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Barabanki News: बारिश से किसानों को राहत, बिजली पर आफत, 830 गांवों में रहा अंधेरा
Sat, 27 Jul 2024 05:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 27 Jul 2024 05:33 AM IST
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बाराबंकी के जिला अस्पताल इमरजेंसी परिसर में भरे बारिश के पानी के बीच कुछ इस तरह मरीज को स्ट्रे
बाराबंकी। करीब दो सप्ताह बाद बृहस्पतिवार की रात हुई तेज बारिश से पांच तहसील क्षेत्रों के किसानों को राहत मिली। वहीं शुक्रवार शाम को भी करीब आधे घंटे तक शहर में तेज बारिश हुई। धान के किसानों को सिंचाई व बोआई के लिए पर्याप्त बारिश का पानी मिल गया। लेकिन इस बीच शहर से लेकर कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से चरमरा गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। साथ ही जलभराव से लोगों को समस्याओं से रूबरू होना पड़ रहा है।
जलभराव से हो रही परेशानी
बृहस्पतिवार को रात करीब 12 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक नवाबगंज व फतेहपुर तहसील क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। शहर में नेशनल हाईवे से लेकर तमाम गली-मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि, सुबह तक ज्यादातर स्थानों से पानी निकल गया, लेकिन नई आबादी वाले इलाकों में दिक्कतें बनी हुई हैं।
शहर के विकास भवन, कोठीडीह जैसे वार्डों में जलभराव की समस्या अधिक है। पल्हरी स्थित उपनिदेशक कृषि कार्यालय के बाहर पानी भरा होने से अधिकारियों, कर्मचारियों व किसानों को कार्यालय पहुंचने में दिक्कत हुई। फतेहपुर कस्बे के काजीपुर, तहसील चौराहा, इसरौली, बसारा, मिठवारा, सिहाली, इसेपुर, विशुनपुर में जलभराव से परेशानी हुई। असंद्रा में स्टेट हाईवे के किनारे कादिरपुर बाजार में जलभराव हो गया है। दुकानदार बोरी में मिट्टी भरकर पानी पर रखकर निकल रहे हैं।
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बंकी के बस्ती, मटैली, माती, रेंदुआ पल्हरी समेत अन्य गांवों में भी पानी भर गया। नगर पंचायत बेलहरा में मोहारी व कछुवाहन पुरवा वार्ड को कस्बे से जोड़ने वाली मुख्य सड़क बारिश से खस्ताहाल हो गई। सबसे ज्यादा 80 एमएम बारिश फतेहपुर व नवाबगंज में 52 एमएम हुई। हैदरगढ़ में 20, सिरौलीगौसपुर में 15 व रामनगर में 5 एमएम ही बारिश हुई। रामसनेहीघाट में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई।
बिजली लाइन पर गिरे पेड़, तार टूटे
बाराबंकी। बारिश की वजह से शहर में शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पड़रा बिजली घर से निकली मुख्य लाइन में आई खराबी बारिश के कारण दुरुस्त नहीं हो सकी। सुबह करीब पांच बजे चंदौली से लाइन जोड़कर आपूर्ति शुरू कराई गई। लेकिन शुक्रवार दोपहर तक शहरवासी ट्रिपिंग की समस्या से परेशान रहे।
फतेहपुर क्षेत्र में बसारा गांव के पास पेड़ की डाल गिरने से बिजली का तार टूट गया। जिससे टिकैतगंज, मोलनिया, बाबागंज, घुंघटेर, पिंडसावा, छिलगवां, निंदूरा, खलिहानी, बिसई समेत करीब 240 गांव की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। आठ घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई। इससे दो लाख आबादी प्रभावित रही। हैदरगढ़ क्षेत्र में नरेंद्रपुर गांव के पास बिजली लाइन में आई खराबी से टाउन की बिजली बृहस्पतिवार रात भर गुल रही। करीब नौ घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई।
त्रिवेदीगंज, मंझार, चौबीसी, बहुता, टेलीफोन फीडर से जुड़े करीब डेढ़ सौ गांवों की बिजली छह घंटे गुल रही। इससे करीब दो लाख आबादी को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, हैदरगढ़ से सुबेहा जाने वाली मुख्य लाइन का जंफर कट जाने से ओहरामऊ, कोड़वा, ताला, रुकनुद्दीनपुर, बरावां, नरौली समेत 70 गांवों की बिजली रातभर गुल रही। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित रही। उधर, रामनगर क्षेत्र में रानीगंज गांव के पास बिजली के तार पर पेड़ की डाल गिरने से 50 गांवों की बिजली आपूर्ति दो घंटे बाधित रही कोटवाधाम में एचटी लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से खजुरी, अद्रा, नसीमापुर, जगदीपुर, गोपालपुर समेत 70 गांवों की बिजली आपूर्ति पांच घंटे बाधित रही। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी को गर्मी और उमस के बीच रहना पड़ा।
अधीक्षण अभियंता राजबाला का कहना है कि बारिश से नुकसान होने की सूचना अभी नहीं आई है। बारिश के चलते हुए फाल्ट को दुरुस्त कराकर आपूर्ति शुरू करा दी गई है। सभी अधिशासी अभियंताओं को फाल्ट को तुरंत सही कराने और उपकेंद्रों पर लगातार मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुल रही ढाई सौ गांव की बिजली, ग्रामीणों ने किया प्रर्दशन
