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Barabanki News: झोलाछाप का कलंक मिटाने को बेची जमीन, अब बेटा बनेगा डॉक्टर
Tue, 17 Jun 2025 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 17 Jun 2025 01:02 AM IST
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सूरतगंज, (बाराबंकी)। सूरतगंज ब्लॉक के कुतलूपुर के निवासी करन शिल्पकार ने डॉक्टरी की पढ़ाई की प्रवेश परीक्षा नीट में 5825 रैंक हासिल कर अपने पिता का सपना साकार किया है। करन के पिता राम स्वरूप खेती के साथ ही गांव के लोगों की छोटी-मोटी बीमारियाें का इलाज भी करते हैं, ऐसे में उन्हें लोग झोलाछाप कहते हैं।
पिता राम स्वरूप ने अपने ऊपर लगे झोलाछाप के कलंक को मिटाने के लिए अपनी आठ संतानों में सबसे छोटे पुत्र करन को एमबीबीएस डाॅक्टर बनाने की ठानते हुए दो बीघा जमीन बेचकर उसे नीट की तैयारी कराई, अब बेटा किसी सरकारी कॉलेज में पढ़कर डॉक्टर बनेगा। नीट की कोचिंग में खर्च हुए पांच लाख
करन की हाईस्कूल तक पढ़ाई क्षेत्र के ही बाबा बालकराम इंटर कालेज से हुई। इसके बाद बाराबंकी शहर के लखपेड़ाबाग में महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज से इंटर तक पढ़ाई हॉस्टल में रहकर की। करन के अनुसार उन्होंने वर्ष 2022 में इंटर की परीक्षा पास की, इसके बाद लखनऊ की एक कोचिंग से नीट की परीक्षा के लिए तैयारी की। कोचिंग में पांच लाख रुपये का खर्च आया, जिसे पूरा करने के लिए पिता ने दो बीघा जमीन बेच दी।
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करन का कहना है कि पिता ने उन्हें डॉक्टर बनाने का जो सपना देखा, उसकी पहली सीढ़ी नीट परीक्षा पास कर पूरी कर ली है। नीट में 5825 रैंक आई है, जिससे सरकारी कॉलेज मिलेगा। इस सफलता से माता-पिता के साथ ही पूरा परिवार व गांव के लोग खुश हैं।
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पिता राम स्वरूप ने अपने ऊपर लगे झोलाछाप के कलंक को मिटाने के लिए अपनी आठ संतानों में सबसे छोटे पुत्र करन को एमबीबीएस डाॅक्टर बनाने की ठानते हुए दो बीघा जमीन बेचकर उसे नीट की तैयारी कराई, अब बेटा किसी सरकारी कॉलेज में पढ़कर डॉक्टर बनेगा। नीट की कोचिंग में खर्च हुए पांच लाख
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करन की हाईस्कूल तक पढ़ाई क्षेत्र के ही बाबा बालकराम इंटर कालेज से हुई। इसके बाद बाराबंकी शहर के लखपेड़ाबाग में महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज से इंटर तक पढ़ाई हॉस्टल में रहकर की। करन के अनुसार उन्होंने वर्ष 2022 में इंटर की परीक्षा पास की, इसके बाद लखनऊ की एक कोचिंग से नीट की परीक्षा के लिए तैयारी की। कोचिंग में पांच लाख रुपये का खर्च आया, जिसे पूरा करने के लिए पिता ने दो बीघा जमीन बेच दी।
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करन का कहना है कि पिता ने उन्हें डॉक्टर बनाने का जो सपना देखा, उसकी पहली सीढ़ी नीट परीक्षा पास कर पूरी कर ली है। नीट में 5825 रैंक आई है, जिससे सरकारी कॉलेज मिलेगा। इस सफलता से माता-पिता के साथ ही पूरा परिवार व गांव के लोग खुश हैं।