{"_id":"603942348ebc3e14fe0346c2","slug":"reservation-barabanki-news-lko566943057","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरक्षण को लेकर आंकड़ों के मिलान में उलझे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरक्षण को लेकर आंकड़ों के मिलान में उलझे अफसर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। ग्राम पंचायतों के आरक्षण को लेकर पिछले दो दिनों से युद्धस्तर पर आंकड़ों के मिलान का काम जारी है। पहले जिलाधिकारी कैंप पर फिर डीआरडीए के सभागार में जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों को ग्राम पंचायतवार मिलाया जा रहा है। देर शाम तक 80 प्रतिशत डाटा मिलान का काम पूरा होने की बात सामने आ रही है। डीएम स्वयं इस महत्वपूर्ण कार्य की कमान संभाले हुए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ग्राम पंचायतों का आरक्षण तय करने के लिए पिछले दो दिनों से आंकड़ों में पूरा प्रशासन उलझा हुआ है। डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने जहां पहले अपने कैंप कार्यालय पर जिम्मेदार अफसरों को बुलाकर ग्राम पंचायतों की आबादी और पूर्व में पांच बार के हुए आरक्षण का मिलान कराया। वहीं शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में सुबह से देर शाम तक एसडीएम, बीडीओ और एडीओ आंकड़ों में उलझे दिखाई दिए। यहीं नहीं यह कार्य सभागार के सामने बने डीएम कार्यालय और मनरेगा कार्यालय में भी होता रहा।
इस दौरान जहां कहीं भी दिक्कतें आईं तो उसे अधिकारियों ने दूर कराया। आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए शत-प्रतिशत सही आंकड़ों के मिलान के बाद एसडीएम, बीडीओ और एडीओ के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद भी संबंधित दस्तावेजों को लिया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार देर शाम तक करीब 80 प्रतिशत डाटा मिलान का काम पूरा कर लिया गया है। दो दिनों बाद एक मार्च को आरक्षण पूरा कर दो मार्च को इसका प्रकाशन कराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ग्राम पंचायतों का आरक्षण तय करने के लिए पिछले दो दिनों से आंकड़ों में पूरा प्रशासन उलझा हुआ है। डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने जहां पहले अपने कैंप कार्यालय पर जिम्मेदार अफसरों को बुलाकर ग्राम पंचायतों की आबादी और पूर्व में पांच बार के हुए आरक्षण का मिलान कराया। वहीं शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में सुबह से देर शाम तक एसडीएम, बीडीओ और एडीओ आंकड़ों में उलझे दिखाई दिए। यहीं नहीं यह कार्य सभागार के सामने बने डीएम कार्यालय और मनरेगा कार्यालय में भी होता रहा।
विज्ञापन
इस दौरान जहां कहीं भी दिक्कतें आईं तो उसे अधिकारियों ने दूर कराया। आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए शत-प्रतिशत सही आंकड़ों के मिलान के बाद एसडीएम, बीडीओ और एडीओ के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद भी संबंधित दस्तावेजों को लिया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार देर शाम तक करीब 80 प्रतिशत डाटा मिलान का काम पूरा कर लिया गया है। दो दिनों बाद एक मार्च को आरक्षण पूरा कर दो मार्च को इसका प्रकाशन कराना है।
विज्ञापन