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छात्रों ने मनाया शिक्षक दिवस
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2015 10:50 PM IST
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समाज को दिशा व दशा देने का काम एक अच्छा गुरु ही कर सकता है। जिससे एक स्वस्थ व सबल समाज स्थापित हो सकता है। ऐसे शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए जनपद के दो शिक्षकों का राष्ट्रपति पुरस्कार और एक शिक्षक को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में इन शिक्षकों का अतुलनीय योगदान आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना है। सम्मानित किए गए यह शिक्षक आज भी समाज में शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं।
जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज बरौलीजाटा के वर्ष 2006 में प्रधानाचार्य रहे सुरेंद्र प्रसाद मिश्र को उनके द्वारा कॉलेज में बेहतर पठन पाठन, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए वर्ष 2007 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। करीब छह साल पहले सेवानिवृत्त हुए सुरेंद्र प्रसाद मिश्र वर्तमान में चिनहट लखनऊ में रह रहे हैं।
यह बताते हैं कि वर्ष 2006 में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए क्रिया कलापों के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार विज्ञान भवन नई दिल्ली में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने दिया था। वह सेवानिवृत्त के बाद भी क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा व स्कूल जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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उन्होंने अभी तक करीब सौ बच्चों को पठन के लिए स्कूलों में प्रवेश दिलाया है। 1994 में जीआईसी के प्रधानाचार्य रहे श्रीराम पांडेय को भी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राजकीय हाईस्कूल नियामतपुर में शिक्षक रहे बृजेंद्र नरायन खरे वर्तमान में राजकीय इंटर कालेज निशातगंज लखनऊ में वाइस प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं।
शिक्षक बृजेंद्र द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2011 में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तत्कालीन शिक्षामंत्री ने सम्मानित किया था। उन्होंने बताया कि शुरू से ही मेरे प्रयास रहा कि बच्चो को बेहतर शिक्षा मिले।
क्योंकि यह हमारे देश व समाज का भविष्य हैं। इसके लिए वह निरंतर प्रयास करते रहे। जिसके चलते उन्हें राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आज भी प्रयास जारी है। सेवानिवृत्ति के बाद भी मेरा यह प्रयास जारी रहेगा।
शिक्षक दिवस पर बांटी पुस्तकें
बाराबंकी। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर टीआरसी लॉ कालेज में मुशायरे का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कालेज के संस्थापक एवं अवकाश प्राप्त गणित प्रवक्ता उमेश चंद्र चतुर्वेदी ने नवागन्तुक छात्रों को जीवन में प्रेरणा देने वाले तत्वों को शिक्षक बताया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर हमारे जीवन का पहला शिक्षक है। वो हमें हमारे जीवन में कुछ विशेष करने के लिए निरंतर प्रेरणा देता रहता है। प्रवक्ता अश्वनी कुमार गुप्ता ने कहा कि गुरू का काम है ऐसी विद्या देना जो मनुष्य को विनय प्रदान करती है और मुक्ति की ओर ले जाती है। छात्रों को उनके पाठ्यक्रम की समस्त पुस्तकें वितरित की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं समेत अध्यापक मौजूद रहे।
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जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज बरौलीजाटा के वर्ष 2006 में प्रधानाचार्य रहे सुरेंद्र प्रसाद मिश्र को उनके द्वारा कॉलेज में बेहतर पठन पाठन, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए वर्ष 2007 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। करीब छह साल पहले सेवानिवृत्त हुए सुरेंद्र प्रसाद मिश्र वर्तमान में चिनहट लखनऊ में रह रहे हैं।
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यह बताते हैं कि वर्ष 2006 में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए क्रिया कलापों के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार विज्ञान भवन नई दिल्ली में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने दिया था। वह सेवानिवृत्त के बाद भी क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा व स्कूल जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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उन्होंने अभी तक करीब सौ बच्चों को पठन के लिए स्कूलों में प्रवेश दिलाया है। 1994 में जीआईसी के प्रधानाचार्य रहे श्रीराम पांडेय को भी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राजकीय हाईस्कूल नियामतपुर में शिक्षक रहे बृजेंद्र नरायन खरे वर्तमान में राजकीय इंटर कालेज निशातगंज लखनऊ में वाइस प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं।
शिक्षक बृजेंद्र द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2011 में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तत्कालीन शिक्षामंत्री ने सम्मानित किया था। उन्होंने बताया कि शुरू से ही मेरे प्रयास रहा कि बच्चो को बेहतर शिक्षा मिले।
क्योंकि यह हमारे देश व समाज का भविष्य हैं। इसके लिए वह निरंतर प्रयास करते रहे। जिसके चलते उन्हें राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आज भी प्रयास जारी है। सेवानिवृत्ति के बाद भी मेरा यह प्रयास जारी रहेगा।
शिक्षक दिवस पर बांटी पुस्तकें
बाराबंकी। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर टीआरसी लॉ कालेज में मुशायरे का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कालेज के संस्थापक एवं अवकाश प्राप्त गणित प्रवक्ता उमेश चंद्र चतुर्वेदी ने नवागन्तुक छात्रों को जीवन में प्रेरणा देने वाले तत्वों को शिक्षक बताया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर हमारे जीवन का पहला शिक्षक है। वो हमें हमारे जीवन में कुछ विशेष करने के लिए निरंतर प्रेरणा देता रहता है। प्रवक्ता अश्वनी कुमार गुप्ता ने कहा कि गुरू का काम है ऐसी विद्या देना जो मनुष्य को विनय प्रदान करती है और मुक्ति की ओर ले जाती है। छात्रों को उनके पाठ्यक्रम की समस्त पुस्तकें वितरित की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं समेत अध्यापक मौजूद रहे।