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हाईवे पर खड़े भारी वाहन बन रहे दुर्घटना का सबब

Thu, 17 Feb 2022 12:59 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 12:59 AM IST
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road accident
रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। जिले से गुजरे हाईवे के दोनों ओर अनियमित तरीके से खड़े होने वाले भारी वाहनों के कारण कई बड़े हादसे हो चुके हैं। दर्जनों लोगों की जानें जा चुकी है। हर हादसे के बाद निगरानी के निर्देश जारी होते हैं। दो-तीन दिनों तक सख्ती होती है मगर फिर ये बस नजरअंदाज किया जाने लगता है।
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दो महीने पहले रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र में ही खराबी आने से खड़ी डबल डेकर बस में पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि दर्जनों घायल हो गए थे मगर उस घटना से भी जिम्मेदारों ने कोई सबक नहीं लिया। जिसका परिणाम यह है कि आधा दर्जन और लोग हादसे में मारे गए। हाईवे किनारे खड़ा ट्रक एक बार फिर बड़े हादसे का कारण बन गया।
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लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग के दोनों ओर दर्जनों ढाबे संचालित हैं। इन ढाबों के पास हाईवे किनारे अक्सर ट्रक व अन्य वाहन खड़े रहते हैं। यह एआरटीओ, एनएचएआई व पुलिस तीनों की जिम्मेदारी है कि हाईवे के यातायात में कोई व्यवधान न हो। लेकिन बाराबंकी से रामसनेहीघाट तक हर समय हाईवे के किनारे खड़े भारी वाहन दिख जाते हैं।
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कुछ जगह पर साइड रोड के आसपास भी भारी वाहन खड़े करके वाहन चालक सो जाते हैं। इससे पूर्व भी रामसनेहीघाट के नारायनपुर मोड़, काशीपुर के निकट तथा कोटवासड़क में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। दुर्घटना होने के बाद पुलिस सख्ती दिखाते हुए या तो ढाबा या होटल बंद करा देती है या फिर ढाबे की ओर से ही एक व्यक्ति को वाहनों को सुरक्षित ढंग से खड़ा कराने की जिम्मेदारी दे दी जाती है।
लोगों का कहना है कि एआरटीओ द्वारा जिस प्रकार से हाईवे पर चेकिंग को लेकर अभियान चलाया जाता है यदि उतनी ही गंभीरता से वाहनों के खड़े होने पर भी ध्यान दिया जाय तो हादसों पर लगाम लग सकती है। इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि इसकी जिम्मेदारी एनएचएआई की भी है। उन्होंने बताया कि गत दिनों अभियान चलाकर करीब दो दर्जन वाहनों के चालान किए गए थे।
रोज गुजरते हैं 25 से 30 हजार वाहन, फिर भी लापरवाही
अहमदपुर चौराहे पर खुले होटल-ढाबों के कारण अहमदपुर लिंक मार्ग व लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर जाम के हालात बने रहते हैं। जबकि चंद कदमों की दूूरी पर अहमदपुर पुलिस चौकी है। अहमदपुर टोल प्लाजा के आंकड़ों पर गौर करें तो हाईवे पर प्रतिदिन 25 से 30 हजार वाहन गुजरते हैं।
हाईवे पर वाहनों का इतना दबाव होने के बाद भी अनियमित ढंग से वाहन खड़े रहते हैं। हाईवे पेट्रोलिंग ऑफिसर गुंजन कुमार ने स्वीकार किया कि हाईवे पर वाहन खड़े हो जाने के कारण अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। कई बार ढाबा संचालकों को नोटिस दिया गया है।

हादसे के बाद एनएचएआई ने बंद कराया होटल
बुधवार भोर नरायनपुर गांव के निकट हुए हादसे के बाद एनएचएआई ने हाईवे के किनारे संचालित हो रहे होटल को बंद करा दिया। चालक हाईवे पर कंटेनर खड़ा करके इसी होटल पर आया था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कुछ दिन ही रहेगा। ऐसा पहले भी हो चुका है।
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