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Barabanki News: जीवित माता-पिता की सेवा और सम्मान सच्चा कर्मकांड
Sat, 20 Sep 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 20 Sep 2025 12:35 AM IST
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सफदरगंज। लखनऊ-अयोध्या मार्ग किनारे स्थिति स्थानीय पारिजात संस्थान में युवक समिति की ओर से 31 वां जननी-जनक महोत्सव शुक्रवार को आयोजित किया गया। पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा भाव समर्पित करने के साथ ही इस महोत्सव में शामिल लोगों ने अपने-अपने जीवित माता-पिता की पूजा कर आरती उतारी। उन्हें भोजन कराया। जीवन भर उनकी सेवा और सम्मान करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में 55 परिवार शामिल हुए।
पूर्व प्रधान सत्यनाम रावत ने कहा कि जीवित माता-पिता की सेवा और सम्मान सच्चा कर्मकांड है। यह आयोजन 30 साल पहले स्वर्गीय पूर्व विधायक रामनरेश रावत ने शुरू किया था, आज गांव-गांव लोग इसका अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने राम नरेश रावत के निधन के बाद इस आयोजन को निरंतर करने व अन्य लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए रामनरेश रावत के पुत्र अरुण रावत को भी सराहा।
आयोजन में अरुण ने भी अपनी पत्नी के साथ माता सरोज रावत की आरती उतारकर पूजा की। सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि माता-पिता से बढ़कर इस संसार में कोई देवता नहीं है। जीवनकाल में उनकी पूजा-अर्चना की यह परंपरा अत्यंत सराहनीय एवं अनुकरणीय है। कार्यक्रम में रायबरेली जिले के भी कई परिवार शामिल हुए। (संवाद)
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पूर्व प्रधान सत्यनाम रावत ने कहा कि जीवित माता-पिता की सेवा और सम्मान सच्चा कर्मकांड है। यह आयोजन 30 साल पहले स्वर्गीय पूर्व विधायक रामनरेश रावत ने शुरू किया था, आज गांव-गांव लोग इसका अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने राम नरेश रावत के निधन के बाद इस आयोजन को निरंतर करने व अन्य लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए रामनरेश रावत के पुत्र अरुण रावत को भी सराहा।
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आयोजन में अरुण ने भी अपनी पत्नी के साथ माता सरोज रावत की आरती उतारकर पूजा की। सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि माता-पिता से बढ़कर इस संसार में कोई देवता नहीं है। जीवनकाल में उनकी पूजा-अर्चना की यह परंपरा अत्यंत सराहनीय एवं अनुकरणीय है। कार्यक्रम में रायबरेली जिले के भी कई परिवार शामिल हुए। (संवाद)
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