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Barabanki News: बदलते रहे बयान, महिला होमगार्ड से दुष्कर्म का आरोपी बरी
Tue, 21 Jul 2026 02:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:05 AM IST
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बाराबंकी। फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में महिला होमगार्ड से दुष्कर्म, ब्लैकमेल और फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक फोटो वायरल करने के चर्चित मामले में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र की एक महिला होमगार्ड ने नौ सितंबर 2023 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 21 अगस्त 2023 की रात करीब 11 बजे पड़ोस की एक महिला उसके घर आई थी। उसके जाने के बाद पड़ोसी महिला का रिश्तेदार, देवरिया जिले के कसया थाना क्षेत्र के भटनी दादन गांव निवासी अनूप सिंह जबरन घर में घुस आया।
आरोप था कि उसने तौलिये से मुंह बांधकर दुष्कर्म किया, आपत्तिजनक फोटो खींच लीं और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने इस दौरान ढाई लाख रुपये भी वसूल लिए। बाद में 20 हजार रुपये की और मांग पूरी न होने पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दी, जिससे उसकी तय शादी भी टूट गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि अनूप सिंह के दो दोस्त शुभम और अरुण केस वापस लेने के लिए धमकी देते थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पीड़िता के धारा 161 और धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज बयानों में एकरूपता नहीं थी। न्यायालय ने विवेचना में भी कई खामियां पाईं।
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वहीं, चिकित्सीय परीक्षण में पीड़िता के शरीर पर न तो बाहरी या आंतरिक चोट मिली और न ही यौन हिंसा के संकेत पाए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने आरोपी अनूप सिंह को दोषमुक्त करार दिया।
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22 साल पुराने सड़क हादसे में बस चालक बरी :
वर्ष 2004 के सड़क हादसे में बस चालक पर चल रहे मुकदमे का फैसला सुनाते हुए अदालत ने उसे दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार रेलवे गैंगमैन हरिदास ने 17 सितंबर 2004 को ड्यूटी समाप्त करने के बाद सफेदाबाद बाजार आए थे। इसी दौरान बाराबंकी से लखनऊ जा रही बस ने कथित रूप से तेज रफ्तार व लापरवाही से उन्हें टक्कर मार दी। हरिदास की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई थी। इस मामले में सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाना क्षेत्र के निवासी दुर्गा प्रसाद तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद आरोप सिद्ध करने के लिए कोई प्रभावी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। एसीजेएम प्राची अग्रवाल ने आरोपी को बरी कर दिया।
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सार्वजनिक संपत्ति नुकसान मामले में तीन को जमानत : फतेहपुर कोतवाली में वर्ष 2021 में दर्ज सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन आरोपियों को जमानत दे दी। मामले में पंचराम, सुरेश चंद्र और हरिराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तीनों ने अदालत में स्वयं को निर्दोष बताते हुए जमानत अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों की अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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21 साल पुराने पिटाई प्रकरण में दो दोषियों पर जुर्माना :
21 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्षम द्विवेदी की अदालत ने फैसला सुनाते हुए दो दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने घटना के करीब 21 वर्ष पुराने होने को ध्यान में रखते हुए दोषी अनिल कुमार वर्मा और अरविंद पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि घायल व्यक्ति को दी जाए। मामले के दो अन्य आरोपियों की विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
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आरोप था कि उसने तौलिये से मुंह बांधकर दुष्कर्म किया, आपत्तिजनक फोटो खींच लीं और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने इस दौरान ढाई लाख रुपये भी वसूल लिए। बाद में 20 हजार रुपये की और मांग पूरी न होने पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दी, जिससे उसकी तय शादी भी टूट गई।
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पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि अनूप सिंह के दो दोस्त शुभम और अरुण केस वापस लेने के लिए धमकी देते थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पीड़िता के धारा 161 और धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज बयानों में एकरूपता नहीं थी। न्यायालय ने विवेचना में भी कई खामियां पाईं।
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वहीं, चिकित्सीय परीक्षण में पीड़िता के शरीर पर न तो बाहरी या आंतरिक चोट मिली और न ही यौन हिंसा के संकेत पाए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने आरोपी अनूप सिंह को दोषमुक्त करार दिया।
22 साल पुराने सड़क हादसे में बस चालक बरी :
वर्ष 2004 के सड़क हादसे में बस चालक पर चल रहे मुकदमे का फैसला सुनाते हुए अदालत ने उसे दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार रेलवे गैंगमैन हरिदास ने 17 सितंबर 2004 को ड्यूटी समाप्त करने के बाद सफेदाबाद बाजार आए थे। इसी दौरान बाराबंकी से लखनऊ जा रही बस ने कथित रूप से तेज रफ्तार व लापरवाही से उन्हें टक्कर मार दी। हरिदास की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई थी। इस मामले में सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाना क्षेत्र के निवासी दुर्गा प्रसाद तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद आरोप सिद्ध करने के लिए कोई प्रभावी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। एसीजेएम प्राची अग्रवाल ने आरोपी को बरी कर दिया।
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सार्वजनिक संपत्ति नुकसान मामले में तीन को जमानत : फतेहपुर कोतवाली में वर्ष 2021 में दर्ज सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन आरोपियों को जमानत दे दी। मामले में पंचराम, सुरेश चंद्र और हरिराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तीनों ने अदालत में स्वयं को निर्दोष बताते हुए जमानत अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों की अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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21 साल पुराने पिटाई प्रकरण में दो दोषियों पर जुर्माना :
21 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्षम द्विवेदी की अदालत ने फैसला सुनाते हुए दो दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने घटना के करीब 21 वर्ष पुराने होने को ध्यान में रखते हुए दोषी अनिल कुमार वर्मा और अरविंद पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि घायल व्यक्ति को दी जाए। मामले के दो अन्य आरोपियों की विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है।