल कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि छह मार्च की शाम उसका भाई शुभम बिना बताये घर से निकला था। जिसका शव गांव के बाहर जंगल के किनारे नाले में मिला है।
जिसकी हत्या की गई है। इस पर थाने में हत्या का केस दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। इसके खुलासे में स्वाट टीम व देवा पुलिस को लगाया था। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉयड टीम साक्ष्य संकलित कर जांच शुरू की तो वह अपनों के ही करीब घूमती रही। इस पर शनिवार को पुलिस ने मृतक के पिता शिवराज उर्फ कुट्टा को गिरफ्तार किया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में पिता ने बताया कि शुभम नशे का आदी था। वह घर पर ही रहता था। मृतक शुभम अक्सर अपनी बहनों पर गलत नजर रखता था। जिसको लेकर विवाद भी होता है। मां न होने के कारण बेटियां उससे ही भाई की हरकतें बताती थीं। इससे नाराज होकर उसने बेटे की गला दबाकर हत्या की। उसके बाद शव को नाले में फेंक दिया। जिस पर पिता शिवराज को जेल भेज दिया गया।
भाई बना बहन का हत्यारा
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में हत्या कर फेंके गए किशोरी के हत्याकांड को लेकर एसपी ने बताया कि 26 जनवरी को थाना क्षेत्र के गैसापुर निवासी मोहर्रम अली ने थाने में बेटी को बहला फुसलाकर भगा लेने जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। जिसका केस दर्ज कर पुलिस ने सुमली नदी के किनारे से चप्पल व दुपट्टा बरामद हुआ।
यहीं नही दो फरवरी को किशोरी का शव नदी के किनारे मिला। जिसका पोस्टमार्टम कराने के बाद दर्ज मुकदमे में हत्या की धाराओं बढ़ाई गई। घटना के खुलासे में स्वाट व मोहम्मदपुर खाला थाने की टीम को लगाया गया। इसकी जांच कर रही पुलिस ने मिले साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को किशोरी के भाई इसरार को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में भाई इसरार ने बताया कि उसकी बहन अक्सर शाम व रात को घर पर नहीं रहती थी।
जिससे नाराज होकर 25 जनवरी को बहन को डांटते हुए डंडे से पिटाई करने लगा। जिससे सिर पर चोट आने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने बहन के शव को झोपड़ी में छुपा दिया और घर पर अपनी बहन के गायब हो जाने के बारे में बताया। वहीं रात होने पर बहन का शव सुमली नदी के किनारे फेंकने के साथ चप्पल व दुपट्टा भी रख दिया। जिसके खुलासे के लिए एसपी ने स्वाट व मोहम्मदपुर खाना के इंस्पेक्टर राम किशन राना की टीम को 10 हजार रुपये के पुरस्कार देने की घोषण की।
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दरियाबाद में विरोधियों को फंसाने के लिए भाई ने भाई की बेरहमी से हत्या कर खुद थाने में केस दर्ज कराया था। देवा में पिता ने ही बेटे के हत्या की थी। मोहम्मदपुर खाला में भाई ने बहन की हत्या कर शव को नदी के किनारे फेंका था। इन मामलों में पुलिस ने 10 आरोपियों में सात पर हत्या तो तीन पर साक्ष्य छुपाने का केस दर्ज कर जेल भेजा। वहीं पुलिस की कार्यशैली से कई निर्दोष जेल जाने से बच गए। पुलिस टीम की हौसलाफजाई के लिए एसपी ने नकद पुरस्कार भी दिया।
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विरोधियों को फंसाने की साजिश में भाई का कर दिया कत्ल
दरियाबाद थाना क्षेत्र में हुए जमुना हत्याकांड का एसपी ने खुलासा करते हुए बताया कि मुकदमे का वादी भाई रघुराज ही हत्याकांड का मास्टर माइंड निकला। पहले साइकिल व चप्पल मिलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में 18 फरवरी को तहरीर देकर गांव के ही सात लोगों पर भाई के अपहरण का केस दर्ज कराया।
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एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शनिवार को भाई रघुराज उसके बेटे हरिबक्श उर्फ उपदेश, राजेश, ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार व बीडीसी सदस्य पूर्णमासी, मामा के बेटे मुन्ना उर्फ शुभम तथा दामाद मनीष कुमार उर्फ मल्ले व भतीजी कोयला उर्फ संजू को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर आलाकत्ल, ईंट का अद्धा, तेजाब की बोतल, कपड़े, मृतक का आधार कार्ड बरामद किया गया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में रघुराज ने बताया कि उसने अपने विरोधी दुर्गेश कुमार आदि को फंसाने के लिए यह कहानी बनाई थी। भाई जमुना प्रसाद को मामा के बेटे की एसयूवी से ले जाकर मदारपुर गांव में रहने वाली भतीजी की ससुराल में छुपाया था। उसके बाद थाने में तहरीर देकर विरोधियों पर अपहरण का केस दर्ज कराया था। एक सप्ताह बाद भाई जमुना घर जाने और पुलिस को सारी बातें बताने की धमकी देने लगा।
