{"_id":"6a062ad91ad5f194d20d4510","slug":"rules-on-paper-arbitrariness-on-the-roads-barabanki-news-c-315-1-brp1005-167634-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: कागजों में नियम, सड़कों पर मनमानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: कागजों में नियम, सड़कों पर मनमानी
Fri, 15 May 2026 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 15 May 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। सुबह की पहली धूप जैसे ही शहर में उतरती है, पटेल तिराहा और नाका चौराहा ट्रैफिक के दर्द से कराह उठता है। सड़कें वाहनों से कम, ई रिक्शों की मनमानी कतारों से ज्यादा भरी मिलती हैं। प्रमुख चौराहों पर ई रिक्शा चालकों का कब्जा है। कोई बीच सड़क पर सवारी भर रहा है तो कोई चौराहे पर ही स्टैंड बनाए खड़ा है। नतीजा हर तरफ हॉर्न का शोर और रेंगती जिंदगी।
ट्रैफिक पुलिस के सामने मनमानी जारी
पटेल चौराहा शहर का व्यस्ततम चौराहा है, लेकिन अब यह चौराहा नहीं, ई रिक्शा का स्टैंड बन चुका है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ई रिक्शा चालक अपनी मनमानी करते हैं, बीच सड़क पर सवारी पकड़ते हैं और जाम का मंजर खड़ा करते हैं।
नाका चौराहा: कब्जा और अराजकता चरम पर
नाका चौराहा से हैदरगढ़ और धनोखर रोड जाती हैं, पूरी तरह ई रिक्शा चालकों के हाथों में है। सड़कें रेंगती जिंदगी की तरह धीरे-धीरे ठहरती हैं। ट्रैफिक पुलिस खड़ी है, लेकिन वहां कोई प्रभाव नहीं। बीच सड़क में ही सवारियां भरते हैं।
विज्ञापन
पल्हरी चौराहा: आधी सड़क पर मनमानी का ठिकाना
पल्हरी चौराहा पर ई रिक्शा चालक सड़क पर आधे कब्जे के साथ बैठे हैं। ट्रैफिक पुलिस उनकी मनमानी पर नजर डालती है, पर कदम उठाना भूल जाती है। हॉर्न की आवाज, ब्रेकों की चीखें और रेंगती भीड़, यह सब मिलकर शहर की रफ्तार रोक रहे हैं।
सीओ सिटी संगम कुमार ने बताया कि यातायात बाधित करने वालों के प्रति सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि आम नागरिकों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके। शहर को जाम मुक्त और सुगम बनाने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
ट्रैफिक पुलिस के सामने मनमानी जारी
पटेल चौराहा शहर का व्यस्ततम चौराहा है, लेकिन अब यह चौराहा नहीं, ई रिक्शा का स्टैंड बन चुका है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ई रिक्शा चालक अपनी मनमानी करते हैं, बीच सड़क पर सवारी पकड़ते हैं और जाम का मंजर खड़ा करते हैं।
विज्ञापन
नाका चौराहा: कब्जा और अराजकता चरम पर
नाका चौराहा से हैदरगढ़ और धनोखर रोड जाती हैं, पूरी तरह ई रिक्शा चालकों के हाथों में है। सड़कें रेंगती जिंदगी की तरह धीरे-धीरे ठहरती हैं। ट्रैफिक पुलिस खड़ी है, लेकिन वहां कोई प्रभाव नहीं। बीच सड़क में ही सवारियां भरते हैं।
विज्ञापन
पल्हरी चौराहा: आधी सड़क पर मनमानी का ठिकाना
पल्हरी चौराहा पर ई रिक्शा चालक सड़क पर आधे कब्जे के साथ बैठे हैं। ट्रैफिक पुलिस उनकी मनमानी पर नजर डालती है, पर कदम उठाना भूल जाती है। हॉर्न की आवाज, ब्रेकों की चीखें और रेंगती भीड़, यह सब मिलकर शहर की रफ्तार रोक रहे हैं।
सीओ सिटी संगम कुमार ने बताया कि यातायात बाधित करने वालों के प्रति सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि आम नागरिकों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके। शहर को जाम मुक्त और सुगम बनाने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया जाएगा।