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नौनिहालों को बांटने को आया खाद्यान रखे-रखे हुआ खराब, फेंका
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सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले नौनिहालों को बांटने के लिए समूह को मिला गेहूं रखे-रखे खराब हो गया। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने खराब गेहूं लेने से इंकार किया तो समूह की महिलाओं ने उसको दरवाजे के बाहर फेंक दिया।
मामला सिरौलीगौसपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पीठापुर का है। यहां पर शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर पांच बोरी खराब गेहूं लावारिस दशा में पड़ा मिला। इसकी जानकारी पर गांव में अनाज के बारे में चर्चाएं शुरू हो गई। इसकी जानकारी पर तहकीकात की गई तो पता चला कि यह अनाज पंचायत चुनाव के समय गांव में कार्यरत समूह को आंगनबाड़ी के बच्चों में बांटे के लिए मिला था। मगर नौनिहालों को बांटने की बजाय समूह की समूह की महिलाओं ने इसे अपने घर में रख लिया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कई बार गेहूं की मांग की तो उसे नहीं दिया गया। छह माह बाद जब गेहूं खराब होने लगा और उसमें कीड़े हो गए। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गेहूं देने के लिए बुलाया। मगर, उसने खराब गेहूं लेने से मना कर दिया। इसके बाद समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के दरवाजे के बाहर गेहूं फेंककर चले गईं। इस संबंध में सीडीपीओ अर्चना वर्मा ने बताया कि गेहूं खराब हो गया था तो समूह की महिलाओं ने उसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से रिसीव करने के लिए कहा था। मगर, गेहूं खराब होने के कारण उसने रिसीव नहीं किया गया। तो बाहर फेंक दिया।
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मामला सिरौलीगौसपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पीठापुर का है। यहां पर शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर पांच बोरी खराब गेहूं लावारिस दशा में पड़ा मिला। इसकी जानकारी पर गांव में अनाज के बारे में चर्चाएं शुरू हो गई। इसकी जानकारी पर तहकीकात की गई तो पता चला कि यह अनाज पंचायत चुनाव के समय गांव में कार्यरत समूह को आंगनबाड़ी के बच्चों में बांटे के लिए मिला था। मगर नौनिहालों को बांटने की बजाय समूह की समूह की महिलाओं ने इसे अपने घर में रख लिया।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कई बार गेहूं की मांग की तो उसे नहीं दिया गया। छह माह बाद जब गेहूं खराब होने लगा और उसमें कीड़े हो गए। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गेहूं देने के लिए बुलाया। मगर, उसने खराब गेहूं लेने से मना कर दिया। इसके बाद समूह की महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के दरवाजे के बाहर गेहूं फेंककर चले गईं। इस संबंध में सीडीपीओ अर्चना वर्मा ने बताया कि गेहूं खराब हो गया था तो समूह की महिलाओं ने उसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से रिसीव करने के लिए कहा था। मगर, गेहूं खराब होने के कारण उसने रिसीव नहीं किया गया। तो बाहर फेंक दिया।
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