इस पर उसने अपने दो बेटे, प्रधान व बीडीसी सदस्य के साथ भाई की 18 फरवरी को हत्या कर दी। शव पहचान में न आए इसलिए तेजाब से चेहरे को जला दिया। पहले शव जंगल में छिपाया। उस पर किसी की नजर नहीं पड़ी तो दूसरे दिन खेत में लाकर शव को डाल दिया।
एसपी ने बताया कि इस मामले में रघुराज, उसके दो बेटे, ग्राम प्रधान व बीडीसी पर हत्या तथा भतीजी, उसके पति व मामा के बेटे पर साक्ष्य छुपाने की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा है। इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाली स्वाट टीम के प्रभारी अनिल कुमार पाण्डेय व एसओ दुर्गा प्रसाद शुक्ल को एसपी ने 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। वहीं 50 हजार के पुरस्कार को लेकर आईजी व डीजीपी को पत्र भेजा।
बेटियों की इज्जत बचाने को पिता ने बेटे की ली जान
देवा कोतवाली क्षेत्र में पांच दिन पहले नाले में मिले युवक शुभम के हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि सात मार्च को देवा के रामपुर कैथी निवासी युवक के चचेरे भाई कपिल कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि छह मार्च की शाम उसका भाई शुभम बिना बताये घर से निकला था। जिसका शव गांव के बाहर जंगल के किनारे नाले में मिला है।
जिसकी हत्या की गई है। इस पर थाने में हत्या का केस दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। इसके खुलासे में स्वाट टीम व देवा पुलिस को लगाया था। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉयड टीम साक्ष्य संकलित कर जांच शुरू की तो वह अपनों के ही करीब घूमती रही। इस पर शनिवार को पुलिस ने मृतक के पिता शिवराज उर्फ कुट्टा को गिरफ्तार किया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में पिता ने बताया कि शुभम नशे का आदी था। वह घर पर ही रहता था। मृतक शुभम अक्सर अपनी बहनों पर गलत नजर रखता था। जिसको लेकर विवाद भी होता है। मां न होने के कारण बेटियां उससे ही भाई की हरकतें बताती थीं। इससे नाराज होकर उसने बेटे की गला दबाकर हत्या की। उसके बाद शव को नाले में फेंक दिया। जिस पर पिता शिवराज को जेल भेज दिया गया।
भाई बना बहन का हत्यारा
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में हत्या कर फेंके गए किशोरी के हत्याकांड को लेकर एसपी ने बताया कि 26 जनवरी को थाना क्षेत्र के गैसापुर निवासी मोहर्रम अली ने थाने में बेटी को बहला फुसलाकर भगा लेने जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। जिसका केस दर्ज कर पुलिस ने सुमली नदी के किनारे से चप्पल व दुपट्टा बरामद हुआ।
यहीं नही दो फरवरी को किशोरी का शव नदी के किनारे मिला। जिसका पोस्टमार्टम कराने के बाद दर्ज मुकदमे में हत्या की धाराओं बढ़ाई गई। घटना के खुलासे में स्वाट व मोहम्मदपुर खाला थाने की टीम को लगाया गया। इसकी जांच कर रही पुलिस ने मिले साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को किशोरी के भाई इसरार को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में भाई इसरार ने बताया कि उसकी बहन अक्सर शाम व रात को घर पर नहीं रहती थी।
जिससे नाराज होकर 25 जनवरी को बहन को डांटते हुए डंडे से पिटाई करने लगा। जिससे सिर पर चोट आने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने बहन के शव को झोपड़ी में छुपा दिया और घर पर अपनी बहन के गायब हो जाने के बारे में बताया। वहीं रात होने पर बहन का शव सुमली नदी के किनारे फेंकने के साथ चप्पल व दुपट्टा भी रख दिया। जिसके खुलासे के लिए एसपी ने स्वाट व मोहम्मदपुर खाना के इंस्पेक्टर राम किशन राना की टीम को 10 हजार रुपये के पुरस्कार देने की घोषण की।