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Barabanki News: आत्महत्या के लिए उकसाने में सात साल की कैद
Fri, 22 Nov 2024 03:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 22 Nov 2024 03:31 AM IST
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बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश अमित सिंह ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति, पत्नी व पुत्र को सात वर्ष की कैद व 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 20 हजार रुपये मृतक के परिवार को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार असंद्रा थाना क्षेत्र के धनौरा गांव निवासी रजनी
ने 10 जुलाई 2021 को केस दर्ज कराया था कि गांव की ही गीता तिवारी, पति उमाशंकर तिवारी व पुत्र आशीष की बातों से आजिज आकर इनके 16 साल के पुत्र ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने तीनों को मौत का जिम्मेदार बताया है।
आरोपियों ने रजनी के पति गोपी शंकर का भी अपहरण कर लिया है। इन्होंने धोखे से गोपी शंकर से जमीन का बैनामा करवा लिया था और रुपये भी नहीं दिए। रुपये मांगने पर बेटा आरोपियों के घर गया था। रुपये न देने पर जमीन वापस करने को कहा तो आरोपियों ने उसके घर को बर्बाद करने की धमकी दी थी।
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को सात वर्ष की कैद व 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार असंद्रा थाना क्षेत्र के धनौरा गांव निवासी रजनी
ने 10 जुलाई 2021 को केस दर्ज कराया था कि गांव की ही गीता तिवारी, पति उमाशंकर तिवारी व पुत्र आशीष की बातों से आजिज आकर इनके 16 साल के पुत्र ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने तीनों को मौत का जिम्मेदार बताया है।
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आरोपियों ने रजनी के पति गोपी शंकर का भी अपहरण कर लिया है। इन्होंने धोखे से गोपी शंकर से जमीन का बैनामा करवा लिया था और रुपये भी नहीं दिए। रुपये मांगने पर बेटा आरोपियों के घर गया था। रुपये न देने पर जमीन वापस करने को कहा तो आरोपियों ने उसके घर को बर्बाद करने की धमकी दी थी।
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को सात वर्ष की कैद व 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।