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खतरे के निशान से महज 38 सेमी. दूर सरयू
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गनेेशपुर/ कोटवाधाम। (बाराबंकी)। सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से महज 38 सेंटीमीटर दूर है। नदी का पानी जिस तेजी से बढ़ रहा है उससे तराई में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं नदी का पानी संजय सेतु के पास तेजी से कटान कर रहा है। जबकि नदी के पानी ने गोबरहा गांव के करीब कई घरों को अपने निशाने पर ले लिया है। इससे बाढ़ खंड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने के बाद कटान रोकने का कार्य तेज कर दिया गया है।
सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इसके चलते पूरे तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और कटान भी तेज हो गई है। बाढ़ खंड की लापरवाही का आलम ये है कि नदी के पानी ने संजय सेतु के पास कटान तेज कर दी है।
इसके अलावा गोबरहा गांव के आठ घर नदी के निशाने पर आ गए हैं। वहीं कटान रोकने के लिए गत वर्ष सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह व स्वाति सिंह द्वारा सनावा गांव के पास लगाया गया बोर्ड का पत्थर नदी की कटान में समा गया है। बढ़ते जलस्तर से तराई क्षेत्र के कई गांव में नदी का पानी आबादी की तरफ चढ़ने लगा है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है और सभी को नदी की तरफ जाने से मना कर दिया गया है।
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किन्तूर गांव के पास नदी का पानी अलीनगर रानीमऊ तटबंध में लग गया है। बाढ़ के पानी से सैलानी मजार पूरी तरह से घिर गई है। बाढ़ के पानी को देखते हुए लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। क्षेत्र के सनावा, बघौलीपुरवा, भयकपुरवा, टेपरा, मनीरामपुर, विहड़, सिरौलीगुंग, सरदाहा, घुटरु, परसा, बबुरी, टेपरा, भैरवकोल, सरायसुर्जन, गोबरहा, तेलवारी, इटहुआपूरब, परसवाल, मंझारायपुर, बेहटा, नव्वनपुरवा, रेता आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। इन गांव के लोग अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर परिवारीजनों और मवेशियों के साथ जीवनयापन करते हैं। लेकिन अभी तक बाढ़ से निपटने की कोई तैयारी नही की गई हैं।
सरयू का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ने की जानकारी मिली है इसको लेकर तीनों तहसीलों के एसडीएम को अलर्ट कर दिया गया है। जहां पर भी कटान हो रही है वहां पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के आदेश दिए गए हैं।
-राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी
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सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इसके चलते पूरे तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और कटान भी तेज हो गई है। बाढ़ खंड की लापरवाही का आलम ये है कि नदी के पानी ने संजय सेतु के पास कटान तेज कर दी है।
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इसके अलावा गोबरहा गांव के आठ घर नदी के निशाने पर आ गए हैं। वहीं कटान रोकने के लिए गत वर्ष सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह व स्वाति सिंह द्वारा सनावा गांव के पास लगाया गया बोर्ड का पत्थर नदी की कटान में समा गया है। बढ़ते जलस्तर से तराई क्षेत्र के कई गांव में नदी का पानी आबादी की तरफ चढ़ने लगा है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है और सभी को नदी की तरफ जाने से मना कर दिया गया है।
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किन्तूर गांव के पास नदी का पानी अलीनगर रानीमऊ तटबंध में लग गया है। बाढ़ के पानी से सैलानी मजार पूरी तरह से घिर गई है। बाढ़ के पानी को देखते हुए लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। क्षेत्र के सनावा, बघौलीपुरवा, भयकपुरवा, टेपरा, मनीरामपुर, विहड़, सिरौलीगुंग, सरदाहा, घुटरु, परसा, बबुरी, टेपरा, भैरवकोल, सरायसुर्जन, गोबरहा, तेलवारी, इटहुआपूरब, परसवाल, मंझारायपुर, बेहटा, नव्वनपुरवा, रेता आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। इन गांव के लोग अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर परिवारीजनों और मवेशियों के साथ जीवनयापन करते हैं। लेकिन अभी तक बाढ़ से निपटने की कोई तैयारी नही की गई हैं।
सरयू का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ने की जानकारी मिली है इसको लेकर तीनों तहसीलों के एसडीएम को अलर्ट कर दिया गया है। जहां पर भी कटान हो रही है वहां पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के आदेश दिए गए हैं।
-राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी