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दागी कॉलेजों को केंद्र बनाने की चाल
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2015 11:23 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा -2016 के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नकल के लिए कुख्यात रहे जनपद के सात कॉलेजों को फिर परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी है। इन कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट किए जाने की संस्तुति जिला विद्यालय निरीक्षकों ने बोर्ड से की थी लेकिन प्रबंधकों की माध्यमिक शिक्षा परिषद तक गहरी पैठ के चलते यह डिबार होने से बच गए।
मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने यूपी बोर्ड परीक्षा-2016 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की गाइड लाइन जारी कर दी है। इसी के साथ जनपद के दागी कॉलेज परीक्षा केंद्र बनाए जाने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। बीते तीन सालों में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल व अनियमितता के चलते जनपद के सात केंद्रों को डिबार किए जाने की संस्तुति तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षकों ने की थी लेकिन ऊंची पहुंच और जुगाड़ के चलते इन कॉलेजों के प्रबंधक अपने को डिबार होने से बचा ले गए।
वर्ष 2013 में घोर नकल व अनियमिता के चलते छह कॉलेजों को डिबार किए जाने की संस्तुति बोर्ड को की गई थी। वर्ष 2015 की परीक्षा में दो कॉलेेेजों में परीक्षा में घोर अनियमितता व नकल पाई गई थी। इसमें से एक सेंटर इस वर्ष डिबार किया गया है।
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मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने यूपी बोर्ड परीक्षा-2016 के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की गाइड लाइन जारी कर दी है। इसी के साथ जनपद के दागी कॉलेज परीक्षा केंद्र बनाए जाने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। बीते तीन सालों में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल व अनियमितता के चलते जनपद के सात केंद्रों को डिबार किए जाने की संस्तुति तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षकों ने की थी लेकिन ऊंची पहुंच और जुगाड़ के चलते इन कॉलेजों के प्रबंधक अपने को डिबार होने से बचा ले गए।
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वर्ष 2013 में घोर नकल व अनियमिता के चलते छह कॉलेजों को डिबार किए जाने की संस्तुति बोर्ड को की गई थी। वर्ष 2015 की परीक्षा में दो कॉलेेेजों में परीक्षा में घोर अनियमितता व नकल पाई गई थी। इसमें से एक सेंटर इस वर्ष डिबार किया गया है।
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