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मेडिकल स्टोर से बेचा जा रहा था ताकत का नकली इंजेक्शन
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बाराबंकी। फतेहपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी करती एफएसडीए की टीम।
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से ताकत बढ़ाने का नकली इंजेक्शन बेचा जा रहा था। शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद सहायक आयुक्त औषधि के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम ने शहर, फतेहपुर और देवा स्थित छह मेडिकल स्टोरों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान शहर स्थित मेडिकल स्टोर से दो डिब्बा नकली इंजेक्शन बरामद किए गए। जिस पर टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कराते हुए संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा अन्य मेडिकल स्टोरों से छह दवाओं के नमूने भरकर जांच को भेजे हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अयोध्या मंडल एसके चौरसिया के नेतृत्व में मंगलवार को औषधि निरीक्षक बलरामपुर ओपी यादव, बहराइच के राजू प्रसाद की टीम ने शहर के लइया मंडी स्थित बाराबंकी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने जांच के दौरान मेडिकल स्टोर से दो डिब्बा (22 इंजेक्शन) डेका डयूराबोलिन नकली इंजेक्शन बरामद किए। जिस पर टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कराते हुए संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
वहीं औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा, उन्नाव के अजय संतोषी, सीतापुर के नवीन कुमार और सुल्तानपुर की अनीता कुरील की टीम ने फतेहपुर स्थित सुमित मेडिकल स्टोर, अफान मेडिकल स्टोर और रमन मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने यहां पर पांच दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजा है। इसके बाद टीम ने देवा में निगम मेडिकल स्टोर और आरएस मेडिकल स्टोर पर छापा मारते हुए एक नमूना भरकर जांच के लिए भेजा। टीम की इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। लोग एक दूसरे से फोन कर टीम की लोकेशन पता करते दिखाई दिए।
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विजिलेंस टीम ने की असली-नकली की पहचान
इंजेक्शन नकली हैं या असली इसकी पहचान के लिए टीम विजिलेंस टीम के प्रदीप चौधरी और मो. कैसर को साथ लेकर आई थी। विजिलेंस के दोनों अधिकारियों ने बताया कि डेका डयूराबोलिन नामक जो इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से बेचे जा रहे थे वह देखने में असली लग रहे थे। चूंकि हम लोगों को असली और नकली की पहचान है जिसकी वजह से हम नकली इंजेक्शन पकड़ने में सफल हो सके।
निशाने पर ग्रामीण क्षेत्र के मेडिकल स्टोर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में नकली दवाएं और इंजेक्शन बेचने का बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है। ये रैकट ग्रामीण क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की आपूर्ति करता है। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर्स पर न तो कंप्यूटर होते हैं और न ही इन दवाओं की पहचान का कोई साधन है। यहीं कारण है कि इस रैकेट के निशाने पर ग्रामीण क्षेत्र के मेडिकल स्टोर सबसे ज्यादा हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अयोध्या मंडल के नेतृत्व में औषधि निरीक्षकों की आठ सदस्यीय टीम ने शहर, फतेहपुर और देवा स्थित छह मेडिकल स्टोर्स की जांच की। शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से ताकत बढ़ाने वाले नकली इंजेक्शन बरामद होने पर मेडिकल स्टोर को सील करवाकर संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही छह दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजा गया है।
-सुमित वर्मा, औषधि निरीक्षक
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सहायक आयुक्त औषधि अयोध्या मंडल एसके चौरसिया के नेतृत्व में मंगलवार को औषधि निरीक्षक बलरामपुर ओपी यादव, बहराइच के राजू प्रसाद की टीम ने शहर के लइया मंडी स्थित बाराबंकी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने जांच के दौरान मेडिकल स्टोर से दो डिब्बा (22 इंजेक्शन) डेका डयूराबोलिन नकली इंजेक्शन बरामद किए। जिस पर टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कराते हुए संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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वहीं औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा, उन्नाव के अजय संतोषी, सीतापुर के नवीन कुमार और सुल्तानपुर की अनीता कुरील की टीम ने फतेहपुर स्थित सुमित मेडिकल स्टोर, अफान मेडिकल स्टोर और रमन मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने यहां पर पांच दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजा है। इसके बाद टीम ने देवा में निगम मेडिकल स्टोर और आरएस मेडिकल स्टोर पर छापा मारते हुए एक नमूना भरकर जांच के लिए भेजा। टीम की इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। लोग एक दूसरे से फोन कर टीम की लोकेशन पता करते दिखाई दिए।
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विजिलेंस टीम ने की असली-नकली की पहचान
इंजेक्शन नकली हैं या असली इसकी पहचान के लिए टीम विजिलेंस टीम के प्रदीप चौधरी और मो. कैसर को साथ लेकर आई थी। विजिलेंस के दोनों अधिकारियों ने बताया कि डेका डयूराबोलिन नामक जो इंजेक्शन मेडिकल स्टोर से बेचे जा रहे थे वह देखने में असली लग रहे थे। चूंकि हम लोगों को असली और नकली की पहचान है जिसकी वजह से हम नकली इंजेक्शन पकड़ने में सफल हो सके।
निशाने पर ग्रामीण क्षेत्र के मेडिकल स्टोर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में नकली दवाएं और इंजेक्शन बेचने का बड़ा रैकेट कार्य कर रहा है। ये रैकट ग्रामीण क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की आपूर्ति करता है। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर्स पर न तो कंप्यूटर होते हैं और न ही इन दवाओं की पहचान का कोई साधन है। यहीं कारण है कि इस रैकेट के निशाने पर ग्रामीण क्षेत्र के मेडिकल स्टोर सबसे ज्यादा हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अयोध्या मंडल के नेतृत्व में औषधि निरीक्षकों की आठ सदस्यीय टीम ने शहर, फतेहपुर और देवा स्थित छह मेडिकल स्टोर्स की जांच की। शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से ताकत बढ़ाने वाले नकली इंजेक्शन बरामद होने पर मेडिकल स्टोर को सील करवाकर संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही छह दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजा गया है।
-सुमित वर्मा, औषधि निरीक्षक