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वकीलों ने डीएम दफ्तर पर किया प्रदर्शन
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बाराबंकी। रुदौली तहसील को अयोध्या से हटाकर बाराबंकी में शामिल करने की मांग की गई है। इसके लिए वकीलों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा है।
जिला बार एसोसिएशन की अगुवाई में वकीलों ने पहले जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक मांग पत्र डीएम के प्रतिनिधि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। मांग की गई है कि रुदौली तहसील को पूर्व में बसपा सरकार ने जिले से अलग कर अयोध्या में मिला दिया था।
जनभावनाओं की मंशा के विपरीत हुये इस फैसले के विरोध में लगातार विरोध प्रदर्शन होते आ रहे हैं। इसी कड़ी में यह मांग भी रखी गयी कि बाराबंकी जिला को कमिश्नरी अयोध्या से जोड़ रखा गया है जो बिल्कुल गलत है। बाराबंकी लखनऊ से मात्र 25 किमी दूर है जबकि अयोध्या की दूरी बाराबंकी से 100 किमी से अधिक है। ऐसे में इसे लखनऊ में शामिल किया जाए।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, जूनियर एडवोकेट को मानदेय देने व बहुत सीनियर को पेंशन देने की भी मांग की गई है। इस मौके पर अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, महामंत्री नरेश सिंह, सतीश पाण्डेय, दारा यादव, अमित सिंह, तालिब, दिलीप मिश्रा, अंशुमान सिंह, लईक अहमद, रमन लाल द्विवेदी आदि ने विचार व्यक्त कर आंदोलन को गति प्रदान करने की बात कही।
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जिला बार एसोसिएशन की अगुवाई में वकीलों ने पहले जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक मांग पत्र डीएम के प्रतिनिधि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। मांग की गई है कि रुदौली तहसील को पूर्व में बसपा सरकार ने जिले से अलग कर अयोध्या में मिला दिया था।
जनभावनाओं की मंशा के विपरीत हुये इस फैसले के विरोध में लगातार विरोध प्रदर्शन होते आ रहे हैं। इसी कड़ी में यह मांग भी रखी गयी कि बाराबंकी जिला को कमिश्नरी अयोध्या से जोड़ रखा गया है जो बिल्कुल गलत है। बाराबंकी लखनऊ से मात्र 25 किमी दूर है जबकि अयोध्या की दूरी बाराबंकी से 100 किमी से अधिक है। ऐसे में इसे लखनऊ में शामिल किया जाए।
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इसके साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, जूनियर एडवोकेट को मानदेय देने व बहुत सीनियर को पेंशन देने की भी मांग की गई है। इस मौके पर अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, महामंत्री नरेश सिंह, सतीश पाण्डेय, दारा यादव, अमित सिंह, तालिब, दिलीप मिश्रा, अंशुमान सिंह, लईक अहमद, रमन लाल द्विवेदी आदि ने विचार व्यक्त कर आंदोलन को गति प्रदान करने की बात कही।
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