{"_id":"615ca65e8ebc3e29907d728c","slug":"ration-card-barabanki-news-lko598805133","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार परदेशियों के नाम राशन कार्ड में चढ़ा डकार रहे अनाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार परदेशियों के नाम राशन कार्ड में चढ़ा डकार रहे अनाज
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बाराबंकी। जिले के करीब पांच हजार परदेशियों के नाम फर्जी तरीके से राशनकार्ड में दर्ज कराकर अनाज डकारने का मामला प्रकाश में आया है। देखा जाए तो यह लोग मौजूदा समय में गैर प्रांतों में रह रहे हैं और जिले के साथ ही वहां से भी राशनकार्ड बनवा योजना का लाभ ले रहे हैं। जब इनके नाम आधार कार्ड से लिंक किए गए तो मामला पकड़ में आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अब ऐसे नामों को राशनकार्डों से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राशनकार्ड में दर्ज यूनिटों को आधार कार्ड से लिंक किए जाने के बाद अब अनाज वितरण में हो रहे फर्जीवाड़े की परत दर परत खुलने लगी है। पहले 1003 किसानों के नाम तीन लाख से अधिक का धान और गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने का मामला पकड़ा जा चुका है।
अब जिले के करीब पांच हजार लोग ऐसे पाए गए हैं जो पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि प्रांतों में काफी समय से रह रहे हैं और वहां पर इन लोगों ने अपने नाम से राशनकार्ड भी बनवा रखे हैं। इनके नाम जिले के साथ ही यहां पर भी राशनकार्डों में दर्ज हैं। लेकिन जिले में इनके नाम पर प्रति माह सैकड़ों क्विंटल अनाज का उठान कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
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आधार कार्ड से राशनकार्डों में दर्ज यूनिटों को लिंक किए जाने के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अब विभाग ने ऐसे नामों को राशनकार्डों से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पांच सौ विवाहित युवतियों के दर्ज हैं नाम
जिले की करीब पांच सौ ऐसी युवतियों पाई गई हैं जिनका विवाह हो चुका है। इसके बाद भी इनके नाम राशनकार्डों में दर्ज हैं और इनके नाम से अनाज की उठान कर उसे हजम करने का खेल खेला जा रहा है। जबकि नियमत: ऐसे नामों को तत्काल राशनकार्डों से हटा दिया जाना चाहिए। लेकिन जांच में इसका खुलासा होने के बाद अब इनके नाम भी राशनकार्डोँ से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आधार कार्ड से यूनिटों को लिंक किए जाने के बाद जिले के करीब पांच हजार लोग ऐसे पाए गए हैं जो अलग-अलग प्रांतों में रह रहे हैं और इनके नाम राशनकार्डों में दर्ज होने का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए ऐसे नामों को राशनकार्ड से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं जिन विवाहित युवतियों के नाम राशनकार्ड में दर्ज हैं उनके नामों को भी राशनकार्डों से हटाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
-डॉ. राकेश कुमार तिवारी, जिला आपूर्ति अधिकारी
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राशनकार्ड में दर्ज यूनिटों को आधार कार्ड से लिंक किए जाने के बाद अब अनाज वितरण में हो रहे फर्जीवाड़े की परत दर परत खुलने लगी है। पहले 1003 किसानों के नाम तीन लाख से अधिक का धान और गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने का मामला पकड़ा जा चुका है।
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अब जिले के करीब पांच हजार लोग ऐसे पाए गए हैं जो पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि प्रांतों में काफी समय से रह रहे हैं और वहां पर इन लोगों ने अपने नाम से राशनकार्ड भी बनवा रखे हैं। इनके नाम जिले के साथ ही यहां पर भी राशनकार्डों में दर्ज हैं। लेकिन जिले में इनके नाम पर प्रति माह सैकड़ों क्विंटल अनाज का उठान कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
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आधार कार्ड से राशनकार्डों में दर्ज यूनिटों को लिंक किए जाने के बाद यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अब विभाग ने ऐसे नामों को राशनकार्डों से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पांच सौ विवाहित युवतियों के दर्ज हैं नाम
जिले की करीब पांच सौ ऐसी युवतियों पाई गई हैं जिनका विवाह हो चुका है। इसके बाद भी इनके नाम राशनकार्डों में दर्ज हैं और इनके नाम से अनाज की उठान कर उसे हजम करने का खेल खेला जा रहा है। जबकि नियमत: ऐसे नामों को तत्काल राशनकार्डों से हटा दिया जाना चाहिए। लेकिन जांच में इसका खुलासा होने के बाद अब इनके नाम भी राशनकार्डोँ से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आधार कार्ड से यूनिटों को लिंक किए जाने के बाद जिले के करीब पांच हजार लोग ऐसे पाए गए हैं जो अलग-अलग प्रांतों में रह रहे हैं और इनके नाम राशनकार्डों में दर्ज होने का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए ऐसे नामों को राशनकार्ड से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं जिन विवाहित युवतियों के नाम राशनकार्ड में दर्ज हैं उनके नामों को भी राशनकार्डों से हटाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
-डॉ. राकेश कुमार तिवारी, जिला आपूर्ति अधिकारी