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बाजार भाव गिरा, बढ़ने लगा भंडारण का दबाव
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बाराबंकी। बेहतर मौसम का असर आलू उत्पादन पर दिखाई देने लगा है। इससे आलू उत्पादक किसान भी उत्साहित थे और अच्छे दाम मिलने की वजह से खेत से ही आलू बेच रहे थे। लेकिन पिछले एक सप्ताह में आलू के दामों में करीब तीन सौ रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। आलू के दामों में गिरावट देख किसान अब खेत से बेचने के बजाए भंडारण पर ज्यादा जोर देने लगे हैं।
कोल्ड स्टोरों पर भी इसका दबाव बढ़ने लगा है और इनके बाहर किसानों की चहल-पहल रौनक दिखाई देने लगी है। विभाग का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में भंडारण क्षमता है, किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। जिले में इस वर्ष करीब 19 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की बोआई किसानों ने की। आलू उत्पादन का लक्ष्य साढ़े चार लाख एमटी निर्धारित है, जबकि उत्पादन पांच लाख एमटी से अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में मौजूदा समय में 37 कोल्ड स्टोर संचालित हो रहे हैं और इनकी भंडारण क्षमता सवा चार लाख एमटी के आसपास है। किसानों के अनुसार अभी तक आलू खेत से ही 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक जा रहा था, इसलिए केवल बीज भर का आलू स्टोरों को भेजा जा रहा था। लेकिन पिछले एक सप्ताह से आलू के दामों में करीब 200 से 300 सौ रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है।
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इस समय आलू 850 से 900 रुपये क्विंटल की दर से बिक रहा है। यहीं कारण है कि किसान अब खेत से आलू बेचने के बजाए भंडारण पर ज्यादा जोर दे रहा है, जल्द से जल्द खेतों को खाली करने में लगा हुआ है। अभी तक आलू की खोदाई कम हो रही थी, लेकिन अब इसमें तेजी आने से भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरों के बाहर लाइनें लगने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
देवा के दफेदारपुरवा स्थित एक कोल्ड स्टोर के मालिक मोइनुद्दीन कहते हैं कि अभी पूरा कोल्ड स्टोर खाली पड़ा है। बाजार में आलू के दामों में गिरावट आई है, इसलिए अब किसान आलू के भंडारण पर ज्यादा जोर देंगे। आलू भंडारण में किसानों को कोई असुविधा न हो इसके लिए कोल्ड स्टोर मालिक पूरी तरह से तैयार हैं।
जिला उद्यान अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में मौजूदा समय में 37 कोल्ड स्टोर संचालित हैं, इनकी भंडारण क्षमता सवा चार लाख एमटी के आसपास है। 6 कोल्ड स्टोर संचालन की प्रक्रिया में है। आलू भंडारण के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुुविधा न हो इस बात के सख्त निर्देश सभी कोल्ड स्टोर मालिकों को दे दिए गए हैं।
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कोल्ड स्टोरों पर भी इसका दबाव बढ़ने लगा है और इनके बाहर किसानों की चहल-पहल रौनक दिखाई देने लगी है। विभाग का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में भंडारण क्षमता है, किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। जिले में इस वर्ष करीब 19 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की बोआई किसानों ने की। आलू उत्पादन का लक्ष्य साढ़े चार लाख एमटी निर्धारित है, जबकि उत्पादन पांच लाख एमटी से अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जिले में मौजूदा समय में 37 कोल्ड स्टोर संचालित हो रहे हैं और इनकी भंडारण क्षमता सवा चार लाख एमटी के आसपास है। किसानों के अनुसार अभी तक आलू खेत से ही 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक जा रहा था, इसलिए केवल बीज भर का आलू स्टोरों को भेजा जा रहा था। लेकिन पिछले एक सप्ताह से आलू के दामों में करीब 200 से 300 सौ रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है।
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इस समय आलू 850 से 900 रुपये क्विंटल की दर से बिक रहा है। यहीं कारण है कि किसान अब खेत से आलू बेचने के बजाए भंडारण पर ज्यादा जोर दे रहा है, जल्द से जल्द खेतों को खाली करने में लगा हुआ है। अभी तक आलू की खोदाई कम हो रही थी, लेकिन अब इसमें तेजी आने से भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरों के बाहर लाइनें लगने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
देवा के दफेदारपुरवा स्थित एक कोल्ड स्टोर के मालिक मोइनुद्दीन कहते हैं कि अभी पूरा कोल्ड स्टोर खाली पड़ा है। बाजार में आलू के दामों में गिरावट आई है, इसलिए अब किसान आलू के भंडारण पर ज्यादा जोर देंगे। आलू भंडारण में किसानों को कोई असुविधा न हो इसके लिए कोल्ड स्टोर मालिक पूरी तरह से तैयार हैं।
जिला उद्यान अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में मौजूदा समय में 37 कोल्ड स्टोर संचालित हैं, इनकी भंडारण क्षमता सवा चार लाख एमटी के आसपास है। 6 कोल्ड स्टोर संचालन की प्रक्रिया में है। आलू भंडारण के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुुविधा न हो इस बात के सख्त निर्देश सभी कोल्ड स्टोर मालिकों को दे दिए गए हैं।