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स्वच्छता अभियान में ग्रामीण इलाके अव्वल तो शहरी फिसड्डी
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बाराबंकी। प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई स्वच्छता अभियान की रैकिंग में जहां ग्रामीण इलाके ने प्रदेश में चौथी रैंक पाकर बाजी मारी है। वहीं शहरी इलाके फिसड्डी साबित हुए है?। नगर पालिका परिषद को 370 रैकिंग मिली है। इसी तरह नगर पंचायतों की रैकिंग का भी बहुत खराब हाल है।
कुछ नगर पंचायतों में तो स्थिति ठीक है लेकिन कई जगह पर सही नहीं है। जबकि हर जगह पर साफ सफाई के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी ऐसे प्रदर्शन को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शासन द्वारा पंचायती राज विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में स्वच्छता अभियान की रैकिंग जारी की गई है। इसमें बाराबंकी को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। जबकि पिछले साल यह रैकिंग दसवें नंबर पर थी। जबकि इस बार सुधार हुआ है। वहीं प्रदेश की 720 नगर पालिकाओं में बाराबंकी नगर पालिका को इस बार 370वीं रैकिंग मिली है।
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जबकि नगर पालिका की पिछली रैकिंग 277 थी। ऐसे में इस बार शहर में साफ सफाई के हालत पहले से और खराब हो गए हैं। ईओ पवन कुमार का कहना है कि यह रैकिंग त्रुटिपूर्ण है। क्योंकि सिर्फ 25 हजार की आबादी की रैकिंग आई है। जबकि नगर पालिका की आबादी दो लाख से अधिक है। उन्होंने कहा शहर में बेहतर साफ सफाई हो इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
इन नगर पंचायतों को मिली यह रैकिंग
जिले में 12 नगर पंचायतें है। इनमें दरियाबाद नगर पंचायत की रैकिंग 6 वीं, सिद्घौर की 241, बेलहरा की 6 व सतरिख 6, फतेहपुर 104, देवा 253, सुबेहा 225, हैदरगढ़ 364, रामनगर 12, टिकैतनगर 88वीं रैकिंग पर है। जबकि अन्य नगर पंचायतों का भी यही हाल है। वहीं रामसनेहीघाट नगर पंचायत अभी जल्दी बनी है। ऐसे में उसे स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में अभी तक शामिल नहीं किया गया गया है।
जमीनी रैकिंग में सामने आएगी हकीकत
अभी जो यह रैकिंग शहर व ग्रामीण इलाकों में जारी की गई है यह फोन काल व सोशल मीडिया के माध्यम की है। शासन स्तर पर इसके लिए टीम बनाकर सर्वे कराया गया जिसमें यह रैकिंग सामने आएगी। लेकिन अभी एक जमीनी सर्वे होगा। जिसमें टीमें मौके पर जाकर साफ सफाई का हाल देखेगी। इसके बाद पूरी हकीकत सामने आ सकेगी।
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कुछ नगर पंचायतों में तो स्थिति ठीक है लेकिन कई जगह पर सही नहीं है। जबकि हर जगह पर साफ सफाई के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी ऐसे प्रदर्शन को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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शासन द्वारा पंचायती राज विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में स्वच्छता अभियान की रैकिंग जारी की गई है। इसमें बाराबंकी को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। जबकि पिछले साल यह रैकिंग दसवें नंबर पर थी। जबकि इस बार सुधार हुआ है। वहीं प्रदेश की 720 नगर पालिकाओं में बाराबंकी नगर पालिका को इस बार 370वीं रैकिंग मिली है।
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जबकि नगर पालिका की पिछली रैकिंग 277 थी। ऐसे में इस बार शहर में साफ सफाई के हालत पहले से और खराब हो गए हैं। ईओ पवन कुमार का कहना है कि यह रैकिंग त्रुटिपूर्ण है। क्योंकि सिर्फ 25 हजार की आबादी की रैकिंग आई है। जबकि नगर पालिका की आबादी दो लाख से अधिक है। उन्होंने कहा शहर में बेहतर साफ सफाई हो इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
इन नगर पंचायतों को मिली यह रैकिंग
जिले में 12 नगर पंचायतें है। इनमें दरियाबाद नगर पंचायत की रैकिंग 6 वीं, सिद्घौर की 241, बेलहरा की 6 व सतरिख 6, फतेहपुर 104, देवा 253, सुबेहा 225, हैदरगढ़ 364, रामनगर 12, टिकैतनगर 88वीं रैकिंग पर है। जबकि अन्य नगर पंचायतों का भी यही हाल है। वहीं रामसनेहीघाट नगर पंचायत अभी जल्दी बनी है। ऐसे में उसे स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में अभी तक शामिल नहीं किया गया गया है।
जमीनी रैकिंग में सामने आएगी हकीकत
अभी जो यह रैकिंग शहर व ग्रामीण इलाकों में जारी की गई है यह फोन काल व सोशल मीडिया के माध्यम की है। शासन स्तर पर इसके लिए टीम बनाकर सर्वे कराया गया जिसमें यह रैकिंग सामने आएगी। लेकिन अभी एक जमीनी सर्वे होगा। जिसमें टीमें मौके पर जाकर साफ सफाई का हाल देखेगी। इसके बाद पूरी हकीकत सामने आ सकेगी।