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सीडीओ ने तलब किया स्ट्रीट लाइट खरीद का ब्यौरा
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बाराबंकी। ग्राम पंचायतों में लगी स्ट्रीट लाइट खरीद में हुए लाखों के बंदरबांट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद जहां शासन ने इसका संज्ञान लिया है वहीं सीडीओ ने संबंधित बीडीओ से पूरे मामले का ब्यौरा तलब कर रिपोर्ट मांगी है। इसमें यदि सही तरीके से जांच हुई तो कई अधिकारी, प्रधान व ठेकेदारों की गर्दन भी नपना तय माना जा रहा है।
जिले में 1161 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें करीब आधे से अधिक ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि 1200 रुपये कीमत वाली लाइट के एवज में 3900 रुपये तक का भुगतान कर दिया गया है। खेल ऐसे हुआ है कि लाइटें पहले लगा दी गईं इसके बाद इनकी फर्म बनी और उस पर मनमाने तरीके से खरीद व भुगतान करवा दिया गया।
यही नहीं कई जगहों पर जिस कंपनी की लाइट खरीदने का भुगतान किया गया है। उस कंपनी की न होकर दूसरी कंपनी की लाइटें लगा दी गई हैं। ब्लॉक स्तरीय अफसरों व प्रधानों की मिलीभगत से इस काम में सरकार को लाखों का चूना लगाया गया है। अब जब यह मामला तूल पकड़ने लगा है तो अफसर इसे किसी तरह निपटाने का भी प्रयास कर रहे हैं।
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सूत्र बताते हैं कि जिन ग्राम पंचायतों में लाइटें लगी हैं वहां पर यह दिखवाया जा रहा है कि किस कंपनी की लाइट है। ऐसे में घपलेबाजी करने वाले अब खुद को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। सिरौलीगौसपुर, रामनगर व सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने की बात भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में इन ब्लॉक में ही सबसे पहले जांच शुरू कराई गई है। वहीं सिद्धौर, हैदरगढ़, दरियाबाद, बंकी, हरख, देवा, निंदूरा, फतेहपुर ब्लॉक क्षेत्र में भी गांवों में मनमाने तरीके से स्ट्रीट लाइटें लगाने के मामले सामने आ रहे हैं।
जब मॉनीटरिंग नहीं कर पाते तो क्या कर रहे हो
गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के नाम पर हुए भ्रष्टाचार के मामले पर सीडीओ एकता सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। सीडीओ ने बुधवार को सभी बीडीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि जब मॉनीटरिंग नहीं कर पाते हो तो वहां कुर्सी पर बैठे क्या कर रहे हो। सीडीओ के सख्त रवैये के बाद सभी बीडीओ ने अपने-अपने इलाके के वीडीओ व एडीओ पंचायत की बैठक बुलाकर इस मामले में रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू किया है।
ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लगाने के मामले में संबंधित बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। इस पूरे मामले की जांच भी शुरू करवा दी गई है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-एकता सिंह, सीडीओ
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जिले में 1161 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें करीब आधे से अधिक ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि 1200 रुपये कीमत वाली लाइट के एवज में 3900 रुपये तक का भुगतान कर दिया गया है। खेल ऐसे हुआ है कि लाइटें पहले लगा दी गईं इसके बाद इनकी फर्म बनी और उस पर मनमाने तरीके से खरीद व भुगतान करवा दिया गया।
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यही नहीं कई जगहों पर जिस कंपनी की लाइट खरीदने का भुगतान किया गया है। उस कंपनी की न होकर दूसरी कंपनी की लाइटें लगा दी गई हैं। ब्लॉक स्तरीय अफसरों व प्रधानों की मिलीभगत से इस काम में सरकार को लाखों का चूना लगाया गया है। अब जब यह मामला तूल पकड़ने लगा है तो अफसर इसे किसी तरह निपटाने का भी प्रयास कर रहे हैं।
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सूत्र बताते हैं कि जिन ग्राम पंचायतों में लाइटें लगी हैं वहां पर यह दिखवाया जा रहा है कि किस कंपनी की लाइट है। ऐसे में घपलेबाजी करने वाले अब खुद को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। सिरौलीगौसपुर, रामनगर व सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने की बात भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में इन ब्लॉक में ही सबसे पहले जांच शुरू कराई गई है। वहीं सिद्धौर, हैदरगढ़, दरियाबाद, बंकी, हरख, देवा, निंदूरा, फतेहपुर ब्लॉक क्षेत्र में भी गांवों में मनमाने तरीके से स्ट्रीट लाइटें लगाने के मामले सामने आ रहे हैं।
जब मॉनीटरिंग नहीं कर पाते तो क्या कर रहे हो
गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के नाम पर हुए भ्रष्टाचार के मामले पर सीडीओ एकता सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। सीडीओ ने बुधवार को सभी बीडीओ को निर्देशित करते हुए कहा कि जब मॉनीटरिंग नहीं कर पाते हो तो वहां कुर्सी पर बैठे क्या कर रहे हो। सीडीओ के सख्त रवैये के बाद सभी बीडीओ ने अपने-अपने इलाके के वीडीओ व एडीओ पंचायत की बैठक बुलाकर इस मामले में रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू किया है।
ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लगाने के मामले में संबंधित बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। इस पूरे मामले की जांच भी शुरू करवा दी गई है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-एकता सिंह, सीडीओ