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Barabanki News: करीब 10 साल बाद झीलों में सारस ने फिर बनाए घोंसले
Sat, 26 Sep 2026 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:48 AM IST
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रसौली की झील में अठखेलियां करते सारस।
बाराबंकी। करीब 10 साल बाद जिले की झीलों में सारस ने दोबारा घोंसले बनाकर प्रजनन शुरू किया है। मंजीठा के पास कमरांवा गांव की झील में कई स्थानों पर सारस के घोंसले मिले हैं। रसौली की झील में भी सारस का नियमित बसेरा मिला है। वेटलैंड संरक्षण का असर यह है कि वर्ष 2024 की ग्रीष्मकालीन गणना में जिले में मिले 257 सारस की संख्या बढ़कर अब 380 हो गई है।
वन विभाग ने जिले में करीब 401 वेटलैंड चिह्नित किए हैं। इनमें 12 बड़े वेटलैंड यानी झीलों को प्रमुख रूप से सूचीबद्ध कर संरक्षण और निगरानी की जा रही है। कमरांवा झील में सारस के घोंसले और प्रजनन को विभाग संरक्षण प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम मान रहा है। इन झीलों में प्राकृतिक वनस्पतियों के साथ विभिन्न जीव-जंतुओं की मौजूदगी भी बढ़ रही है।
डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि सारस की सुरक्षा और निगरानी के लिए हर रेंज में विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है। वनकर्मियों और फॉरेस्टरों को झीलों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब अन्य वेटलैंड को भी पक्षियों के सुरक्षित आश्रयस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। विभाग का जोर सारस की संख्या बढ़ाने के साथ झीलों के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने पर भी है। (संवाद)
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बाराबंकी के 12 अधिसूचित वेटलैंड वन क्षेत्र-- -- -- -- वेटलैंड का नाम-- -- क्षेत्रफल हेक्टेयर में
फतेहपुर-- - भगहर-- -- -- -- 74.124
हैदरगढ़-- चकोरा-- -- -- -- -- - 41.74
रामनगर-- बनगांवा-- -- -- -- 36.84
हैदरगढ़-- भितरी-- -- -- -- -- -- 24.25
देवा-- -- बैनाटीकाहार-- -- -- - 23.67
बाराबंकी-- कमरावां-- -- -- -- - 29.88
रामसनेहीघाट-- सरायबरई-- -- -- 18.19
फतेहपुर- नटकौली-- -- -- -- - 10.72
रामनगर-- खुर्दमऊ-- -- -- -- - 7.44
हरख-- -- सादुल्लापुर-- -- -- -4.87
देवा-- -- -- सलारपुर-- -- -- -- -- 40.17
रामसनेहीघाट-- सराही-- -- -- - 17.59
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वन विभाग ने जिले में करीब 401 वेटलैंड चिह्नित किए हैं। इनमें 12 बड़े वेटलैंड यानी झीलों को प्रमुख रूप से सूचीबद्ध कर संरक्षण और निगरानी की जा रही है। कमरांवा झील में सारस के घोंसले और प्रजनन को विभाग संरक्षण प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम मान रहा है। इन झीलों में प्राकृतिक वनस्पतियों के साथ विभिन्न जीव-जंतुओं की मौजूदगी भी बढ़ रही है।
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डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि सारस की सुरक्षा और निगरानी के लिए हर रेंज में विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है। वनकर्मियों और फॉरेस्टरों को झीलों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब अन्य वेटलैंड को भी पक्षियों के सुरक्षित आश्रयस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। विभाग का जोर सारस की संख्या बढ़ाने के साथ झीलों के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने पर भी है। (संवाद)
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बाराबंकी के 12 अधिसूचित वेटलैंड वन क्षेत्र
फतेहपुर
हैदरगढ़
रामनगर
हैदरगढ़
देवा
बाराबंकी
रामसनेहीघाट
फतेहपुर- नटकौली
रामनगर
हरख
देवा
रामसनेहीघाट
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रसौली की झील में अठखेलियां करते सारस।

रसौली की झील में अठखेलियां करते सारस।