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कोरोना से सफाई कर्मी समेत छह की मौत, 155 मिले पॉजिटिव
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बाराबंकी। जिले में कोरोना से हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। वृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर एक सफाई कर्मी और व्यापारी समेत छह लोगों की मौत हो गई। वहीं देरशाम आई जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में 155 और पॉजिटिव पाए गए हैं इनमें से ज्यादातर को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
कोरोना की चपेट में आकर सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के कोटवाधाम के रहने वाले एक सफाई कर्मी की वृहस्पतिवार को उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। परिवारीजनों के अनुसार हालत गंभीर होने पर चार दिन पूर्व सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हैदरगढ़ क्षेत्र के बीजापुर गांव निवासी भट्ठा व्यापारी की लखनऊ के एक निजी अस्पताल में वृहस्पतिवार को मौत हो गई। परिवारीजनों के अनुसार हालत गंभीर होने पर चार दिन पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
इसी प्रकार कस्बे के रहने वाले एक अधेड़ की मौत भी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हो गई। वहीं त्रिवेदीगंज के शिवनाम के रहने वाले एक व्यक्ति की भी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा सूरतगंज निवासी एक अधेड़ और हरिहरपुर निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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परिवारीजनों ने बताया कि हालत गंभीर होने पर सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर वृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह से जिले में अब तक कोरोना से 158 लोगों की जान जा चुकी है। संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहे तमाम प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं और संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है।
सुधर नहीं रहे निजी अस्पताल
कोरोना मरीजों से अवैध वसूली, ऑक्सीजन न होने की बात कहकर भर्ती न लेने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा भले ही निजी अस्पतालों की जांच कराई जा रही हो। मगर ये अस्पताल हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इन अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी है। तीमारदारों की मजबूरी का फायदा अस्पताल संचालक जमकर उठा रहे हैं।
संक्रमण के फैलाव को रोकने और मृत्युदर में कमी लाने का बराबर प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश भी दिए गए हैं और जांच और कांटैक्ट ट्रेसिंग में तेजी लाने को कहा गया है। कोरोना से बचाव का एकमात्र रास्ता है कि जो लोग पात्र हैं वह वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
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कोरोना की चपेट में आकर सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के कोटवाधाम के रहने वाले एक सफाई कर्मी की वृहस्पतिवार को उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। परिवारीजनों के अनुसार हालत गंभीर होने पर चार दिन पूर्व सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हैदरगढ़ क्षेत्र के बीजापुर गांव निवासी भट्ठा व्यापारी की लखनऊ के एक निजी अस्पताल में वृहस्पतिवार को मौत हो गई। परिवारीजनों के अनुसार हालत गंभीर होने पर चार दिन पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
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इसी प्रकार कस्बे के रहने वाले एक अधेड़ की मौत भी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हो गई। वहीं त्रिवेदीगंज के शिवनाम के रहने वाले एक व्यक्ति की भी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा सूरतगंज निवासी एक अधेड़ और हरिहरपुर निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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परिवारीजनों ने बताया कि हालत गंभीर होने पर सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर वृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह से जिले में अब तक कोरोना से 158 लोगों की जान जा चुकी है। संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहे तमाम प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं और संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है।
सुधर नहीं रहे निजी अस्पताल
कोरोना मरीजों से अवैध वसूली, ऑक्सीजन न होने की बात कहकर भर्ती न लेने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा भले ही निजी अस्पतालों की जांच कराई जा रही हो। मगर ये अस्पताल हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इन अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी है। तीमारदारों की मजबूरी का फायदा अस्पताल संचालक जमकर उठा रहे हैं।
संक्रमण के फैलाव को रोकने और मृत्युदर में कमी लाने का बराबर प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश भी दिए गए हैं और जांच और कांटैक्ट ट्रेसिंग में तेजी लाने को कहा गया है। कोरोना से बचाव का एकमात्र रास्ता है कि जो लोग पात्र हैं वह वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