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बाढ़ पीड़ितों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला/बाराबंकी
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:56 PM IST
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flood in azamgarh
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी पर बना एल्गिन चरसड़ी तटबंध पिछले चार दिनों से लगातार कट रहा है, लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारी बेपरवाह है। इसको देखते हुए बाढ़ पीड़ितों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। पीड़ितों ने बंधे पर प्रदर्शन करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं नदी का पानी तेजी के साथ भले ही घट रहा हो लेकिन बंधे में कटान जारी है। जिससे बाढ़ पीड़ितों में दहशत का माहौल है।
घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से भले ही 15 सेमी ऊपर बह रहा हो लेकिन एल्गिन चरसडी तटबंध में पिछले चार दिनों से लगातार कटान हो रही है। नदी की धारा में अब तक सौ मीटर से ज्यादा हिस्सा समा चुका है। लेेकिन बाढ़ खंड के अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
इससे नाराज बंधे पर बसे बाढ़ पीड़ितों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि नदी का पानी बंधे को तेजी से काट रहा है और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं यही हाल रहा तो बंधा किसी भी समय नदी की धारा में समा सकता है। कटान रोकने के लिए जो बल्लियां लगाई गई थी नदी उसे अपने साथ बहा ले गई है।
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आरोप लगाया बाढ़ खंड के अधिकारी की लापरवाही की वजह से अब तक दो मवेशी इनके ट्रैक्टर ट्रालियों की चपेट में आकर घायल हो चुके है और शिकायत के बाद भी इसे ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी की लापरवाही की वजह से अब तक करीब सौ मीटर से अधिक बंधा नदी की धारा में समा चुका है। यदि बंधा कटा तो नयापुरवा गांव समेत कई गांवों को नदी का पानी अपने साथ बहा ले जाएगा। इस मौके पर सुकई, राजू, गजोधर, केसरी, रामनरेश, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे।
नदी का पानी घटने से बाढ़ पीड़ितों के सामने संक्रामक रोग फैलने का खतरा सताने लगा है। वहीं करीब एक दर्जन से ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। लेकिन इन्हें उपचार की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि चिकित्सक आते भी हैं तो बुखार की दो-दो गोलियां देकर औपचारिकता निभाकर वापस चले जाते हैं।
एडीएम अनिल कुमार सिंह ने कहा कि एल्गिन चरसड़ी तटबंध में कटान की जानकारी पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को मौके पर जाने के आदेश दिए गए हैं। यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है तो इनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। बाढ़ पीड़ितों द्वारा बंधे पर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी से इंकार करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों की यदि कोई समस्या है तो उसे सुनकर उसका निराकरण कराया जाएगा।
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घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से भले ही 15 सेमी ऊपर बह रहा हो लेकिन एल्गिन चरसडी तटबंध में पिछले चार दिनों से लगातार कटान हो रही है। नदी की धारा में अब तक सौ मीटर से ज्यादा हिस्सा समा चुका है। लेेकिन बाढ़ खंड के अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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इससे नाराज बंधे पर बसे बाढ़ पीड़ितों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि नदी का पानी बंधे को तेजी से काट रहा है और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं यही हाल रहा तो बंधा किसी भी समय नदी की धारा में समा सकता है। कटान रोकने के लिए जो बल्लियां लगाई गई थी नदी उसे अपने साथ बहा ले गई है।
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आरोप लगाया बाढ़ खंड के अधिकारी की लापरवाही की वजह से अब तक दो मवेशी इनके ट्रैक्टर ट्रालियों की चपेट में आकर घायल हो चुके है और शिकायत के बाद भी इसे ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी की लापरवाही की वजह से अब तक करीब सौ मीटर से अधिक बंधा नदी की धारा में समा चुका है। यदि बंधा कटा तो नयापुरवा गांव समेत कई गांवों को नदी का पानी अपने साथ बहा ले जाएगा। इस मौके पर सुकई, राजू, गजोधर, केसरी, रामनरेश, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे।
नदी का पानी घटने से बाढ़ पीड़ितों के सामने संक्रामक रोग फैलने का खतरा सताने लगा है। वहीं करीब एक दर्जन से ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। लेकिन इन्हें उपचार की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि चिकित्सक आते भी हैं तो बुखार की दो-दो गोलियां देकर औपचारिकता निभाकर वापस चले जाते हैं।
एडीएम अनिल कुमार सिंह ने कहा कि एल्गिन चरसड़ी तटबंध में कटान की जानकारी पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को मौके पर जाने के आदेश दिए गए हैं। यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है तो इनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। बाढ़ पीड़ितों द्वारा बंधे पर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी से इंकार करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों की यदि कोई समस्या है तो उसे सुनकर उसका निराकरण कराया जाएगा।