{"_id":"f8c4bfaf2967391e95efe990ccfb7f74","slug":"shikshamitra-will-not-celebrate-diwali-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली नहीं मनाएंगे शिक्षामित्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली नहीं मनाएंगे शिक्षामित्र
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Nov 2015 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को शिक्षामित्रों ने बीआरसी बड़ेल पर धरना देकर इस बार दीपावली नहीं मनाने का निर्णय लिया। साथ ही शिक्षामित्रों के मामले में सरकार द्वारा बरती जा रही हीलाहवाली पर नाराजगी भी जताई। इसके बाद अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वहीं, अब राज्य सरकार भी इस मामले में हीलाहवाली बरत रही है। इसको लेकर शिक्षामित्रों ने इस बार दीपावली नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा प्रदेश नेतृत्व ने तो एसएलपी दायर कर दी है अब राज्य सरकार को भी इस ओर ध्यान देना होगा तभी शिक्षामित्रों का भला हो सकता है। उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सहायक शिक्षक पद पर समायोजन रद्द होने के बावजूद शिक्षामित्रों ने धैर्य से काम लिया।
विज्ञापन
कहा कि, धैर्य और एकजुटता से जो लड़ाई जीती जा सकती है वह विरोध प्रदर्शन से जीतना संभव नहीं है। इस दौरान शिक्षामित्रों की मौत पर शोक संवेदना भी व्यक्त की गई। इस मौके पर रामशंकर राठौर, रोहित त्रिपाठी, बजरंग रावत, अतुल मंगल, अजय पांडेय, संजय मिश्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वहीं, अब राज्य सरकार भी इस मामले में हीलाहवाली बरत रही है। इसको लेकर शिक्षामित्रों ने इस बार दीपावली नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा प्रदेश नेतृत्व ने तो एसएलपी दायर कर दी है अब राज्य सरकार को भी इस ओर ध्यान देना होगा तभी शिक्षामित्रों का भला हो सकता है। उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सहायक शिक्षक पद पर समायोजन रद्द होने के बावजूद शिक्षामित्रों ने धैर्य से काम लिया।
विज्ञापन
कहा कि, धैर्य और एकजुटता से जो लड़ाई जीती जा सकती है वह विरोध प्रदर्शन से जीतना संभव नहीं है। इस दौरान शिक्षामित्रों की मौत पर शोक संवेदना भी व्यक्त की गई। इस मौके पर रामशंकर राठौर, रोहित त्रिपाठी, बजरंग रावत, अतुल मंगल, अजय पांडेय, संजय मिश्र आदि मौजूद रहे।