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सरकारी चावल डकारने वाली मिल से ढाई करोड़ की वसूली
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बाराबंकी। करीब ढाई करोड़ रुपये का सरकारी चावल डकारने वाली एक राइस मिल पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राइस मिल मालिक को तहसील प्रशासन की ओर से नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इसके बाद भी मिल मालिक द्वारा बकाया पैसा जमा नहीं किया जा रहा है जिस पर मिल मालिक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
फतेहपुर स्थित रवि एडिबल को पिछले साल सरकारी धान की कुटाई के लिए कई धान खरीद केंद्रों से संबद्ध किया गया था। लेकिन राइस मिल मालिक द्वारा 8500 क्विंटल करीब ढाई करोड़ का सरकारी चावल एफसीआई को नहीं दिया। जब विभाग को इस बात की जानकारी हुई तो विभाग ने इस चावल को एफसीआई में देने के प्रयास शुरू किए लेकिन मिल मालिक द्वारा विभाग का कोई सहयोग नहीं किया गया। जिस पर विभाग ने उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद मिल को सील करा दिया था और मिल मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
इसके बावजूद राइस मिल मालिक ने बकाया पैसा जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जिस पर उच्चाधिकारियों के आदेेश पर तहसील प्रशासन ने मिल मालिक को रिकवरी का नोटिस जारी कर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि राइस मिल मालिक द्वारा बकाया चावल का पैसा जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है और इनके द्वारा विभाग का कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। जिस पर अब इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तैयारी शुरू कर दी गई है।
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फतेहपुर स्थित रवि एडिबल को पिछले साल सरकारी धान की कुटाई के लिए कई धान खरीद केंद्रों से संबद्ध किया गया था। लेकिन राइस मिल मालिक द्वारा 8500 क्विंटल करीब ढाई करोड़ का सरकारी चावल एफसीआई को नहीं दिया। जब विभाग को इस बात की जानकारी हुई तो विभाग ने इस चावल को एफसीआई में देने के प्रयास शुरू किए लेकिन मिल मालिक द्वारा विभाग का कोई सहयोग नहीं किया गया। जिस पर विभाग ने उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद मिल को सील करा दिया था और मिल मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
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इसके बावजूद राइस मिल मालिक ने बकाया पैसा जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। जिस पर उच्चाधिकारियों के आदेेश पर तहसील प्रशासन ने मिल मालिक को रिकवरी का नोटिस जारी कर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि राइस मिल मालिक द्वारा बकाया चावल का पैसा जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है और इनके द्वारा विभाग का कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। जिस पर अब इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तैयारी शुरू कर दी गई है।
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