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Barabanki News: आबादी के पास पहुंची सरयू, आठ घर निशाने पर
Wed, 05 Jul 2023 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 05 Jul 2023 01:14 AM IST
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बाराबंकी/कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी की बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब आधा दर्जन गांवों के पास कटान हो रही है। तेलवारी गांव में आठ आशियाने खतरे में पड़ गए हैं। नदी की धारा आबादी के पास पहुंच गई है। कटान व जलस्तर देख करीब पांच दर्जन गांवों के लोग दहशत में हैं।
सरयू की बाढ़ से जिले की रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर व रामनगर तहसील क्षेत्र के 100 से अधिक गांव हर साल प्रभावित होते हैं। करीब 10 दिन से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है या स्थिर हो जाता है। नदी का जलस्तर जब 105.070 मीटर पर पहुंचता है तो चेतावनी जारी होती है, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर पर है। मंगलवार को एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 104.826 मीटर रिकाॅर्ड किया गया।
नदी इस समय सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कटान कर रही है। तेलवारी गांव के आठ घर इस कटान में समा सकते हैं। नदी की धारा घरों के किनारे बह रही है। इसे लेकर नदी के किनारे बसे करीब 60 गांवों में दहशत है। बाढ़ खंड के मैकेनिकल डिपार्टमेंट ने तेलवारी व अन्य गांवों में ड्रेजिंग का कार्य कराया था, वह भी नदी में समाने लगा है। आपदा विशेषज्ञ प्राची ने बताया कि जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
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अधीक्षण अभियंता ने दिए घर खाली कराने के निर्देश
बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को सरयू नदी के किनारे पर बसे तेलवारी और गोबरहा गांव का निरीक्षण किया। तेलवारी गांव में उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आप लोग घर खाली कर दीजिए। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिया कि सभी को नोटिस जारी कर गांव खाली करा लिया जाए। इस दौरान बाढ़ राहत कार्य में लगे मजदूरों ने अधीक्षण अभियंता से मजदूरी दिलाने की मांग की तो अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए तत्काल भुगतान के निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम बना, कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी
बाढ़ को लेकर कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम की स्थापना कर आधा दर्जन कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। मंगलवार को एनआईसी में राज्य आपदा प्रबंधक प्राधिकरण के अधिकारियों ने एडीएम अरुण कुमार, एसडीएम रामनगर तान्या सिंह व बाढ़ खंड, आपदा विभाग के साथ वर्चुअल बैठक कर रणनीति बनाई। तय किया गया कि 20 जुलाई को बाढ़ से बचाव का मॉक ड्रिल होगा।
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सरयू की बाढ़ से जिले की रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर व रामनगर तहसील क्षेत्र के 100 से अधिक गांव हर साल प्रभावित होते हैं। करीब 10 दिन से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है या स्थिर हो जाता है। नदी का जलस्तर जब 105.070 मीटर पर पहुंचता है तो चेतावनी जारी होती है, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर पर है। मंगलवार को एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 104.826 मीटर रिकाॅर्ड किया गया।
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नदी इस समय सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कटान कर रही है। तेलवारी गांव के आठ घर इस कटान में समा सकते हैं। नदी की धारा घरों के किनारे बह रही है। इसे लेकर नदी के किनारे बसे करीब 60 गांवों में दहशत है। बाढ़ खंड के मैकेनिकल डिपार्टमेंट ने तेलवारी व अन्य गांवों में ड्रेजिंग का कार्य कराया था, वह भी नदी में समाने लगा है। आपदा विशेषज्ञ प्राची ने बताया कि जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
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अधीक्षण अभियंता ने दिए घर खाली कराने के निर्देश
बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को सरयू नदी के किनारे पर बसे तेलवारी और गोबरहा गांव का निरीक्षण किया। तेलवारी गांव में उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आप लोग घर खाली कर दीजिए। उन्होंने मातहतों को निर्देश दिया कि सभी को नोटिस जारी कर गांव खाली करा लिया जाए। इस दौरान बाढ़ राहत कार्य में लगे मजदूरों ने अधीक्षण अभियंता से मजदूरी दिलाने की मांग की तो अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए तत्काल भुगतान के निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम बना, कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी
बाढ़ को लेकर कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम की स्थापना कर आधा दर्जन कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। मंगलवार को एनआईसी में राज्य आपदा प्रबंधक प्राधिकरण के अधिकारियों ने एडीएम अरुण कुमार, एसडीएम रामनगर तान्या सिंह व बाढ़ खंड, आपदा विभाग के साथ वर्चुअल बैठक कर रणनीति बनाई। तय किया गया कि 20 जुलाई को बाढ़ से बचाव का मॉक ड्रिल होगा।