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आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोग देवा में लेते रहे हैं पनाह

Wed, 08 Mar 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 08 Mar 2017 11:52 PM IST
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People associated with terror activities keep taking refuge in Deva
देवा में दुकानदारों की चेकिंग करते एडीएम व पुलिस टीम के लोग - फोटो : अमर उजाला
कौमी एकता का संदेश देने वाली धरती देवा आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों का सुरक्षित ठिकाना रहा है। पहले हुई यहां गिरफ्तारी की यादें आज पुलिस की सर्च कार्रवाई के बाद एक बार फिर ताजा हो गईं।
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भले ही पुलिस व प्रशासन से लेकर खुफिया विभाग आज की कार्रवाई को मात्र रूटीन बताए, पर देवा में हुई अब तक की कार्रवाई पर नजर डालें तो गुलशन कुमार की हत्या के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से लेकर अब तक की हुई कार्रवाई में मामले को संवेदनशील बना दिया है।
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सूत्रों की मानें तो देवा में बाहरी लोगों की आमद जिस तरह से होती है, जायरीन बनकर कोई यहां अपना ठिकाना बना लेता है। जब घटनाएं होती हैं, तब पुलिस प्रशासन भी जागता है। इसके बाद मामला ठंडा पड़ने पर फिर वही पुराना ढर्रा अपनाने के कारण यह स्थान  आपराधिक गतिविधियों की शरणस्थली बनता जा रहा है।
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करीब डेढ़ दशक पूर्व जिले के देवा कस्बा स्थित हाजी वारिस अली शाह की मजार परिसर के पास से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी का गुर्गा व गुलशन कुमार हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब्दुल रशीद मर्चेंट को सपरिवार पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्ष 2006 में एक बार फिर अंडरवर्ल्ड डॉन एजाज लकड़वाला के चार शूटर अनीस रेडियोवाला, नामदेव आदि को एसटीएफ ने देवा कस्बे से ही पकड़ा था।                               
                          
परसिर की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं मजार ट्रस्ट
देवा मजार ट्रस्ट परिसर की सुरक्षा को लेकर कतई गंभीर नहीं है। मजार पर विदेशी व बाहरी प्रांतों से आने वाले जायरीन को परिसर में बिना पुलिस व खुफिया एजेंसियों को सूचना दिए कमरा उपलब्ध करा दिया जाता है। हाई अलर्ट के चलते परिसर की पुलिस द्वारा की गई चेकिंग के दौरान दो पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान हुई।

बिना किसी सूचना के पाकिस्तानी नागरिकों की मजार परिसर पर मौजूदगी से पुलिस के हाथ पैर फूल गए। जांच के दौरान पता चला कि दोनों पाकिस्तानी नागरिक पांच मार्च से मजार के कमरा नंबर 69 में रह रहे थे। इनके पास से टूरिस्ट वीजा भी मिला है ।                                          


जांच के लिए हर हाल में लगवाएं स्कैनर
अपर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने मजार ट्रस्ट के मैनेजर शाद महमूद के साथ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के बाद निर्देश दिया कि ट्रस्ट जायरीन के सामान की जांच के लिए हर हाल में स्कैनर लगवाएं तथा सुरक्षा व्यवस्था के हाईटेक इंतजाम के लिए प्रबंध करें। किसी बाहरी जायरीन के आने पर ट्रस्ट फार्म सी भरकर स्थानीय पुलिस को अवगत कराएं।  
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