फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   river

तराई में तबाही मचाने को आतुर सरयू, मचा हड़कंप

Fri, 18 Jun 2021 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
river
बाराबंकी। सरयू नदी उफनाने लगी है। नदी के तेवर देख तराई के लोग सहम गए हैं और गांवों से पलायन शुरू कर दिया है। नदी का पानी खतरे के निशान से महज 10 सेमी दूर है। जिस तरह से नदी का पानी बढ़ रहा है वह किसी भी समय खतरे के निशान को पार कर सकता है।
विज्ञापन

बढ़ते जलस्तर को देख तराई में हड़कंप मच गया है और कई गांव बाढ़ के मुहाने पर आ गए हैं। एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों को दौरा कर राजस्व कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से महज 10 सेमी दूर है। नदी का जलस्तर जिस तेजी के साथ बढ़ रहा है उससे यह किसी भी समय खतरे के निशान को पार कर सकता है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तराई में हड़कंप मच गया है और गांवों में पानी पहुंचे इससे पहले लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकल पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि गांवों को बाढ़ से बचाने कि लिए करोड़ों की परियोजनाएं शुरू की गई लेकिन ये परियोजनाएं तराई के लोगों को बाढ़ से बचा पाएंगी इस पर भी संशय बना हुआ है। क्योंकि परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों द्वारा जिस तरह से लापरवाही बरती गई है वह किसी भी छिपी नहीं है।
दो दर्जन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
कोटवाधाम। तराई के लगभग दो दर्जन से अधिक गांव पर बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। इनमें कहारनपुरवा, गोबरहा, तेलवारी, भैरवकोल, मनीराम पुरवा, इटहवापूर्व, नव्वनपुरवा, सनावा, बिहड, बाबूरी, कुरमिन पुरवा, टेपरा आदि शामिल हैं। ये गांव किसी भी समय बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
तराई के गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए पांच परियोजनाएं शुरू हुई है लेकिन अचानक नदी के बढ़ते जलस्तर को ये परियोजनाएं रोकने में नाकाम दिखाई दे रही हैं। जबकि तेलवारी, गोबरहा और कहारनपुरवा के पास अभी नदी में हरे पेड़ व बोरियां डालने का कार्य चल रहा है।
अधिकारियों ने जमकर बरती लापरवाही
करोड़ों की लागत से तराई में शुरू की गई पांच परियोजनाओं में अधिकारियों द्वारा जमकर लापरवाही बरती गई। यहां तक जलशक्ति मंत्री से लेकर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी गई। तराई के लोगों का आरोप है कि निर्धारित अवधि बीत चुकी है लेकिन कार्य अभी भी चल रहा है।
बाढ़ का काम देखने वाले अधिकारी निरीक्षण के दौरान आने वाले अधिकारियों को सिर्फ वही दिखाते हैं जो वह चाहते हैं। अधिकारी चाहते थे कि किसी तरह से बाढ़ आ जाए जिससे वह अपनी खामियों को छिपा सके और वह इसमें काफी हद तक सफल भी हो गए हैं।
सुरक्षित स्थानों के लिए निकल पड़े लोग
तराई के गांवों में बाढ़ का पानी गांव में घुसने को बेकरार है उधर प्रशासन सिर्फ हवा हवाई दावे करके बाढ़ से निपटने का इंतजाम बता रहा है जबकि यहां पर स्थिति यह है कि अभी तक न तो बाढ़ चौकी बनी है न ही अलीनगर रानीमऊ तटबंध की साफ सफाई की गई है।
यहां के दयाशंकर, भगवती, अशोक, हनुमान, सतेंद्र ने बताया कि नदी के पानी ने कटान शुरू कर दी है पानी गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे हम लोग अपने पूरे परिवार को सुरक्षित स्थानों पर नावों से ले जाने में लग गए हैं। इससे पहले बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंचे हम लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाना चाहते हैं।
आज होगी बाढ़ को लेकर समीक्षा
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाढ़ से निपटने को लेकर चल रही तैयारियों की शुक्रवार को समीक्षा होगी। प्रशासनिक अमला अभी समीक्षा तक सीमित है जबकि तराई में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। राहत सामग्री का टेंडर हो चुका है। चारे का टेंडर होना है। इसके अलावा अन्य तैयारियां अभी कागजों पर ही चल रही हैं।

सरयू नदी के जलस्तर के बढ़ने की जानकारी मिलने पर लेखपाल, राजस्व निरीक्षक आदि के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण किया गया। तराई के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्व टीम को गांवों पर बराबर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। तहसील प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को पूरी तरह से तैयार है।
-सुरेंद्र पाल, विश्वकर्मा, एसडीएम, सिरौलीगौसपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed