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Barabanki News: हालात पर आंसू बहा रहे आलू किसान
Sat, 11 Mar 2023 01:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 11 Mar 2023 01:58 AM IST
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बाराबंकी। आलू के उत्पादन में प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभाने वाले किसान इन दिनों अपने हालात पर आंसू बहा रहे हैं। उत्पादन अच्छा होने के बाद भी किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आ रही है। इसके पीछे दो बड़ी वजह सामने आ रही हैं। पहला आलू का भाव गत वर्ष की अपेक्षा आधा होना व दूसरी वजह कोल्ड स्टोर में आलू का समय से भंडारित न हो पाना है। तमाम दावों, निरीक्षण और फटकार के बाद हालात जस के तस बने हुए हैं। भाव कम होने से आलू की लागत भी निकल पा रही है।
इस बार जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की बोआई की गई है। आलू की बोआई से लेकर प्रति बीघा 16 से 17 हजार रुपये का खर्च किसानों को उठाना पड़ा। औसतन एक बीघा में 25 से 30 क्विंटल आलू की पैदावार हो रही है। ऐसे में किसानों को एक क्विंटल आलू तैयार करने में करीब 560 रुपये का खर्च उठाना पड़ा, जबकि इस समय महज चार सौ रुपये क्विंटल में ही आलू मांगा जा रहा है।
जो किसान अपना आलू बेच रहे हैं, उन्हें प्रति क्विंटल चार से छह हजार रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। भंडारण के बाद भी अगर आलू का मूल्य एक हजार रुपये प्रति क्विंटल से अधिक नहीं मिलता है, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर में किसानों ने आलू 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा था।
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औने-पौने दाम पर बेचना पड़ेगा आलू
कुर्सी क्षेत्र में राजेंद्र होटल के पास किसान सुलेमान, मसल्लू, शब्बीर, वसीम, शमसाद, नसरुद्दीन, सिराज अहमद समेत अन्य आलू के भाव को लेकर चिंतित नजर आए। किसानों के मुताबिक न तो भाव अच्छा मिल रहा है और न ही कोल्ड स्टोर में समय से भंडारण हो पा रहा है। हालात यही रहे तो इस बार आलू कम भाव में बेचना पड़ेगा। अगले साल दूसरी फसल लगाने के बारे में सोचना होगा।
अच्छा भाव न मिला तो होगा भारी नुकसान
देवा क्षेत्र में सलारपुर कोल्ड स्टोर के पास किसान बाबूजी वर्मा, सुरेश गौतम, जग्गा रावत, अंबिकेश सिंह व सत्यम भंडारण न हो पाने को लेकर चर्चा कर रहे थे। किसानों के मुताबिक टोकन देने के बाद भी तय समय पर आलू नहीं उतरवाया जाता है। अधिकारी भी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के भाड़े से लेकर टोकन मनी, स्टोर चार्ज व मजदूरी मिला लें तो लागत भी नहीं निकल पा रही है। अगर भाव स्टोर में रखने के बाद भी नहीं चढ़ा तो भारी नुकसान होगा।
फैक्ट फाइल
आलू की बोआई- 19500 हेक्टेयर
आलू का उत्पादन- 5.85 लाख मीट्रिक टन
कोल्ड स्टोर- 50
भंडारण क्षमता- 5.50 लाख मीट्रिक टन
अब तक भंडारित आलू- 70 प्रतिशत
भंडारण के लिए शेष आलू- 30 प्रतिशत
बटाईदार हो रहे परेशान
भंडारण के लिए किसानों से खसरा-खतौनी ली जाती है। इससे बटाईदारों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसान खेती बटाई पर लेकर फसल तैयार करते हैं। इनके पास स्वयं के दस्तावेज न होने के कारण टोकन नहीं मिल पा रहा है। बटाईदारों की समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए जा सके हैं।
नहीं मिल रहा टोकन
18 बीघा खेत बटाई पर लेकर आलू बोया था। आलू खुद चुका है, अब समझ में नहीं आ रहा है, आलू लेकर कहां जाएं। कोल्ड स्टोर से टोकन नहीं मिल रहा है। कुछ आलू 425 रुपये क्विंटल के भाव से बेचा है।
- सनौव्वर अली, कटघरा
तीन दिन से लाइन में खड़े
नौ बीघा आलू बोया था। फतेहपुर तहसील के भगौली रोड स्थित मदनपुर कोल्ड स्टोर से सात मार्च का टोकन मिला था, लेकिन अब तक आलू नहीं उतरवाया जा सका है। तीन दिन से लाइन में खड़े हैं।
- रामविलास, कचनारा
कम भाव में लागत निकलना भी मुश्किल
इस बार आलू की पैदावार काफी अच्छी हुई है। उम्मीद थी कि फसल का भाव अच्छा मिलेगा, लेकिन खुदाई से पहले ही बाजार भाव गिरना शुरू हो गया है। चार सौ रुपये के भाव में तो लागत निकालना भी मुश्किल है।
- उमेश चंद्र वर्मा, सलारपुर
आलू पर लागू हो एमएसपी
हम लोग इसी उम्मीद में रहते हैं कि अच्छा भाव मिले तो कोल्ड स्टोर में रखने की जरूरत ही न पड़े। लेकिन यह हर साल की समस्या हो गई है। सरकार को आलू पर भी एमएसपी लागू करनी चाहिए, ताकि किसान परेशान न हों।
- नरेंद्र वर्मा, भगतपुरवा
अभी करीब 70 प्रतिशत किसानों का आलू भंडारित हो चुका है। जिन किसानों का आलू बचा है, उसको भी भंडारित करा लिया जाएगा। सभी कोल्ड स्टोर संचालकों को निर्देशित किया जा चुका है कि वास्तविक किसानों का आलू हर हाल में भंडारित कराएं।
- महेश कुमार श्रीवास्तव, डीएचओ
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इस बार जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की बोआई की गई है। आलू की बोआई से लेकर प्रति बीघा 16 से 17 हजार रुपये का खर्च किसानों को उठाना पड़ा। औसतन एक बीघा में 25 से 30 क्विंटल आलू की पैदावार हो रही है। ऐसे में किसानों को एक क्विंटल आलू तैयार करने में करीब 560 रुपये का खर्च उठाना पड़ा, जबकि इस समय महज चार सौ रुपये क्विंटल में ही आलू मांगा जा रहा है।
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जो किसान अपना आलू बेच रहे हैं, उन्हें प्रति क्विंटल चार से छह हजार रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। भंडारण के बाद भी अगर आलू का मूल्य एक हजार रुपये प्रति क्विंटल से अधिक नहीं मिलता है, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर में किसानों ने आलू 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा था।
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औने-पौने दाम पर बेचना पड़ेगा आलू
कुर्सी क्षेत्र में राजेंद्र होटल के पास किसान सुलेमान, मसल्लू, शब्बीर, वसीम, शमसाद, नसरुद्दीन, सिराज अहमद समेत अन्य आलू के भाव को लेकर चिंतित नजर आए। किसानों के मुताबिक न तो भाव अच्छा मिल रहा है और न ही कोल्ड स्टोर में समय से भंडारण हो पा रहा है। हालात यही रहे तो इस बार आलू कम भाव में बेचना पड़ेगा। अगले साल दूसरी फसल लगाने के बारे में सोचना होगा।
अच्छा भाव न मिला तो होगा भारी नुकसान
देवा क्षेत्र में सलारपुर कोल्ड स्टोर के पास किसान बाबूजी वर्मा, सुरेश गौतम, जग्गा रावत, अंबिकेश सिंह व सत्यम भंडारण न हो पाने को लेकर चर्चा कर रहे थे। किसानों के मुताबिक टोकन देने के बाद भी तय समय पर आलू नहीं उतरवाया जाता है। अधिकारी भी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के भाड़े से लेकर टोकन मनी, स्टोर चार्ज व मजदूरी मिला लें तो लागत भी नहीं निकल पा रही है। अगर भाव स्टोर में रखने के बाद भी नहीं चढ़ा तो भारी नुकसान होगा।
फैक्ट फाइल
आलू की बोआई- 19500 हेक्टेयर
आलू का उत्पादन- 5.85 लाख मीट्रिक टन
कोल्ड स्टोर- 50
भंडारण क्षमता- 5.50 लाख मीट्रिक टन
अब तक भंडारित आलू- 70 प्रतिशत
भंडारण के लिए शेष आलू- 30 प्रतिशत
बटाईदार हो रहे परेशान
भंडारण के लिए किसानों से खसरा-खतौनी ली जाती है। इससे बटाईदारों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसान खेती बटाई पर लेकर फसल तैयार करते हैं। इनके पास स्वयं के दस्तावेज न होने के कारण टोकन नहीं मिल पा रहा है। बटाईदारों की समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए जा सके हैं।
नहीं मिल रहा टोकन
18 बीघा खेत बटाई पर लेकर आलू बोया था। आलू खुद चुका है, अब समझ में नहीं आ रहा है, आलू लेकर कहां जाएं। कोल्ड स्टोर से टोकन नहीं मिल रहा है। कुछ आलू 425 रुपये क्विंटल के भाव से बेचा है।
- सनौव्वर अली, कटघरा
तीन दिन से लाइन में खड़े
नौ बीघा आलू बोया था। फतेहपुर तहसील के भगौली रोड स्थित मदनपुर कोल्ड स्टोर से सात मार्च का टोकन मिला था, लेकिन अब तक आलू नहीं उतरवाया जा सका है। तीन दिन से लाइन में खड़े हैं।
- रामविलास, कचनारा
कम भाव में लागत निकलना भी मुश्किल
इस बार आलू की पैदावार काफी अच्छी हुई है। उम्मीद थी कि फसल का भाव अच्छा मिलेगा, लेकिन खुदाई से पहले ही बाजार भाव गिरना शुरू हो गया है। चार सौ रुपये के भाव में तो लागत निकालना भी मुश्किल है।
- उमेश चंद्र वर्मा, सलारपुर
आलू पर लागू हो एमएसपी
हम लोग इसी उम्मीद में रहते हैं कि अच्छा भाव मिले तो कोल्ड स्टोर में रखने की जरूरत ही न पड़े। लेकिन यह हर साल की समस्या हो गई है। सरकार को आलू पर भी एमएसपी लागू करनी चाहिए, ताकि किसान परेशान न हों।
- नरेंद्र वर्मा, भगतपुरवा
अभी करीब 70 प्रतिशत किसानों का आलू भंडारित हो चुका है। जिन किसानों का आलू बचा है, उसको भी भंडारित करा लिया जाएगा। सभी कोल्ड स्टोर संचालकों को निर्देशित किया जा चुका है कि वास्तविक किसानों का आलू हर हाल में भंडारित कराएं।
- महेश कुमार श्रीवास्तव, डीएचओ