फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   sugar mill value 93 crore sold in four crore

93 करोड़ की चीनी मिल चार करोड़ में बेच दी

Sat, 08 Apr 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 08 Apr 2017 11:40 PM IST
विज्ञापन
sugar mill value 93 crore sold in four crore
बाराबंकी में वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल । - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई जांच के आदेश के बाद बसपा शासनकाल में शहर में बंद पड़ी बाराबंकी चीनी मिल बेचे जाने का मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। कौड़ियों के भाव में जिस फर्म के हाथ चीनी मिल बेची गई, वह पूर्व सीएम मायावती के भाई और उनके पार्टनर शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा ग्रुप की बताई जाती है।
विज्ञापन


सीबीआई जांच में बड़ों के साथ ही उन अफसरों की भी गर्दन फंस सकती है। जिन्होंने सत्ता के दबाव में लैंड यूज बदलकर 93 करोड़ की चीनी मिल को महज 4 करोड़ में बेचवाने में अहम भूमिका निभाई है।
विज्ञापन


बसपा शासनकाल में जिन 21 चीनी मिल को बेचा गया था उनकी जांच शुरू कराई गई है उसमें बाराबंकी चीनी मिल भी शामिल है। बारांकी-देवा मार्ग पर बंकी क्षेत्र में स्थापित जिले की चीनी मिल को पूर्व की बसपा सरकार में 2009-10 में औने-पौने दामों पर शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा ग्रुप व बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद सिंह के पार्टनरशिप में खरीदी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि इस पर संबंधित फर्म द्वारा कब्जेदारी नहीं की जा सकी। बसपा सरकार में हुई इस भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश सरकार ने इसकी सीबीआई जांच कराने के आदेश दिए हैं। जिसमें उस समय जिले में तैनात कई आला अफसरों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।        
                
2009-10 में बेची गई इस चीनी मिल की कॉमर्शियल भूमि को सत्ता पक्ष के दबाव में अफसरों को गलत तरीके से लैंड यूज चेंज करवा दिया था। लगभग 95 एकड़ में फैली चीनी मिल की इस भूमि की लागत तकरीबन 93 करोड़ बताई गई थी।

कागजी कार्रवाई में चीनी मिल की भूमि को कॉमर्शियल से कृषि योग्य भूमि में बदल कर इसे करीब 48 करोड़ में आंकी गई। यहीं नहीं इसके बावजूद भी चीनी मिल समेत पूरे मिल परिसर की बेशकीमती भूमि को मात्र चार करोड़ में औने-पौने दामों में निपटा दिया गया। लेकिन शराब व्यवसायी व पूर्व सीएम के भाई की फर्म को बेची गई चीनी मिल पर कब्जेदारी नहीं हो सकी।                  

प्रदेश की 21 चीनी मिलों में शामिल है यह मिल                  
प्रदेश सरकार ने उस समय बसपा शासन में कौड़ियों के भाव बेची गई जिन 21 जिलों की चीनी मिलों की जांच सीबीआई से करवा रही है। उसमें स्थानीय जिले समेत आसपास के कई जिले शामिल हैं। 2009-10 में बेची गई इन चीनी मिलों में बाराबंकी समेत बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, रायबरेली आदि जनपदों की चीनी मिलें शामिल होने की बात बताई जा रही है। सीबीआई जांच के बाद तत्कालीन अफसरों में हड़कंप मच गया है।      

      
मिल से गायब होते रहे कलपुर्जे             
पिछले कई सालों से बंद पड़ी इस चीनी मिल में कई बार कलपुर्जों की चोरियां भी हो चुकी हैं। यहां तक कि महंगे पुर्जों की चोरी कर उन्हें औने-पौने दामों में बेचने के मामले में यहां पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड भी जेल की हवा खा चुका है। आज भी मिल परिसर में बने जर्जर आवासों में कर्मचारी अपना आशियाना बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed