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Barabanki News: शारदीय नवरात्र कल से, सजने लगे दरबार, गूंजेंगे जयकार
Sun, 21 Sep 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:25 AM IST
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बाराबंकी। आस्था, उल्लास और समृद्धि का पर्व नवरात्र की शुरुआत साेमवार 22 सितंबर से होगी। इस बार नवरात्र पर श्रद्धालु द्वारा दस दिनों तक घरों से लेकर मंदिरों तक में मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों का विधि विधान से पूजन अर्चन किया जाएगा। पं. वीरेंद्र व्यास शास्त्री ने बताया कि इस बार नवरात्र दस दिन के होंगेे। 24 व 25 सितंबर को तृतीया तिथि दो दिन होने के कारण मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा होगी।
उन्होंने बताया कि नवरात्र का शुभारंभर सोमवार के दिन प्रतिपदा तिथि से होने के कारण मां की सवारी इस बार हाथी होगी। हाथी को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ऐसे में मां भगवती भक्तों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आएंगी। नवरात्र की तैयारी को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। जगह-जगह तैयार हो रही मां दुर्गा की प्रतिमाओं को भी अंतिम स्वरूप देकर पंडालों में स्थापित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
शहर की मुख्य बाजार धनोखर, घंटाघर, निबलेट में मां की मूर्तियां, नारियल, आसन, श्रृंगार व पूजा से संबंधित बिछिया, चूूड़ी, बिंदी, मेहंदी, महावर, चुनरी, नए वस्त्र हर कोई खरीद रहा है। व्रत के दौरान खाने पीने वाली सामग्री कुट्टू के आटे, मखाने, मूंगफली आदि की खरीद के लिए भी दुकानों में खरीदारो की भीड़ जुटी है। पोशाक विक्रेता रविंद्र ने बताया कि इस बार मां के लिए गुलाबी व हरे रंग का लहंगा के साथ मैचिंग की चूड़ियां महिलाओं को खूब भा रही है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पं. अखिलेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि सोमवार को शारदीय नवरात्र पर घट स्थापना एवं देवी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:09 से लेकर 8:06 तक है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:49 से लेकर दोपहर 12:38 श्रेष्ठ है। इस बार गज पर आगमन होने से माता धन-धान्य की वृद्धि, कृषि कार्य में बढ़ोतरी, अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि एवं विजय प्रदान करेंगी।
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उन्होंने बताया कि नवरात्र का शुभारंभर सोमवार के दिन प्रतिपदा तिथि से होने के कारण मां की सवारी इस बार हाथी होगी। हाथी को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है। ऐसे में मां भगवती भक्तों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आएंगी। नवरात्र की तैयारी को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। जगह-जगह तैयार हो रही मां दुर्गा की प्रतिमाओं को भी अंतिम स्वरूप देकर पंडालों में स्थापित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
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शहर की मुख्य बाजार धनोखर, घंटाघर, निबलेट में मां की मूर्तियां, नारियल, आसन, श्रृंगार व पूजा से संबंधित बिछिया, चूूड़ी, बिंदी, मेहंदी, महावर, चुनरी, नए वस्त्र हर कोई खरीद रहा है। व्रत के दौरान खाने पीने वाली सामग्री कुट्टू के आटे, मखाने, मूंगफली आदि की खरीद के लिए भी दुकानों में खरीदारो की भीड़ जुटी है। पोशाक विक्रेता रविंद्र ने बताया कि इस बार मां के लिए गुलाबी व हरे रंग का लहंगा के साथ मैचिंग की चूड़ियां महिलाओं को खूब भा रही है।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पं. अखिलेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि सोमवार को शारदीय नवरात्र पर घट स्थापना एवं देवी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:09 से लेकर 8:06 तक है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:49 से लेकर दोपहर 12:38 श्रेष्ठ है। इस बार गज पर आगमन होने से माता धन-धान्य की वृद्धि, कृषि कार्य में बढ़ोतरी, अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि एवं विजय प्रदान करेंगी।