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आग से सात घर राख
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टिकैतनगर (बाराबंकी)। सरयू नदी के पार बसे बांसगांव में शनिवार देर शाम बिजली की शॉर्ट सर्किट से आग लग गई जिससे सात ग्रामीणों के छप्पर नुमा मकान राख हो गए। इन घरों का सारा सामान राख हो गया। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था।
थाना क्षेत्र टिकैतनगर के बांसगांव के रहने वाले कैलाश की झोपड़ी के पीछे से बिजली की लाइन निकली है। तारों के आपस में टकराने से शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। ग्रामीण जब तक कुछ कर पाते, देखते ही देखते आग बढ़ने लगी। आग ने पड़ोस के श्रवण, प्रेम, मैकू, शिवबहादुर व फूलमती की झोपड़ी को भी अपनी चपेट में ले लिया।
तराई क्षेत्र में दमकल गाड़ी का पहुंचना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक चपेट में आए सभी घरों का सारा सामान राख हो गया। अनाज व कपड़े समेत कुछ भी नहीं बचा। गरीब परिवारों के सामने अब खुले आसमान के नीचे सोने के साथ ही अब भोजन आदि की समस्या भी खड़ी हो गई है।
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क्षेत्रीय लेखपाल शिवपूजन ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तैयार की। तहसीलदार रामसनेहीघाट दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि राजस्व लेखपाल से आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आर्थिक सहायता मुहैया कराई जायेगी। साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री की भी व्यवस्था कराई जा रही है।
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थाना क्षेत्र टिकैतनगर के बांसगांव के रहने वाले कैलाश की झोपड़ी के पीछे से बिजली की लाइन निकली है। तारों के आपस में टकराने से शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। ग्रामीण जब तक कुछ कर पाते, देखते ही देखते आग बढ़ने लगी। आग ने पड़ोस के श्रवण, प्रेम, मैकू, शिवबहादुर व फूलमती की झोपड़ी को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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तराई क्षेत्र में दमकल गाड़ी का पहुंचना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक चपेट में आए सभी घरों का सारा सामान राख हो गया। अनाज व कपड़े समेत कुछ भी नहीं बचा। गरीब परिवारों के सामने अब खुले आसमान के नीचे सोने के साथ ही अब भोजन आदि की समस्या भी खड़ी हो गई है।
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क्षेत्रीय लेखपाल शिवपूजन ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तैयार की। तहसीलदार रामसनेहीघाट दयाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि राजस्व लेखपाल से आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आर्थिक सहायता मुहैया कराई जायेगी। साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री की भी व्यवस्था कराई जा रही है।