शादी का फर्जी कार्ड लगाकर ड्यूटी से मुक्ति की फिराक
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चुनावी ड्यूटी से मुक्ति पाने के लिए कर्मचारी रिश्तेदार के घर में होने वाली शादी को अपने घर की शादी बताकर इससे बचने का जुगाड़ लगा रहे हैं। कुछ ने जहां फर्जी कार्ड छपवा लिए हैं तो कुछ कर्मचारी नवजातों की देेखभाल और बीमारी का वास्ता दे रहे हैं। निर्वाचन ड्यूटी स्लिप वितरण से लेकर अब तक करीब साढ़े पांच सौ प्रार्थना पत्र आ चुके हैं लेकिन चुनावी ड्यूटी काटने से पहले कर्मचारियों की असलियत जानने के लिए मेडिकल बोर्ड की टीम बनाई गई है, जो बीमार कर्मचारी के परीक्षण के बाद ही इनकी रिपोर्ट के आधार पर फैसला कर रहे हैं।
इस बार के निर्वाचन कार्य में करीब पंद्रह हजार से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया है। निर्वाचन कार्य में सबसे ज्यादा बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के कर्मचारी लगाए गए हैं। ड्यूटी लगाने व काटने की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी व प्रभारी अधिकारी कार्मिक आईएएस मेधा रुपम को दिया गया है।
चुनावी ड्यूटी से निजात पाने के लिए करीब साढ़े पांच सौ आवेदन आए हैं। इनमें कई कर्मचारी तो रिश्तेदार के यहां शादी का कार्ड लगाकर छुट्टी मांग रहे हैं। बीमारी की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। पूरी जांच के बाद ही कारण सही पाए जाने पर ड्यूटी काटी जा रही है।
मेधा रूपम, प्रभारी अधिकारी कार्मिक व सीडीओ।