{"_id":"604528348ebc3e59067db011","slug":"potatoes-are-not-being-stored-in-cold-storage-barabanki-news-lko5684366149","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूर नहीं हो रहा आलू भंडारण का संकट, अधिकारी मौन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूर नहीं हो रहा आलू भंडारण का संकट, अधिकारी मौन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। आलू भंडारण की समस्या दूर होने का नाम नहीं ले रही है। किसान आलू लदी ट्रॉलियों के साथ कोल्ड स्टोरेज के बाहर धक्के खा रहे हैं लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदार भी इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। इससे जिले के आलू किसानों को मौजूदा समय में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में इस वर्ष करीब 17 हजार हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने आलू बोया गया। विभाग के अनुसार इस बार मौसम आलू की फसल के अनुकूल रहा। यहीं कारण है कि जिले में इस वर्ष आलू का बेहतर उत्पादन हुआ है। एक अनुमान के तहत जिले में करीब 5 लाख एमटी आलू का उत्पादन हुआ।
आलू भंडारण के लिए मौजूदा समय में जिले में करीब 35 कोल्ड स्टोरेज संचालित हो रहे हैं और इनकी भंडारण क्षमता लगभग 4 लाख एमटी के आसपास बताई जा रही है। लेकिन इस बार किसानों की सबसे बड़ी समस्या आलू भंडारण की है।
विज्ञापन
आलू भंडारण के लिए किसान पिछले 15 दिनों से कोल्ड स्टोरेज के बाहर धक्के खा रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। इससे किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और आलू भंडारण के लिए वह कोल्ड स्टोरेज के बाहर खड़े अपनी बारी के आने इंतजार कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार किसानों की इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
मऊजानीपुर निवासी किसान सुनील बताते हैं कि इस बार आलू का दाम काफी कम है। व्यापारी आलू सात सौ से आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल मांग रहे हैं। जबकि इस दाम पर बेचने में लागत तक नहीं निकल पा रही है यहीं कारण है कि किसान आलू भंडारण पर ज्यादा जोर दे रहा है।
पवैयाबाद निवासी किसान राजेश बताते हैं कि पिछले साल आलू काफी महंगा बिका। इस वर्ष आलू का दाम लागत के अनुरूप नहीं मिल रहा है यहीं कारण है कि किसान आलू बेचने के बजाए भंडारण करना ज्यादा मुनासिब समझ रहा है। जबकि व्यापारी भी आलू को औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं।
देवा निवासी आलू व्यापारी इस्राइल बताते हैं कि इस बार आलू का उत्पादन पिछले साल की अपेक्षा काफी ज्यादा हुआ। बाहर भी आलू की कोई डिमांड नहीं है यहीं कारण है कि आलू के दाम बढ़ नहीं रहे हैं। बताया कि ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज भर चुके हैं अभी आलू के दाम और गिरेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
दफेदार पुरवा स्थित कोल्ड स्टोर मालिक सलाहुद्दीन बताते हैं कि मौसम अच्छा होने की वजह से इस बार आलू का उत्पादन भंडारण क्षमता से ज्यादा हुआ है। जबकि पिछले साल आलू के मिले अच्छे दामों को देखते हुए किसान ज्यादा से ज्यादा आलू भंडारण करना चाह रहा है यही कारण है कि इस बार भंडारण को लेकर दिक्कत हो रही है।
जिला उद्यान अधिकारी महेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में आलू भंडारण के लिए 35 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं इनकी भंडारण क्षमता 4 लाख एमटी के आसपास है। आलू भंडारण को लेकर दिक्कत है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है कोल्ड स्टोरेजों में अभी पर्याप्त जगह है।
विज्ञापन
जिले में इस वर्ष करीब 17 हजार हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने आलू बोया गया। विभाग के अनुसार इस बार मौसम आलू की फसल के अनुकूल रहा। यहीं कारण है कि जिले में इस वर्ष आलू का बेहतर उत्पादन हुआ है। एक अनुमान के तहत जिले में करीब 5 लाख एमटी आलू का उत्पादन हुआ।
विज्ञापन
आलू भंडारण के लिए मौजूदा समय में जिले में करीब 35 कोल्ड स्टोरेज संचालित हो रहे हैं और इनकी भंडारण क्षमता लगभग 4 लाख एमटी के आसपास बताई जा रही है। लेकिन इस बार किसानों की सबसे बड़ी समस्या आलू भंडारण की है।
विज्ञापन
आलू भंडारण के लिए किसान पिछले 15 दिनों से कोल्ड स्टोरेज के बाहर धक्के खा रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। इससे किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और आलू भंडारण के लिए वह कोल्ड स्टोरेज के बाहर खड़े अपनी बारी के आने इंतजार कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार किसानों की इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
मऊजानीपुर निवासी किसान सुनील बताते हैं कि इस बार आलू का दाम काफी कम है। व्यापारी आलू सात सौ से आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल मांग रहे हैं। जबकि इस दाम पर बेचने में लागत तक नहीं निकल पा रही है यहीं कारण है कि किसान आलू भंडारण पर ज्यादा जोर दे रहा है।
पवैयाबाद निवासी किसान राजेश बताते हैं कि पिछले साल आलू काफी महंगा बिका। इस वर्ष आलू का दाम लागत के अनुरूप नहीं मिल रहा है यहीं कारण है कि किसान आलू बेचने के बजाए भंडारण करना ज्यादा मुनासिब समझ रहा है। जबकि व्यापारी भी आलू को औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं।
देवा निवासी आलू व्यापारी इस्राइल बताते हैं कि इस बार आलू का उत्पादन पिछले साल की अपेक्षा काफी ज्यादा हुआ। बाहर भी आलू की कोई डिमांड नहीं है यहीं कारण है कि आलू के दाम बढ़ नहीं रहे हैं। बताया कि ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज भर चुके हैं अभी आलू के दाम और गिरेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
दफेदार पुरवा स्थित कोल्ड स्टोर मालिक सलाहुद्दीन बताते हैं कि मौसम अच्छा होने की वजह से इस बार आलू का उत्पादन भंडारण क्षमता से ज्यादा हुआ है। जबकि पिछले साल आलू के मिले अच्छे दामों को देखते हुए किसान ज्यादा से ज्यादा आलू भंडारण करना चाह रहा है यही कारण है कि इस बार भंडारण को लेकर दिक्कत हो रही है।
जिला उद्यान अधिकारी महेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में आलू भंडारण के लिए 35 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं इनकी भंडारण क्षमता 4 लाख एमटी के आसपास है। आलू भंडारण को लेकर दिक्कत है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है कोल्ड स्टोरेजों में अभी पर्याप्त जगह है।