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Barabanki News: डॉक्टर न मिलने से अटका 218 अस्पतालों का नवीनीकरण
Sat, 07 Jun 2025 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 07 Jun 2025 01:02 AM IST
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बाराबंकी। निजी अस्पतालों के नवीनीकरण का मामला एक अदद डॉक्टर की फेर में फंस गया है। जिन डॉक्टरों ने एक से अधिक अस्पतालों में अपनी डिग्रियां लगा रखी हैं, उनके आवेदन नया सॉफ्टवेयर खारिज कर दे रहा है। इसके चलते अभी तक जिले के सिर्फ 59 अस्पतालों का हीं नवीनीकरण हो सका है जबकि 39 के आवेदन निरस्त हुए हैं। इससे निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप है।
जिले में पंजीकृत निजी अस्पतालों की संख्या 277 के आसपास है इन सभी की वैधता 30 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। लेकिन इस बार पंजीयन के लिए एक अस्पताल, एक डॉक्टर का फार्मूला लागू होने के बाद निजी अस्पतालों का नवीनीकरण अटक गया है। नवीनीकरण की नई प्रकिया पूरी न हो पाने से 218 अस्पतालों के संचालक परेशान हैं। जबकि एक से ज्यादा अस्पतालों में एक ही डॉक्टर की डिग्रियां लगी होने के कारण 39 से ज्यादा आवेदन निरस्त हो चुके हैं। दो जगह डिग्री लगाने वाले 17 चिकित्सकों को नोटिस भी जारी किया गया है। इससे निजी अस्पताल संचालकों को अब पूर्णकालिक डॉक्टर खोजे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में करीब दो दर्जन अस्पताल पर ताला पड़ना तय माना जा रहा है।
पांच साल के लिए हो रहा नवीनीकरण
इस बार अस्पतालों का नवीनीकरण पांच साल के लिए हो रहा है। अभी तक हर साल नवीनीकरण कराना पड़ता था। इसके चलते अस्पतालों में पूर्णकालिक डिग्री लगाने वाले चिकित्सकों ने भी अपनी फीस बढ़ा दी है। अस्पतालों के लिए पूर्णकालिक डॉक्टरों का न मिलना यह भी एक प्रमुख वजह मानी जा रही है।
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अब एक डॉक्टर, एक अस्पताल के पंजीकरण में ही अपनी डिग्री लगा सकता है। एक ही चिकित्सक की एक साथ कई अस्पतालों में डिग्री लगी मिलने पर 39 अस्पतालों के आवेदन निरस्त कर ऐसे चिकित्सकों को नोटिस भी जारी किया गया है।
डॉ. एलबी गुप्ता, एसीएमओ नोडल अधिकारी पंजीयन
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जिले में पंजीकृत निजी अस्पतालों की संख्या 277 के आसपास है इन सभी की वैधता 30 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। लेकिन इस बार पंजीयन के लिए एक अस्पताल, एक डॉक्टर का फार्मूला लागू होने के बाद निजी अस्पतालों का नवीनीकरण अटक गया है। नवीनीकरण की नई प्रकिया पूरी न हो पाने से 218 अस्पतालों के संचालक परेशान हैं। जबकि एक से ज्यादा अस्पतालों में एक ही डॉक्टर की डिग्रियां लगी होने के कारण 39 से ज्यादा आवेदन निरस्त हो चुके हैं। दो जगह डिग्री लगाने वाले 17 चिकित्सकों को नोटिस भी जारी किया गया है। इससे निजी अस्पताल संचालकों को अब पूर्णकालिक डॉक्टर खोजे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में करीब दो दर्जन अस्पताल पर ताला पड़ना तय माना जा रहा है।
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पांच साल के लिए हो रहा नवीनीकरण
इस बार अस्पतालों का नवीनीकरण पांच साल के लिए हो रहा है। अभी तक हर साल नवीनीकरण कराना पड़ता था। इसके चलते अस्पतालों में पूर्णकालिक डिग्री लगाने वाले चिकित्सकों ने भी अपनी फीस बढ़ा दी है। अस्पतालों के लिए पूर्णकालिक डॉक्टरों का न मिलना यह भी एक प्रमुख वजह मानी जा रही है।
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अब एक डॉक्टर, एक अस्पताल के पंजीकरण में ही अपनी डिग्री लगा सकता है। एक ही चिकित्सक की एक साथ कई अस्पतालों में डिग्री लगी मिलने पर 39 अस्पतालों के आवेदन निरस्त कर ऐसे चिकित्सकों को नोटिस भी जारी किया गया है।
डॉ. एलबी गुप्ता, एसीएमओ नोडल अधिकारी पंजीयन