फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   protest

लखीमपुर की घटना से किसानों-सपाइयों में उबाल

Tue, 05 Oct 2021 12:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:45 AM IST
विज्ञापन
protest
बाराबंकी। लखीमपुर खीरी जिले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र की कार से किसानों को रौंदे जाने की घटना के मद्देनजर सोमवार को पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। घटना में नौ लोगों की मौत से गुस्साए किसानों ने जगह-जगह प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन

तो सपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला मुख्यालय से लेकर कई तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। घटना के आरोपी मंत्री की बर्खास्तगी और उनके पुत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किसान और सपा नेताओं ने ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। पर कहीं पुलिस की सख्ती तो कहीं प्रशासन की सूझबूझ के चलते शांतिपूर्ण ढंग से दिन गुजर गया। कई किसान नेताओं को उनके घर पर ही अघोषित रूप से नजरबंद कर दिया गया।
विज्ञापन

जिले में भी सोमवार को लखीमपुर की घटना को लेकर जिस तरह विपक्ष और किसान खासकर भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर कूच करने का एलान किया था। उससे निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन रात से ही मुस्तैद हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीतापुर में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी और लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर के बाद दोनों तरफ से सतर्कता बढ़ गई। पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। एसपी, डीएम समेत सभी आला अधिकारियों ने शहर में रूट मार्च निकाला। सपा विधायक सुरेश यादव की अगुवाई में पूर्व मंत्री समेत कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के निकट छाया चौराहे पर धरना शुरू कर दिया।
उधर भाकियू कार्यकर्ता भी गुस्से में सड़क पर उतर आए और जुलूस निकालते हुए हाईवे पर पहुंच गए। यहां पहुंचे अधिकारियों ने दोनों से मांगों का ज्ञापन लिया। दिनभर प्रदर्शन कारी और पुलिस प्रशासन एक दूसरे पर नजर गढ़ाए हुए थे।
पुलिस ने किसान नेताओं को घरों में किया नजरबंद
बाराबंकी। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक में किसान संगठनों ने धरना-प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंप अपना विरोध व्यक्त किया। जबकि कई वरिष्ठ किसान नेताओं को पुलिस ने घरों में कैद कर दिया। शहर के बेगमगंज स्थित भाकियू के नगर अध्यक्ष मो. इस्माइल की अगुवाई में किसानों ने प्रदर्शन किया।
कहा कि लखीमपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे ने शांतिपूर्ण धरना दे रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर सरकार की मंशा साफ कर दी है। ऐसे में अब किसान चुप नहीं बैठने वाला। इस मौके पर जिला अध्यक्ष केके गुड्डू, बलराम यादव, महादेव, संतोष, सुमित, उबैद, आदि मौजूद थे। बंकी ब्लॉक के गनौरा में किसान नेता विक्रांत सैनी ने लखीमपुर में किसानों पर जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।
सिद्धौर से बाराबंकी आ रहे किसान नेताओं को सिद्धौर चौकी की पुलिस ने रोक लिया। फतेहपुर में किसान यूनियन भानू गुट के नेता दद्दन सिंह ने कस्बे के पटेल चौराहे पर पहुंचकर अपना विरोध जताया और कोतवाल को अपना ज्ञापन सौंपा। टिकैतनगर पुलिस ने भारतीय किसान संगठन के जिला महामंत्री संतोष तिवारी व अध्यक्ष ज्वाला प्रसाद को घर में नजरबंद किया। वहीं सिरौलीगौसपुर में बदोसरायं पुलिस ने किसान नेता शिवम तिवारी को घर में नजरबंद किया।

सपाइयों ने प्रदर्शन कर जताया विरोध
बाराबंकी। लखीमपुर की घटना को लेकर सपा कार्यकर्ता शहर में छाया चौराहे के पास सुबह करीब नौ बजे पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश वर्मा, विधायक धर्मराज यादव, रामगोपाल रावत, हाफिज अयाज, रामनाथ मौर्य के नेतृत्व में प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर सपाइयों का आक्रोश बढ़ गया। करीब सवा 11 बजे पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप धरना स्थल पर पहुंचे तो नारेबाजी और तेज हो गई। सीओे सिटी सीमा यादव मय फोर्स धरना स्थल पर डटी रहीं।
धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम सुमित यादव को सपाइयों ने ज्ञापन सौंपा। रामसनेहीघाट में सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश की गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। सिरौलीगौसपुर में बदोसरायं चौराहे पर धरना दे रहे सपा कार्यकर्ताओं को रोक पुलिस कोतवाली बदासरायं ले आई। हैदरगढ़ में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस सभी सपा कार्यकर्ताओं को कोतवाली लाया गया।
यहां पर पूर्व सांसद रामसागर की अगुवाई में सपाइयों ने धरना दिया और एसडीएम शालिनी प्रभाकर को ज्ञापन सौंपा। वहीं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष चौधरी तालिब नजीब कोकब ने प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को हिरासत में लिए जाने का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सौरभ द्विवेदी, परवीन यादव, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस और बसपा नेताओं ने की निंदा
पूर्व सांसद पीएल पुनिया ने भाजपा सरकार को किसानों की हत्यारी सरकार बताते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे की गिरफ्तारी व उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। लखीमपुर की घटना इसका उदाहरण है। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। वहीं रामनगर विधानसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशी राम किशोर शुक्ला ने सोमवार को आकस्मिक बैठक बुलाकर लखीमपुर खीरी की घटना की निंदा की।

रूट मार्च कर सभी थानों के फोर्स को एलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी प्वाइंट व रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, टोल प्लाजा पर पुलिस फोर्स लगाई गई है। सभी किसान संगठनों से मजिस्ट्रेट द्वारा ज्ञापन लिया जा रहा है। पुलिस व प्रशासन क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। राजनीतिक पार्टियों से भी शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन लिया जा रहा है। जो भी कोई कानून व्यवस्था को हाथ में लेने का प्रयास करेगा। उससे सख्ती से निपटने के साथ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-यमुना प्रसाद, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed