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आंधी-पानी से 500 गांवों की बिजली गुल
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बाराबंकी। पिछले दो दिनों से बादलों की उमड़-घुमड़ के बाद सोमवार दोपहर मौसम ने एकदम से पलटी मारी। दोपहर करीब एक बजे आसमान में काली घटा छाने के साथ ही धूल भरी आंधी आई गई। इस दौरान अंधेरा इतना छा गया जैसे शाम हो गई हो।
इसके बाद करीब दो घंटे झमाझम बरसात हुई। तेज आंधी के कारण जिले में कई जगहों पर पेड़ गिर गए और करीब 500 गांवों की बिजली गुल हो गई। रामसनेहीघाट में दीवार ढहने से एक अधेड़ की मौत हो गई। बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक भैंस भी मर गई।
मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि सोमवार को जिले में बरसात के साथ तेज हवा चलेगी। सुबह रोज की तरह से बादलों की लुकाछिपी के बीच धूप निकली। इसके कारण लोग गर्मी से बेहाल थे। दोपहर करीब एक बजे अचानक मौसम ने पलटी मारी। बादल घिर आए और आंधी चलने लगी।
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इस दौरान अंधेरा छा गया। देखते ही देखते बादल बरसने लगे। आंधी के साथ करीब दो घंटे तक झमाझम बरसात से मौसम सुहाना हो गया। आंधी इतनी तेज थी कि शहर से लेकर गांव तक कई जगह पेड़ गिर गए। इस दौरान रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के डल्ला का पुरवा मजरे जमोली गांव में दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर गांव के गुट्टू यादव (55) की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गुट्टू घर के बाहर भूसा रखने के लिए बनाए गए छप्पर को ठीक कर रहा था। इसी दौरान ईंट की पक्की दीवार उसी के ऊपर भरभरा पड़ी।
इसी तरह टिकैतनगर थाना क्षेत्र में एक महिला गंभीर रुप से घायल हो गई। ग्राम जगनगर निवासी शांति देवी (55) कस्बा इचौली जा रही थी। इस दौरान नीम का एक पेड़ तेज झोंके के साथ गिर गया। उसकी चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जैदपुर कस्बा की बड़ी बाजार में जमील अहमद की भैंस की बिजली गिरने से मौत हो गई।
आंधी व बारिश के दौरान शहर से गुजरे लखनऊ-अयोध्या हाईवे, हैदरगढ़-बाराबंकी, हैदरगढ़-रामसनेहीघाट, बाराबंकी-देवा-फतेहपुर, बाराबंकी-गोंडा आदि मार्गों पर करीब दो दर्जन स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। कोटवाधाम-सनावा मार्ग पर भारी भरकम पेड़ गिरने से यातायात करीब तीन घंटे ठप रहा।
फतेहपुर में सिहाली मार्ग पर पेड़ गिरने से से मुख्य बिजली लाइन के तार टूट गए। इससे 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। देवा में हाईटेंशन लाइन के दो खंभे टूटने से सलारपुर से बिशुनपुर तक 100 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। इसी तरह से रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, फतेहपुर व बाराबंकी डिवीजन के करीब 300 गांवों में शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
तार व खंभे टूटने से ऐसा हुआ। अधिशासी अभियंता विद्युत आरके मिश्र ने बताया कि जहां भी फाल्ट हुए हैं, टीमें मरम्मत में लगी हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल होगी। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि जिले में सैकड़ों पेड़ गिरने की सूचना है।
दो माह बाद 30 डिग्री हुआ तापमान
पिछले दो माह बाद पहली बार जिले का तापमान इतना कम हुआ। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री तो न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बदली व बरसात का अनुमान जताया है।
मेंथा के लिए मुफीद रही बरसात
बरसात से मेंथा की फसल को काफी फायदा हुआ है। मेंथा की फसल को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। बीते कई दिनों से शुष्क मौसम के कारण किसानों को सिंचाई की जरूरत भी थी। उप कृषि निदेशक एके सागर ने बताया कि बरसात से मेंथा की फसल को फायदा पहुंचा है। किसान करीब 15 दिन तक सिंचाई करने से बच गए।
बागों में बिछ गया कच्चा आम
आंधी से सबसे अधिक नुकसान आम की फसल का हुआ है। मसौली, सतरिख व रामसनेहीघाट के मैंगो बेल्ट में आंधी के कारण कच्चा आम बागों में बिछ गया। बागवानों ने बताया कि तेज हवा झोंकों के कारण कई पेड़ों से तो एक तिहाई आम जमीन पर आ गए।
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इसके बाद करीब दो घंटे झमाझम बरसात हुई। तेज आंधी के कारण जिले में कई जगहों पर पेड़ गिर गए और करीब 500 गांवों की बिजली गुल हो गई। रामसनेहीघाट में दीवार ढहने से एक अधेड़ की मौत हो गई। बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक भैंस भी मर गई।
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मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि सोमवार को जिले में बरसात के साथ तेज हवा चलेगी। सुबह रोज की तरह से बादलों की लुकाछिपी के बीच धूप निकली। इसके कारण लोग गर्मी से बेहाल थे। दोपहर करीब एक बजे अचानक मौसम ने पलटी मारी। बादल घिर आए और आंधी चलने लगी।
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इस दौरान अंधेरा छा गया। देखते ही देखते बादल बरसने लगे। आंधी के साथ करीब दो घंटे तक झमाझम बरसात से मौसम सुहाना हो गया। आंधी इतनी तेज थी कि शहर से लेकर गांव तक कई जगह पेड़ गिर गए। इस दौरान रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के डल्ला का पुरवा मजरे जमोली गांव में दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर गांव के गुट्टू यादव (55) की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गुट्टू घर के बाहर भूसा रखने के लिए बनाए गए छप्पर को ठीक कर रहा था। इसी दौरान ईंट की पक्की दीवार उसी के ऊपर भरभरा पड़ी।
इसी तरह टिकैतनगर थाना क्षेत्र में एक महिला गंभीर रुप से घायल हो गई। ग्राम जगनगर निवासी शांति देवी (55) कस्बा इचौली जा रही थी। इस दौरान नीम का एक पेड़ तेज झोंके के साथ गिर गया। उसकी चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जैदपुर कस्बा की बड़ी बाजार में जमील अहमद की भैंस की बिजली गिरने से मौत हो गई।
आंधी व बारिश के दौरान शहर से गुजरे लखनऊ-अयोध्या हाईवे, हैदरगढ़-बाराबंकी, हैदरगढ़-रामसनेहीघाट, बाराबंकी-देवा-फतेहपुर, बाराबंकी-गोंडा आदि मार्गों पर करीब दो दर्जन स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। कोटवाधाम-सनावा मार्ग पर भारी भरकम पेड़ गिरने से यातायात करीब तीन घंटे ठप रहा।
फतेहपुर में सिहाली मार्ग पर पेड़ गिरने से से मुख्य बिजली लाइन के तार टूट गए। इससे 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। देवा में हाईटेंशन लाइन के दो खंभे टूटने से सलारपुर से बिशुनपुर तक 100 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। इसी तरह से रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, फतेहपुर व बाराबंकी डिवीजन के करीब 300 गांवों में शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
तार व खंभे टूटने से ऐसा हुआ। अधिशासी अभियंता विद्युत आरके मिश्र ने बताया कि जहां भी फाल्ट हुए हैं, टीमें मरम्मत में लगी हैं। जल्द ही आपूर्ति बहाल होगी। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि जिले में सैकड़ों पेड़ गिरने की सूचना है।
दो माह बाद 30 डिग्री हुआ तापमान
पिछले दो माह बाद पहली बार जिले का तापमान इतना कम हुआ। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री तो न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बदली व बरसात का अनुमान जताया है।
मेंथा के लिए मुफीद रही बरसात
बरसात से मेंथा की फसल को काफी फायदा हुआ है। मेंथा की फसल को पानी की अधिक आवश्यकता होती है। बीते कई दिनों से शुष्क मौसम के कारण किसानों को सिंचाई की जरूरत भी थी। उप कृषि निदेशक एके सागर ने बताया कि बरसात से मेंथा की फसल को फायदा पहुंचा है। किसान करीब 15 दिन तक सिंचाई करने से बच गए।
बागों में बिछ गया कच्चा आम
आंधी से सबसे अधिक नुकसान आम की फसल का हुआ है। मसौली, सतरिख व रामसनेहीघाट के मैंगो बेल्ट में आंधी के कारण कच्चा आम बागों में बिछ गया। बागवानों ने बताया कि तेज हवा झोंकों के कारण कई पेड़ों से तो एक तिहाई आम जमीन पर आ गए।