फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Seniors are lazy, arrangements for treatment are the responsibility of juniors.

Barabanki News: सीनियर सुस्त, जूनियरों के जिम्मे इलाज की व्यवस्था

Tue, 13 Aug 2024 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Tue, 13 Aug 2024 12:21 AM IST
विज्ञापन
Seniors are lazy, arrangements for treatment are the responsibility of juniors.
बाराबंकी। सीनियर चिकित्सकों की बेपरवाही के कारण जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी सीनियर से ज्यादा जूनियरों के भरोसे दिखती है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक जूनियर चिकित्सकों के साथ ही दवा काउंटर व अन्य जगह प्रशिक्षु फार्मासिस्ट व नर्सिंग स्टाफ तक मरीजों के इलाज से जुड़ा कार्य कर रहे हैं। मौजूदा समय में जिला अस्पताल में करीब सवा सौ से ज्यादा जूनियर चिकित्सक व प्रशिक्षु अस्पताल की व्यवस्था को संभालने में सीनियर से ज्यादा काम करते देखे जा सकते हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के डिजिटल एक्सरे कक्ष में एक प्रशिक्षु मरीजों का पर्चा जमा कराते नजर आई। औषधि वितरण कक्ष में मौजूद प्रशिक्षु मरीजों में दवा का वितरण करते दिखाई दिए। जिस कक्ष में मरीजों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है वहां पर सिर्फ प्रशिक्षु ही मौजूद थे। डॉक्टर कक्षों में मौजूद प्रशिक्षु मरीजों को दवा लिखते व मरीजों का सहयोग करते दिखाई दिए। इसके अलावा इमरजेंसी और पैथालॉजी में भी प्रशिक्षु मरीजों का इलाज करने के साथ ही उनकी मदद करने में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में दवा लेने आए पुन्नी लाल ने बताया कि डॉक्टर ने बुखार की दवा लिखी औषधि वितरण कक्ष से दवा लाकर डाॅक्टर को दिखाई तो पैरासिटामॉल की जगह डाइक्लोफेनिक की टेबलेट मरीज को दे दी गई। जिस पर डॉक्टर ने मौजूद कर्मी को भेज सही दवा दिलाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

ओपीडी में मौजूद रामपाल ने बताया कि तेज बुखार परिजन उसे इमरजेंसी लाए थे जहां पर प्रशिक्षु ने इंजेक्शन लगा दिया, उसी शाम को हाथ में सूजन आ गई और तभी से दर्द हो रही जिसकी दवा लेने के लिए आए हैं। मरीजों को इसी बात की आशंका रहती है यहीं वजह है कि इन पर प्रशिक्षितों के द्वारा नजर रखी जाए तो और बेहतर होगा।
जिला अस्पताल में पिछले दो साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली चल रहा है। यहां पर निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की पढ़ाई करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए लगाया गया है। इन्हीं की वजह से ही अस्पताल में आने वाले मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा पिछले कुछ महीनों से मिल रही है। जिस दिन यह नहीं आते हैं उस दिन मरीजों को बिना जांच के ही लौटना पड़ता है।


अस्पताल में चेस्टरोग, हृदयरोग और रेडियोलॉजिस्ट के चिकित्सक नहीं है इसके अलावा कर्मियों की भी कमी है। शासन के आदेश पर ही जूनियर डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षुओं को रखा गया है। इनके सहयोग से ही अस्पताल में आने वाली मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मुहैया हो पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed