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सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट देख चहके मेधावी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 03 Jun 2017 11:29 PM IST
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cbse 10th result
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सीबीएसई हाईस्कूल में मेधावियों का दबदबा रहा। जिले में 57 छात्रों ने 10 सीजीपीए पाकर कॉलेज व परिवार का नाम रोशन किया। जिले में सीबीएसई बोर्ड के 10 विद्यालयों के 659 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। जिले का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा।
जिले के केंद्रीय विद्यालय में 14, बाबा गुरुकुल एकेडमी में 13, आकांक्षा चिल्ड्रेन एकेडमी में 11, सेंट्रल एकेडमी में 10 , सेंट एंथोनी में 6, जवाहर नवोदय विद्यालय में 2 व एमबी कॉलेज में एक छात्र ने 10 सीजीपीए पाकर अपनी मेधा का प्रदर्शन किया। शनिवार को परीक्षा परिणाम आने के बाद मेधावी कॉलेज पहुंचे तो शिक्षकों ने उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया।
मेधावी बोले-
वैज्ञानिक बन देश सेवा करना चाहते अलोकिक
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सेंट्रल एकेडमी के छात्र अलोकिक वर्मा के पिता विकास वर्मा शिक्षक है। 10 सीजीपीए पाने वाले विकास इसरो से वैज्ञानिक बन देश सेवा करना चाहते है। वह अपनी सफलता को श्रेय शिक्षिका मम्मी रेखा वर्मा व शिक्षक पिता विकास वर्मा को देते हैं। अलोकिक पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हैं। बेटे की इस सफलता से परिवारीजन काफी खुश है।
गरीबों की सेवा के लिए चिकित्सक बनना चाहतीं अद्विती
10 सीजीपीए पाने वाली अद्विती डॉक्टर बन गरीबों की सेवा करना चाहती हैं। अद्विती के पिता आलोक सिंह जेल अधीक्षक है। वह अपने पिता व भाई को अपना आदर्श मानती है। अद्विती कहती हैं कि उनकी सफलता के पीछे भाई का विशेष योगदान है। बॉयो उनका मन पसंद सब्जेक्ट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया व स्वच्छ भारत मिशन से वह काफी प्रभावित हैं। अद्विती की सफलता पर पैरेंट्स काफी खुश हैं। उनका कहना है कि सफलता के पीछे अद्विती की अपनी मेहनत है।
वैज्ञानिक बन देश सेवा करेगें वैभव
केंद्रीय विद्यालय के छात्र वैभव वाजपेयी के 10 सीजीपीए पाने से माता-पिता काफी खुश है। वैभव के पिता की मोबाइल शॉप की दुकान है। इसरो से वैज्ञानिक बन देश सेवा करने का जज्बा रखने वाले वैभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानते है। वैभव कहते है कि सफलता के पीछे माता-पिता का सहयोग तो मैथ व साइंस उनका पसंदीदा विषय है।
डॉक्टर बन ग्रामीण क्षेत्र में नौकरी करेंगी यशी
ग्रामीण क्षेत्र के आकांक्षा चिल्ड्रेन एकेडमी की 10 सीजीपीए पाने वाली छात्रा यशी श्रीवास्तव के पिता सर्वदेव श्रीवास्तव कृषि विभाग में लिपिक हैं। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने माता पिता को देती हैं। यशी अपनी शिक्षिका माता को आदर्श मानती हैं। यशी डॉक्टर बन ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवा देना चाहती हैं। इसके लिए वह अभी से 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करती हैं।
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जिले के केंद्रीय विद्यालय में 14, बाबा गुरुकुल एकेडमी में 13, आकांक्षा चिल्ड्रेन एकेडमी में 11, सेंट्रल एकेडमी में 10 , सेंट एंथोनी में 6, जवाहर नवोदय विद्यालय में 2 व एमबी कॉलेज में एक छात्र ने 10 सीजीपीए पाकर अपनी मेधा का प्रदर्शन किया। शनिवार को परीक्षा परिणाम आने के बाद मेधावी कॉलेज पहुंचे तो शिक्षकों ने उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया।
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वैज्ञानिक बन देश सेवा करना चाहते अलोकिक
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सेंट्रल एकेडमी के छात्र अलोकिक वर्मा के पिता विकास वर्मा शिक्षक है। 10 सीजीपीए पाने वाले विकास इसरो से वैज्ञानिक बन देश सेवा करना चाहते है। वह अपनी सफलता को श्रेय शिक्षिका मम्मी रेखा वर्मा व शिक्षक पिता विकास वर्मा को देते हैं। अलोकिक पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानते हैं। बेटे की इस सफलता से परिवारीजन काफी खुश है।
गरीबों की सेवा के लिए चिकित्सक बनना चाहतीं अद्विती
10 सीजीपीए पाने वाली अद्विती डॉक्टर बन गरीबों की सेवा करना चाहती हैं। अद्विती के पिता आलोक सिंह जेल अधीक्षक है। वह अपने पिता व भाई को अपना आदर्श मानती है। अद्विती कहती हैं कि उनकी सफलता के पीछे भाई का विशेष योगदान है। बॉयो उनका मन पसंद सब्जेक्ट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया व स्वच्छ भारत मिशन से वह काफी प्रभावित हैं। अद्विती की सफलता पर पैरेंट्स काफी खुश हैं। उनका कहना है कि सफलता के पीछे अद्विती की अपनी मेहनत है।
वैज्ञानिक बन देश सेवा करेगें वैभव
केंद्रीय विद्यालय के छात्र वैभव वाजपेयी के 10 सीजीपीए पाने से माता-पिता काफी खुश है। वैभव के पिता की मोबाइल शॉप की दुकान है। इसरो से वैज्ञानिक बन देश सेवा करने का जज्बा रखने वाले वैभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानते है। वैभव कहते है कि सफलता के पीछे माता-पिता का सहयोग तो मैथ व साइंस उनका पसंदीदा विषय है।
डॉक्टर बन ग्रामीण क्षेत्र में नौकरी करेंगी यशी
ग्रामीण क्षेत्र के आकांक्षा चिल्ड्रेन एकेडमी की 10 सीजीपीए पाने वाली छात्रा यशी श्रीवास्तव के पिता सर्वदेव श्रीवास्तव कृषि विभाग में लिपिक हैं। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने माता पिता को देती हैं। यशी अपनी शिक्षिका माता को आदर्श मानती हैं। यशी डॉक्टर बन ग्रामीण क्षेत्र में अपनी सेवा देना चाहती हैं। इसके लिए वह अभी से 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करती हैं।