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सचिव नहीं कर रहे छह करोड़ से अधिक का भुगतान
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बाराबंकी। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर माह में समाप्त हो रहा है जबकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव फरवरी में होने की संभावना है लेकिन इस बीच दो माह के समय में ग्राम पंचायतों का जिम्मा सचिवों के हाथ में रहेगा। शायद इसीलिए ग्राम पंचायतों के खातों में पर्याप्त धनराशि होने के बाद भी निर्माण सामग्री आदि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
नौ विकास खंडों की 400 से अधिक ग्राम पंचायतों का करीब छह करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित है। इन पंचायतों में सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, सड़क व नाली निर्माण आदि के कार्य कराए गए हैं।
ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए ग्राम पंचायतों में 14वें, 15वें और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए ग्राम निधि के अलग-अलग खातों में धनराशि पंचायती राज विभाग द्वारा भेजी जाती है लेकिन इस बार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पिछले माह समाप्त हो रहा है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तक गांव के विकास की बागडोर सचिवों के हाथों में रहेगी।
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शायद यही सोचते हुए जिले के नौ विकास खंडों की करीब चार सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी इस वित्तीय वर्ष में करीब छह करोड़ से अधिक का भुगतान संबंधित फर्मों को नहीं किया गया है। यह हाल तब है जब ग्राम निधि के खातों में पर्याप्त धनराशि पड़ी हुई है। इन ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, सड़क व नाली निर्माण समेत कई विकास कार्य कराए गए हैं।
डीपीआरओ रणविजय सिंह ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य होने के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है उसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस संबंध में सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर भुगतान कराया जाएगा।
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नौ विकास खंडों की 400 से अधिक ग्राम पंचायतों का करीब छह करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित है। इन पंचायतों में सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, सड़क व नाली निर्माण आदि के कार्य कराए गए हैं।
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ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए ग्राम पंचायतों में 14वें, 15वें और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए ग्राम निधि के अलग-अलग खातों में धनराशि पंचायती राज विभाग द्वारा भेजी जाती है लेकिन इस बार ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पिछले माह समाप्त हो रहा है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तक गांव के विकास की बागडोर सचिवों के हाथों में रहेगी।
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शायद यही सोचते हुए जिले के नौ विकास खंडों की करीब चार सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी इस वित्तीय वर्ष में करीब छह करोड़ से अधिक का भुगतान संबंधित फर्मों को नहीं किया गया है। यह हाल तब है जब ग्राम निधि के खातों में पर्याप्त धनराशि पड़ी हुई है। इन ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, सड़क व नाली निर्माण समेत कई विकास कार्य कराए गए हैं।
डीपीआरओ रणविजय सिंह ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य होने के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है उसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस संबंध में सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर भुगतान कराया जाएगा।