सूरतगंज। क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम करीब तीन बजे गुल हुई बिजली रात 11 बजे तक नहीं आई। इससे 250 गांवों की करीब ढाई लाख आबादी गर्मी व उमस से परेशान हो गई। बिजली नहीं आने से आक्रोशित ग्रामीण सूरतगंज उपकेंद्र पहुंच गए। वे प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद एक बजे आपूर्ति शुरू हुई। लेकिन बारिश के चलते फिर से कटी बिजली शुक्रवार की दोपहर बहाल हुई। जेई एसपी मिश्रा ने बताया कि 33 हजार बिजली लाइन का एक फेस नहीं आ रहा था। जिसके कारण दिक्कत हुई थी, बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
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जलभराव से हो रही परेशानी
बृहस्पतिवार को रात करीब 12 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक नवाबगंज व फतेहपुर तहसील क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। शहर में नेशनल हाईवे से लेकर तमाम गली-मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि, सुबह तक ज्यादातर स्थानों से पानी निकल गया, लेकिन नई आबादी वाले इलाकों में दिक्कतें बनी हुई हैं।
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शहर के विकास भवन, कोठीडीह जैसे वार्डों में जलभराव की समस्या अधिक है। पल्हरी स्थित उपनिदेशक कृषि कार्यालय के बाहर पानी भरा होने से अधिकारियों, कर्मचारियों व किसानों को कार्यालय पहुंचने में दिक्कत हुई। फतेहपुर कस्बे के काजीपुर, तहसील चौराहा, इसरौली, बसारा, मिठवारा, सिहाली, इसेपुर, विशुनपुर में जलभराव से परेशानी हुई। असंद्रा में स्टेट हाईवे के किनारे कादिरपुर बाजार में जलभराव हो गया है। दुकानदार बोरी में मिट्टी भरकर पानी पर रखकर निकल रहे हैं।
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बंकी के बस्ती, मटैली, माती, रेंदुआ पल्हरी समेत अन्य गांवों में भी पानी भर गया। नगर पंचायत बेलहरा में मोहारी व कछुवाहन पुरवा वार्ड को कस्बे से जोड़ने वाली मुख्य सड़क बारिश से खस्ताहाल हो गई। सबसे ज्यादा 80 एमएम बारिश फतेहपुर व नवाबगंज में 52 एमएम हुई। हैदरगढ़ में 20, सिरौलीगौसपुर में 15 व रामनगर में 5 एमएम ही बारिश हुई। रामसनेहीघाट में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई।
बिजली लाइन पर गिरे पेड़, तार टूटे
बाराबंकी। बारिश की वजह से शहर में शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पड़रा बिजली घर से निकली मुख्य लाइन में आई खराबी बारिश के कारण दुरुस्त नहीं हो सकी। सुबह करीब पांच बजे चंदौली से लाइन जोड़कर आपूर्ति शुरू कराई गई। लेकिन शुक्रवार दोपहर तक शहरवासी ट्रिपिंग की समस्या से परेशान रहे।
फतेहपुर क्षेत्र में बसारा गांव के पास पेड़ की डाल गिरने से बिजली का तार टूट गया। जिससे टिकैतगंज, मोलनिया, बाबागंज, घुंघटेर, पिंडसावा, छिलगवां, निंदूरा, खलिहानी, बिसई समेत करीब 240 गांव की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। आठ घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई। इससे दो लाख आबादी प्रभावित रही। हैदरगढ़ क्षेत्र में नरेंद्रपुर गांव के पास बिजली लाइन में आई खराबी से टाउन की बिजली बृहस्पतिवार रात भर गुल रही। करीब नौ घंटे बाद आपूर्ति शुरू हुई।
त्रिवेदीगंज, मंझार, चौबीसी, बहुता, टेलीफोन फीडर से जुड़े करीब डेढ़ सौ गांवों की बिजली छह घंटे गुल रही। इससे करीब दो लाख आबादी को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, हैदरगढ़ से सुबेहा जाने वाली मुख्य लाइन का जंफर कट जाने से ओहरामऊ, कोड़वा, ताला, रुकनुद्दीनपुर, बरावां, नरौली समेत 70 गांवों की बिजली रातभर गुल रही। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित रही। उधर, रामनगर क्षेत्र में रानीगंज गांव के पास बिजली के तार पर पेड़ की डाल गिरने से 50 गांवों की बिजली आपूर्ति दो घंटे बाधित रही कोटवाधाम में एचटी लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से खजुरी, अद्रा, नसीमापुर, जगदीपुर, गोपालपुर समेत 70 गांवों की बिजली आपूर्ति पांच घंटे बाधित रही। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी को गर्मी और उमस के बीच रहना पड़ा।
अधीक्षण अभियंता राजबाला का कहना है कि बारिश से नुकसान होने की सूचना अभी नहीं आई है। बारिश के चलते हुए फाल्ट को दुरुस्त कराकर आपूर्ति शुरू करा दी गई है। सभी अधिशासी अभियंताओं को फाल्ट को तुरंत सही कराने और उपकेंद्रों पर लगातार मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुल रही ढाई सौ गांव की बिजली, ग्रामीणों ने किया प्रर्दशन
सूरतगंज। क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम करीब तीन बजे गुल हुई बिजली रात 11 बजे तक नहीं आई। इससे 250 गांवों की करीब ढाई लाख आबादी गर्मी व उमस से परेशान हो गई। बिजली नहीं आने से आक्रोशित ग्रामीण सूरतगंज उपकेंद्र पहुंच गए। वे प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद एक बजे आपूर्ति शुरू हुई। लेकिन बारिश के चलते फिर से कटी बिजली शुक्रवार की दोपहर बहाल हुई। जेई एसपी मिश्रा ने बताया कि 33 हजार बिजली लाइन का एक फेस नहीं आ रहा था। जिसके कारण दिक्कत हुई थी, बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है।